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ज्योतिष

यह 6 चीजें ऐसी हैं जिन्हें घर में रखने से होता है नुकसान

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वास्तुशास्त्र में बताया गया है कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें घर में रखने से आर्थिक नुकसान के साथ धन आगमन में बाधाओं का भी सामना करना पड़ता है।

लेकिन अनजाने में हम उसे घर में सजाए रखते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि घर में नकारात्मक उर्जा का संचार होने लगता है और घर के लोग आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक तौर पर परेशान रहने लगते हैं।

वास्तु विज्ञान में बताया गया है कि कांच की चीजों का टूटना जितना नुकसानदायक नहीं है उससे कहीं अधिक हानिकारक टूटी हुई कांच की वस्तुओं को घर में रखना है।

बहुत से लोग दरवाजे, खिड़कियों में लगे कांच के टूट जाने पर भी उसे बदलवाते नहीं है और टूटे हुए कांच को लगे रहने देते हैं। ऐसे में वास्तुदोष उत्पन्न होता है जो आर्थिक नुकसान का कारण बनता है।

टूटे हुए आइने को भी कभी घर में नहीं रखना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि टूटे हुए आइने में चेहरा नहीं देखें।

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में रखी घड़ियों से भी उर्जा प्रभावित होती है। चलती हुई घड़ी सकारात्मक उर्जा को आकर्षित करती है जबकि बंद और खराब हुई घड़ी नकारात्मक उर्जा को बढ़ाती है।

उन्नति और धन संबंधी परेशानियों से बचाव के लिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बंद हुई घड़ी को चालू करलें।

अगर घड़ी खराब हो चुकी है और चलने लायक नहीं है तो उसे घर में यादगार बनाकर न रखें।

भगवान की पूजा आप जरूर करते होंगे और उनकी मूर्ति भी आपके घर में होगी। लेकिन कई बार अनजाने में भगवान की मूर्तियों से भी व्यक्ति को नुकसान उठाना पड़ता है।

वास्तुविज्ञान के अनुसार घर में भगवान की टूटी हुई मूर्ति भूलकर भी नहीं रखें। भगवान की टूटी हुई मूर्तियों को घर में रखने से घर में नकारात्मक उर्जा का प्रवाह होने लगता है जिससे घर में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं।

इस तरह फटी हुई और पुरानी हो चुकी भगवान की तस्वीरों को भी घर में नहीं रखना चाहिए। ऐसी तस्वीरें और मूर्तियों को जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।

बहुत से लोगों को पेड़ पौधे लगाने का शौक होता है, हो सकता है कि यह शौक आप भी रखते हों।

लेकिन वास्तुविज्ञान के अनुसार घर में लोगों के बीच आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने के लिए कभी भी कांटे वाले पौधों को घर में नहीं रखना चाहिए। इससे उर्जा का प्रवाह प्रभावित होता है, उन्नति और लाभ में भी बाधा आती है।

इस बात का भी ध्यान रखें कि जिन पौधों के पत्ते सूख या गल चुके हों उनके गले सूखे पत्तों को तोड़कर घर के बाहर फेंक दें। शयन कक्ष के अंदर कभी भी पौधा नहीं रखना चाहिए।

 

खराब और बेकार की चीजों को घर में सहेज कर रखने से नकरात्मक उर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। इससे स्वास्थ्य और धन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

खराब विद्युत उपकरण जैसे टीवी, कंप्यूटर, फ्रीज और दूसरे जो भी सामान हों उसे खराब होने पर जल्दी ठीक करवा लें। खराब सामान को घर में रखना अपने लिए नुकसान को बुलावा देना है।

देवी लक्ष्मी धन की देवी हैं। इनकी कृपा से व्यक्ति को धन धान्य की प्राप्ति होती है। लेकिन अनजाने में कई बार देवी लक्ष्मी की मूर्ति और तस्वीर ही धन संबंधी मामलों में परेशानी का कारण बन जाती है।

