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लेदर बैक, 808 स्नैपड्रैगन और 16MP कैमरे के साथ G4 लॉन्च

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नई दिल्ली: एलजी ने अपने 2015 के सबसे शानदार फ्लैगशिप G4 को लॉन्च कर दिया है.  कंपनी का ये डिवाइस काफी कुछ G3 से मिलता जुलता है. (gadgets hindi news) साथ ही बैक बॉडी पर पावर बटन भी G3 की याद दिलाएगा.

इस फोन में जो नया और खास है वह है इसका बैक पैनल जिसे पूरी तरह लेदर से कवर किया गया, लेदर इस फोन को काफी एसथेटिक लुक दे रहा है. इसके साथ ही अगर इस फोन कई कलर वैरिएंट के साथ लॉन्च किया गया है.

 ये डिवाइस मैटेलिक ग्रे, सिरेमिक व्हाइट, शिनी गोल्ड कलर वैरिएंट में मौजूद होगा वहीं इसका लेदर बैक पैनल स्मार्टफोन ब्लैक, ब्राउन, रेड, स्काई ब्लू और यलो कलर के साथ मौजूद होगा. कंपनी के मुताबिक एक लेदर बैक कवर बनाने तीन महीने का समय लगा है.

फीचर्स की बात करें तो G4 का डिस्प्ले 5.5 इंच है, जिसकी पिक्स्ल रिजॉल्यूशन 2560×1440 है इसका प्रोसेसर G3 जैसा ही है बस कुछ नई टेक्निक जैसे क्वॉलकॉम Snapdragon 808 चिप से इसके प्रोसेसर को और भी फास्ट बनाया गया है.

 3GB रैम और इसकी इंटरनल मैमोरी 32GB होगी जिसे माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से 128GB तक बढ़ाया जा सकता है. इसके साथ ही गूगल ड्राइव स्टोरेज के लिए 100GB स्टोरेज की जगह दी गई है.

 G4 स्मार्टफोन एंड्रॉइड के वर्जन 5.1 लॉलीपॉप ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा. साथ ही में, कंपनी का LG UX 4.0 ऑपरेटिंग सिस्टम भी मौजूद रहेगा.

 स्मार्टफोन को दमदार बनाने के लिए कंपनी ने इसमें 3000mAh की बैटरी दी है. ये बैटरी रिमूवेबल है. बैटरी की लाइफ और बैकअप ज्यादा देने के लिए इसमें स्मार्ट पावर सेविंग UX का इस्तेमाल किया गया है. कंपनी का ऐसा दावा है कि इतनी ही पावर वाली बैटरी की तुलना में LG G4 की बैटरी ज्यादा बैकअप देगी. इसकी बैटरी को वायरलेस तकनीक से भी चार्ज किया जा सकेगा.

 इसमें 16 मेगापिक्सल कैमरा लेजर ऑटोफोकस के साथ दिया गया है. कंपनी के मुताबिक, ये महज 0.276 सेकंड में प्रोजेक्ट पर फोकस कर सकता है. इस कैमरे में अपर्चर F1.8 का इस्तेमाल किया गया है, जो 80 प्रतिशत ज्यादा ब्राइटनेस के साथ फोटो खींचता है. सेल्फी के लिए इसके फ्रंट में 8 मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है. कैमरे की खास बात ये भी है कि इसमें सिंपल और ऑटो मोड के साथ मैनुअल मोड भी दिया गया है. यानी यूजर्स अपनी स्वेच्छा अनुसार फोटो खींच सकता है.

 कंपनी ने अभी तक अपने इस डिवाइस की कीमत का खुलासा नहीं किया है. ये फोन साउथ कोरिया में सबसे पहले लॉन्च होगा. भारत में ये फोन कब तक आएगा इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है.

