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इंफोसिस फाउंडेशन यूएसए का कोड डॉट ओआरजी से करार

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मुंबई| अमेरिका में कंप्यूटर ज्ञान के प्रसार के लिए गैर-लाभकारी संगठन इंफोसिस फाउंडेशन यूएसए ने कोड डॉट ओआरजी से करार किया है। (business hindi news, ) यह जानकारी देश की प्रमुख सॉफ्टवेयर सेवा निर्यातक कंपनी इंफोसिस ने जारी एक बयान में दी। बुधवार को शेयर बाजारों में जारी किए गए बयान के मुताबिक, इस करार के तहत शिक्षकों का पेशेवर विकास, पाठ्यक्रम विकास और सामाजिक प्रसार कार्यक्रम शामिल है।

इस करार के तहत इंफोसिस फाउंडेशन यूएसए ने कोड डॉट ओआरजी के सालाना ‘ऑवर ऑफ कोड’ पहल को भी सहायता दी है। यह एक वैश्विक अभियान है और इसकी मदद से दुनिया भर के 180 देशों के लाखों विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान से जोड़ा गया है।

बयान में कहा गया है कि तीसरे चरण का ऑवर ऑफ कोड अभियान दिसंबर 2015 में शुरू होगा। इसके तहत हर उम्र वर्ग के विद्यार्थियों को एक घंटे वाले कंप्यूटर साइंस ट्यूटोरियल में शामिल होने के लिए उत्साहित किया जाएगा। इस ट्यूटोरियल में कंप्यूटर कोडिंग को सरलता से समझाया जाता है और यह दिखाया जाता है कि कोई भी व्यक्ति कोडिंग के बुनियादी सिद्धांतों को समझ सकता है।

करार के तहत इंफोसिस फाउंडेशन यूएसए की अध्यक्ष वंदना सिक्का को कोड डॉट ओआरजी के बोर्ड में शामिल किया गया है। इस बोर्ड में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन डॉट कॉम जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

कोड डॉट ओआरजी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हदी पाटरेवी ने कहा, “2020 में अमेरिका में कंप्यूटर साइंस की नौकरी में 10 लाख जगह रिक्त रहने का अनुमान है। इंफोसिस फाउंडेशन यूएसए की इस सहायता से कंप्यूटर साइंस की शिक्षा का प्रसार करने में मदद मिलेगी, शिक्षकों का सशक्तीकरण किया जाएगा और हर पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भविष्य का रोजगार लेने में सक्षम बनाया जाएगा।”

इंफोसिस फाउंडेशन यूएसए की अध्यक्ष वंदना सिक्का ने कहा, “कोड डॉट ओआरजी के साथ हमारी साझेदारी से बच्चों को जरूरी कौशल देने के हमारे लक्ष्य में तेजी आएगी, ताकि वे प्रौद्योगिकी का सिर्फ उपभोक्ता न बनें, बल्कि सर्जक भी बनें। कंप्यूटर कौशल अब सिर्फ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए ही नहीं रह गई है। एक अभिभावक के रूप में मैं मानती हूं कि हर बच्चे को यह कौशल सीखने का अवसर मिलना चाहिए।”

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दिल्ली के बड़े सियासी घर में जब जाट चेहरे रखने गये अपनी बात

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यह पंजाबी फेस कैसा रहेगा सामने से आई ये आवाज
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। मेयर चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। बिरादरियों के समीकरण का अपडाउन हो रहा है। मेयर वाला क्राउन किसके सिर पर जायेगा इसे लेकर मंथन हो रहा है। यदि मेयर वाले सीन को देखें तो यहां बिरादरी ही दो फोकस में रही हैं। जिनमें ब्राह्मण और वैश्य बिरादरी का नाम आता है। इस बार तीन वाले सीन में पंजाबी फैक्टर की चर्चा चली है। खास तौर से भाजपा की एक लॉबी ने तो ये माहौल बनाया है कि समीकरण कुछ नही है केवल टिकट की माया है। जिसे भी टिकट मिल गया उसी की उम्मीदों का कमल खिल गया।
लिहाजा इस बार पंजाबी समाज को टिकट दिये जाने का एक माहौल तैयार हो रहा है। यहां पर तीन पंजाबी चेहरों की बात चल रही है। जिनमें अशोक मोंगा का नाम है। अशोक मोंगा महानगर अध्यक्ष रहे हैं, क्षेत्रीय कमेटी में रहे हैं और पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। वहीं यहां पर सरदार एसपी सिंह का भी नाम आता है। एसपी सिंह सौम्य व्यवहार वाले शालीन नेताओं की गिनती में आते हैं। पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं और पंजाबी समाज के खाते में यदि सीट जाती है तो उनका नाम भी लिया जा सकता है। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रहे हैं। महानगर संयोजक रहे हैं और इसी कड़ी में तीसरा नाम जगदीश साधना का भी लिया जाता है। जगदीश साधना भाजपा के उन कर्मठ कार्यकर्ताओं में हैं जो पार्टी के हर कार्यक्रम में दिखाई देते हैं। व्यवहार बेहद शालीन है और बड़ी बात ये है कि एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं। पार्टी यदि पंजाबी समाज को ही फैक्टर मान रही है तो फिर यहां सरदार एसपी सिंह और जगदीश साधना भी एक मुकाम रखते हैं। बहरहाल एक बड़े जाट नेता चाहते हैं कि उनके नाम पर भी कन्सीडर हो। वो मन में यही भाव लेकर दिल्ली के एक बड़े घर में पहुंचे। ये घर सियासी फैसले लेने के लिए भी जाना जाता है। बताते हैं कि यहां पहुंचने पर भगवा जाट नेता ने बड़े चेहरे के सामने बात रखी कि यदि मैं मेयर टिकट के लिए दावेदारी करूं तो …। सूत्र बताते हैं कि जाट चेहरे ने अभी बात पूरी भी नही की थी कि सामने से बड़े नेता की आवाज ये आई कि यह नाम कैसा रहेगा।
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली वाले बड़े चेहरे की जुबान पर गाजियाबाद के एक पंजाबी चेहरे का नाम था। अब जो जाट लीडर अपनी बात लेकर गये थे उनके पास यह सुनने के बाद फिर कहने सुनने को कुछ भी नही बचा था। बात दिल्ली में हुई और फिर इसकी चर्चा गाजियाबाद में भी फैल गयी। राजनीति में चर्चा तो पर्चा भरने के समय होती ही है। लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि यदि बड़े नेता ने ऐसा कहा है तो फिर कुछ तो हवा चल रही है। क्योंकि कुछ तो आग है जो ये धुंआ उठा है, कहीं ना कहीं कुछ तो हुआ है।