वास्तुविज्ञान के अनुसार कभी भी किसी एक देवी देवता की मूर्ति आमने-सामने नहीं रखनी चाहिए। यानी आपके घर में दो लक्ष्मी माता की मूर्ति या तस्वीर है तो दोनों को एक दूसरे के आमने सामने नहीं रखें।

ऐसा होने से धन आगमन का मार्ग बाधित होता है और खर्च बढ़ जाते हैं। देवी लक्ष्मी ही नहीं इस बात का ख्याल हर देवी देवता के मामले में रखें।

ज्योतिष

मंगलवार से शुरु होगा पितृपक्ष

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जबलपुर। श्राद्धपक्ष की शुरूआत आज मंगलवार से हो रही है। इस बार श्राद्ध पक्ष १६ दिन के ही हैं। आज से १६ दिन तक पितृपक्ष चलेंगे। सनातन परम्परा के अनुसार पितरों को पानी देने वाले श्रावक स्नान दान पूर्णिमा की सुबह-सुबह नर्मदा तट पर पहुंचेगे और अपने पितरों का आह्वान करेंगे। पितृपक्ष के इन दिनों में प्रतिदिन नर्मदा के पावन तट पर पितरों को जल अर्पण करने, पिण्डदान करने का सिलसिला जारी रहेगा। पितृपक्ष में सभी शुभ कार्य बन्द कर दिये जाते हैं। पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के श्राद्ध-कर्म में ब्राम्हण-भोज, तर्पण और पिण्डदान की क्रियाएं की जाती हैं। इन दिनों में शादी विवाह, भवन-भूमि या वाहन खरीदी के साथ-साथ कपड़े, सोना-चांदी भी नहीं खरीदा जाता है। नर्मदा तटों के अलावा घरों में भी पितरों का तर्पण किया जाता है। नियत तिथि पर श्राद्ध करने की विधि निश्चित है। जिन जातकों को अपने पितरों के मृत्यु की तारीख ज्ञात नहीं होती, वे पितृमोक्ष अमावस्या के दिन तर्पण कर सकते हैं। आज श्राद्ध पूर्णिमा पर पहले तर्पण के साथ पितृपक्ष आरंभ होगा। पिण्डदान, तर्पण का सिलसिला शुरु होगा। ऐसी मान्यता है कि आश्विन मास के पहले पखवाड़े में दिवंगत पूर्वज मृत्यु-लोक में अपनी संतानोंं की कुशलक्षेम जानने आते हैं। कृतज्ञ संतानें अपने इन पूर्वजों को कुश की विशेष अंगूठी धारण कर पूरे पखवाड़े जल से तर्पण देते हैं। इसके साथ ही दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर पिण्डदान करने के अलावा बाह्मण भोजन और एक अंश भोजन गाय व कौओं को भी अर्पित करते हैं।

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राशिफल

आज का राशिफल (19/06/2021)

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शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि दसवीं, रविवासरे, चित्रा नक्षत्रे, वलयोगे, गणकरणे, तुला की चंद्रमा, भद्रा 12/23 रात्रि तक श्री गंगा दशहरा, वृक्षारोपण, नवान्त पद विद्यारंभ व्यापार मुर्हूत रवियोग तथापि पश्चिम दिशा की यात्रा शुभ होगी।

आज जन्म लिए बालक का फल…..
आज जन्म लिया बालक दार्शनिक, बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, वाक पटु तथा नीत निपुण, शिक्षक, लेक्चरार, अधिवक्ता, नेता-अभिनेता, कुशल वक्ता-अधिवक्ता, विधायक, राज्य मंत्री, मुख्यमंत्री होगा।