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गाजियाबाद में नशा मुक्ति केंद्र से 40 मरीज फरार

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मालिक और मैनेजर को पहले पीटा और फिर भागे, 20 मरीजों पर हमले की ऋकफ
गाजियाबाद। एक नशा मुक्ति केंद्र से करीब 40 मरीज फरार हो गए। आरोप है कि मरीजों ने केंद्र संचालक और मैनेजर पर हमला बोल दिया। इसके बाद वे भाग निकले। ये घटना 25 नवंबर की है। जिसमें शुक्रवार देर रात थाना ट्रोनिका सिटी में संचालक ने ऋकफ दर्ज कराई है।
ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र स्थित गांव हरमनपुर के जंगल में ‘न्यू सेलेन्पी फाउंडेशन’ नाम से एक नशा मुक्ति केंद्र चलता है। इसका मालिक नई दिल्ली के गांव मटियाला निवासी सुनील कुमार है। सुनील के मुताबिक, 25 नवंबर को अपनी मैनेजर प्रियंका के साथ केंद्र पर मौजूद थे।
रात करीब साढ़े 8 बजे केंद्र में इलाज कराने आए 12-13 मरीज एकत्र होकर बाहर आ गए और जान से मारने की नीयत से दोनों पर हमला बोल दिया। इस मारपीट के दौरान कुल 40 मरीज केंद्र से भाग गए।
केंद्र मालिक सुनील कुमार ने मारपीट करने वाले मरीज अब्बास, हैदर, महबूब, अंकित, अमित, समीर, कपिल व करीब 12-13 अन्य के खिलाफ कढउ सेक्शन-147, 148, 323, 307 में थाना ट्रोनिका सिटी में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र संचालक से मरीजों की सूची ली जा रही है। इस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में विवादित रहे हैं ये केंद्र
3 जुलाई 2021 को मुरादनगर थाना क्षेत्र के गांव असालनगर स्थित नशा मुक्ति केंद्र की खिड़की तोड़कर 14 मरीज भाग गए थे। हालांकि आठ मरीज खुद से लौट आए और छह मरीजों को पुलिस ने ढूंढ निकाला था। मरीजों का कहना था कि 1 जुलाई 2021 को एक मरीज की मौत हो जाने से वे घबरा गए थे और इस वजह से भाग गए थे।
अक्तूबर 2019 में गाजियाबाद के एक नशा मुक्ति केंद्र संचालक साबिर खान की मरीजों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। आरोप था कि वो मरीजों से अभद्रता से पेश आता था। अच्छा खाना नहीं देता था।
जो मरीज विरोध करता था, उसके साथ मारपीट होती थी। इस मामले में कई मरीजों की गिरफ्तारी हुई और वे जेल भी गए थे।

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नगर निगम की चुनावी स्टोरी में अब आयेगा दावेदारी का ट्विस्ट

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आ गयी उत्तर प्रदेश शासन से निगम के सौ वार्डों की आरक्षण वाली लिस्ट
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। निगम चुनाव को लेकर पहला काउंट डाउन शुरू हो गया है। अभी तक संगठन भी बॉयोडाटा नहीं ले रहा था और तर्क ये दिया जा रहा था कि जब तक वार्ड के आरक्षण की सूची नहीं आ जायेगी तब तक दावेदारी का ही पता नहीं चलेगा। वार्ड आरक्षण के बाद उसी सूची के दावेदारों से उनके आवेदन लिये जायेंगे। गुरुवार की शाम को पहले निकाय चुनाव सह संयोजक राजीव गुम्बर पार्टी कार्यालय पर चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक ली। इसके कुछ घंटे बाद उत्तर प्रदेश शासन से निगम की वार्ड आरक्षण सूची जारी हो गयी है। कई जिलों के निगम क्षेत्र के वार्ड के इस सूची में गाजियाबाद जिला भी शामिल है। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 7 उपधारा के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने गाजियाबाद नगर निगम के वार्डों को पार्षद पद हेतू अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों और महिलाओं के लिए आरक्षित करने के लिए प्रकाशित होने के लिए जारी किया।
अगर मन में है कोई आॅब्जेक्शन तो सात दिन में करें आवेदन
नगर निगम की वार्ड सूची आ गयी है। वार्ड के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट है, लेकिन यदि सूची को लेकर किसी के भी मन में कोई कष्ट है तो कार्यवाही का सीन भी एकदम स्पष्ट है। यदि कोई भी इस सूची को लेकर आॅब्जेक्शन कर रहा है तो वो इलेक्शन से पहले और सूची प्रकाशित होने के सात दिन के अंदर जिलाधिकारी के यहां अपना आॅब्जेक्शन दर्ज करा सकता है। कोई सुझाव है तो उसे भी लिखित रूप में दिया जा सकता है। विशेष ध्यान इस बात का रहे कि केवल उन्हीं आॅब्जेक्शन पर विचार किया जायेगा जो निर्धारित अवधि के अंदर यानी एक दिसम्बर से लेकर सात दिसम्बर के बीच डीएम कार्यालय में लिखित रूप से प्राप्त होंगे।