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जीडीए ने अवैध कब्जे को कराया मुक्त करोड़ों रुपये की जमीन पर था लंबे समय से कब्जा

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। जीडीए उपाध्यक्ष के द्वारा निर्देश दिये गये कि किसी भी दशा में अवैध कालोनी अवैध निर्माण न होने पाये। उक्त आदेश के अनुपालन में वीरवार को लगातार दूसरे दिन जबरदस्त कार्यवाही करते हुए प्रताप विहार भवन भूखण्ड संख्या केए-170/ 177 के पीछे विद्यमान प्राधिकरण की लगभग 200 वर्गमी जमीन को तथाकथित भू-माफिया महेश यादव से मुक्त करायी गयी। उसी क्रम में उक्त द्वारा स्थल पर दिए गए अस्थायी निर्माण यथा टीन शेड इत्यादि का पूर्णतया ध्वस्त कर दिया। गया दाथा मौके पर तबेले से 08 भैसो को भी हटाया गया। उक्त जमीन पर तथाकथित भु-माफिया द्वारा काफी पहले से अवैध कब्जा किया हुआ था एवं प्राधिकरण के कर्मचारियों का भी धमकाने की बात सामने आयी थी।
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मैडम एडीएम रितु सुहास का है कुछ अलग ही अंदाज

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बेहद सफलता पूर्वक सम्पन्न किया सेवा पखवाड़ा अभियान
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। कुछ अधिकारी हमेशा से अपने काम की कार्यप्रणाली को लेकर एक अलग पहचान रखते हैं। काम के प्रति उनकी लगन और उनका विजन उन्हें सबसे अलग बनाता है। ऐसे ही अधिकारियों में एडीएम प्रशासन रितु सुहास का भी नाम आता है। एक ऐसी अधिकारी जिनके काम करने का अंदाज ही अलग है। वो चाहे मतदाता जागरूकता अभियान में स्वीप हो या फिर लखनऊ में हैन्डलूम फैशन शो हो। एक बार फिर रितु सुहास ने अपने अलग अंदाज से नगर सेवा पखवाड़े को एक पहचान दी है। 72 घंटे का अभियान सफलतापूर्व चलाकर उन्होंने स्वच्छता का नया संदेश दिया है। इस अभियान में 762 निकाय शामिल थे, जिसमें लोनी भी शामिल था। इसे नगर सु शोभन अभियान का नाम दिया गया था। इस अभियान में उन लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था जो कूड़ा ईधर उधर डाल रहे थे। एडीएम प्रशासन रितु सुहास के पास लोनी का भी प्रभार है। उन्होंने लोनी में 15 स्थान चिन्हित कराये जहां पर लोग कूड़ा डाल रहे थे। रितु सुहास ने अभियान को एक चुनौती के रूप में लिया और सामाजिक सहयोग से उन्होंने इन स्थानों की दशा ही बदल दी। जहां पर लोग कूड़ा डालते थे वहां पर खूबसूरत पेंटिंग बनाई गयी हैं। इनमें कई मैट्रो पिलर भी ऐसे हैं जहां पर गंदगी हटाकर खूबसूरत पेंटिंग लगाई गयी हैं। अब यहां खूबसूरती दिखाई दे रही है और गंदगी नहीं दिखाई दे रही। एडीएम प्रशासन रितु सुहास ने लोगों से अपील की है कि वो इस अभियान को सफल बनायें और अपने आस पास ना किसी को गंदगी फैलाने दें और ना ही खुद फैलायें।

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