मेष राशि :- हर्ष, यात्रा, सुख-सफलता, हानि, गृह-कलह, मानसिक अशांतिकारक हो ।
वृष राशि – विरोध, व्यय, कष्ट, अशांति, लाभ होगा, शिक्षा-लेखन कार्य में सफलता मिले।
मिथुन राशि :- व्यापार में क्षति, यात्रा, विवाद, उद्योग-व्यापार की स्थिति में कमी, हानि होगी।
कर्क राशि – शरीरादि मध्यम, भूमि व राजलाभ, असफलता का दिन सबित होगा।
सिंह राशि – वाहन आदि भय, कष्ट, राजसुख, यात्रा होगी, शुभ कार्य में व्यावधान होगा।
कन्या राशि – व्यय, प्रवास, विरोध, भूमि लाभ होगा, राजकार्य में व्यावधान, लाभ होगा।
तुला राशि – रोगभय, मातृ-सुख, खर्च, यात्रा, व्यापार में सुधार हो सकता है, कार्य होगा।
वृश्चिक राशि – कार्यसिद्ध, लाभ, विरोध, भूमि लाभ होगा, राजकार्य में व्यस्तता रहेगी।
धनु राशि – लाभ, धर्म रुचि, यश, हर्ष, यात्रा, समय शिक्षा जगत की ख्याति सामान्य रहेगी।
मकर राशि – विरोध, व्यापार में हानि, शरीर कष्ट, अधिक खर्च करने से कुछ कार्य होवेंगे।
कुंभ राशि – व्यय, प्रभाव, लाभ, प्रतिष्ठा, रोगभय, विरोधी असफल अवश्य होंगे।
मीन राशि – राजभय, यश लाभ, मान, चोटभय, राजकार्य में विलम्ब, परेशानी बढ़ेगी।

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राशिफल

आज का राशिफल (18/06/2021)

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शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि नवमी, शनिवासरे, हस्त नक्षत्रे, वलयोगे, कौलवकरणे, रोग विमुक्ता, स्नान मुर्हूत, गृह प्रवेश देव प्रतिष्ठा त्रिपुस्कर योग उपक्रर्म औषधि सेवन मुर्हूत वाहन क्रय विक्रय मुर्हूत तथापि दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी।

आज जन्म लिए बालक का फल….
आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, कुशल वक्ता, शासक-प्रशासक, शिक्षक, लेक्चरार, प्रोफेसर, प्रिंसपाल, लेखक-कवि, उत्तम प्रकृति का लोभी, दम्भी, जिद्दी-हठी, संत-महात्मा, ज्ञानी तथा परोपकारी, योगी पुरुष होगा।

मेष राशि :- यात्रा व वृत्ति से लाभ, कुसंग से हानि, कुछ सहयोग रहे, पारिवारिक समाचार।
वृष राशि – शुभ कार्य, भूमि से हानि, सिद्धी, कभी-कभी विरोधी अडंगे करते रहेंगे, कार्य बनेंगे।
मिथुन राशि :- अधिक व्यय, स्वजन कष्ट, विवाद, आर्थिक कमी का अनुभव अवश्य होगा।
कर्क राशि – हानि, रोगभय, नौकरी में कष्ट, चिन्ता, राजकार्य, मामले-मुकदमे में असंतोष।
सिंह राशि – निराशा, लाभ, कार्य में सफलता, आर्थिक सुधार आदि होगा।
कन्या राशि – शरीर कष्ट, लाभ, राजभय, उद्योग-व्यापार में अडंगे अवश्य ही आयेंगे।
तुला राशि – चोट-अग्नि भय, धार्मिक कार्य, कष्ट, व्यर्थ अनाप-शनाप खर्च से परेशानी।
वृश्चिक राशि – बाधा, उलझन, लाभ, यात्रा, कष्ट, गृहकार्य में परेशानी अवश्य रहेगी।
धनु राशि – शत्रुभय, मुकदमे में जीत, रोगभय होगा, व्यापार में सुधार, कष्ट अवश्य होगा।
मकर राशि – व्यापार में लाभ, शत्रुभय, धन सुख, सुधार, खर्च होते ही रहेंगे, ध्यान रखें।
कुंभ राशि – कलह, व्यर्थ खर्च, सफलता प्राप्त हो, विरोधी असफल रहें, व्यापार में सुधार होगा।
मीन राशि – स्वजन सुख, पुत्र-चिन्ता, धन हानि, व्यापार की स्थिति अच्छी नहीं रहे।

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