करंट क्राइम ने पहले ही बता दिया था सटीक अनुमान
(करंट क्राइम)। गुरुवार को जब शासन से निगम वार्ड आरक्षण लिस्ट जारी हुई तो यहां एक बार फिर करंट क्राइम की खबर पर सटीकता और सत्यता की मोहर लगी। दैनिक करंट क्राइम ने काफी पहले ही लिस्ट को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। उठते सवालों के जरिये रोज वार्ड की आरक्षण स्थिति को बताया था। प्रशासन वाली लिस्ट से पहले करंट क्राइम ने एक संभावित अनुमान बताया था। गुरुवार की शाम जब लखनऊ से लिस्ट वाली खबर आयी तो करंट क्राइम की खबर पर सटीकता की मोहर लगी।

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मृणालिनी सिंह ने आज की अपने बर्थडे पर विशेष अपील बुके गिफ्ट ना दें और अनाथालय से लेकर जानवरों को करायें फीड

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वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। लोकसभा सांसद व केन्द्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह की सुपुत्री मृणालिनी सिंह हमेशा से मानवीय पहलू के साथ कोई भी काम करती हैं। सियासत से ज्यादा उनकी रूची मानव सहायता में रहती है। यदि किसी गरीब असहाय व्यक्ति की मदद की बात है तो वह स्वयं आगे
आती हैं।
जब करंट से झुलस कर एक गरीब रिक्शा चालक की बेटी विकलांग हो गयी थी और सुनवाई नहीं हो रही थी तब मृणालिनी सिंह इस बेटी की मदद के लिए आगे आयी थीं। नतीजा ये रहा कि गरीब रिक्शा चालक की बेटी आज स्कूल भी जा रही है और उसकी आर्थिक मदद के साथ कत्रिम हाथ भी लग चुका है। मृणालिनी सिंह एक पशु प्रेमी महिला भी हैं। मनोविज्ञान में डॉक्टरेट हैं और जानती हैं कि कौन सी बात अपील करती है और वो उन मानवतावादी चेहरों में हैं जो असहाय वर्ग के दुख को दिल से फील करती हैं। यही वजह है कि आज जब उनका जन्मदिन है तो उन्होंने जन्मदिन की शुभकामनाओं से लेकर तोहफे वाली घड़ी से पहले अपने सभी शुभचिन्तकों और समर्थकों से एक मानवीय अपील की है। मृणालिनी सिंह ने जन्मदिन की बधाई देने आने वाले सभी लोगों से ये अपील की है कि वह उनके जन्मदिन पर फूलों का बुके ना लायें और ना ही कोई गिफ्ट लेकर आयें। मृणालिनी सिंह ने अपील की है कि उनके जन्मदिन पर जो भी धनराशि बधाई देने वाले बुके या गिफ्ट में खर्च करते उतनी धनराशि को वह अनाथालयों और वृद्ध आश्रम में दान करें और इसी के साथ जीवन में मानव सेवा का एक काम महान करें। मृणालिनी सिंह ने ये भी अपील की है कि उनके जन्मदिन पर बधाई देने वाले पशु पक्षियों के प्रति भी अपने प्रेम का इजहार करें। गौशाला में चारे का दान करें तो सड़क किनारे असहाय भूखे जानवरों के लिए भी थोड़ा बहुत भोजन दान करें। मृणालिनी सिंह ने सभी से अपील की है कि वह मानव सेवा से लेकर पशु पक्षी के प्रति भी मानवीय रवैया अपनायें और उन्हें भोजन करायें।

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