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ज्योतिष

आज साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानिए क्या होगा असर

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आज चैत्र मास की अमावस्या तिथि है तथा इस दिन वर्ष 2015 का पहला संपूर्ण खगोलीय सूर्य ग्रहण(Solar eclipse) लग रहा है। संपूर्ण खगोलीय सूर्य ग्रहण तब घटित होता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तथा पृथ्वी को पूरी तरह से अपने छायाक्षेत्र में कर लेता है। संपूर्ण खगोलीय सूर्य ग्रहण के समय सूर्य की रोशनी पूरी तरह से पृथ्वी पर नहीं आ पति है, जिसके कारण सूर्य ग्रहण के दौरान अंधेरे जैसी स्थिति बनती है।

वर्ष का पहला खग्रास सूर्य ग्रहण 20 मार्च दिन शुक्रवार दोपहर 1:11 बजे से सांय 5:20 बजे तक पड़ेगा। ग्रहण की कुल अवधि 4 घण्टे 20 मिनट होगी। इस खगोलीय घटना को यूरोप, अफ्रीका, ग्रीन लैंड, आइस लैंड व अटलांटिक महासागर में देखा जा सकेगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। भारत में इस ग्रहण का प्रभाव तो नहीं है लेकिन धार्मिक महात्व जरूर है।

ग्रहण का स्पर्श- अपरान्ह 1:11 बजे। ग्रहण का प्रारम्भ- अपरान्ह 2:39 बजे। ग्रहण का मध्य- अपरान्ह 3:15 बजे। ग्रहण का समाप्त- अपरान्ह 3: 51 बजे। ग्रहण का मोक्ष- सांय 5:20 बजे।

गर्भवती महिलाएं रखें ध्यान-

ग्रहण के दौरान खास ध्यान गर्भवती महिलाओं को रखना होगा। क्योंकि इसका प्रभाव होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है। अगर आप गर्भवती हैं तो ग्रहण के वक्त ईश्वर का ध्यान करें। तेज़ धार वाली वुस्तुओं से दूर रहें।

मार्च के महीने में जब गेंहूँ की फसल में दाना पूरा आकर ग्रहण कर रहा होता है तो उसे पकने के लिए कुछ गर्मी की ज़रूरत होती है। अमूमन फागुन के महीने से सर्दी के विदाई होने लगती है और चैत्र में मौसम गर्म होने लगता है। लेकिन इस वर्ष जल तत्व की राशियों (कर्क, वृश्चिक और मीन) में चल रहे गुरु, शनि और मंगल के प्रभाव से मार्च के महीने में वर्षा का पिछले 100 साल का रिकार्ड टूट गया।

अब आगामी सूर्य ग्रहण के बाद मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। 20 मार्च को पडऩे वाला सूर्य ग्रहण यद्यपि भारत में दिखाई नहीं देगा किन्तु इसके तुरंत बाद उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। यह सूर्य ग्रहण मीन राशि में पड़ेगा जो की एक जल तत्व की राशि है जिसके प्रभाव से ग्रहण के 3 दिन के भीतर हल्की वर्षा होगी।

सामान्यता ग्रहण काल को जीवों हेतु शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र के दार्शनिक खंड के अनुसार खगोलीय ग्रहण के दौरान समस्त जीवों पर इसका शुभाशुभ प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष व धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में दान-पुण्य व मंत्रजाप का विशिष्ट महत्व बताया गया है। शास्त्रानुसार ग्रहण से पूर्व और ग्रहण के बाद आवश्यक रूप से नहाना चाहिए।

संपूर्ण सूर्य ग्रहण का विभिन्न राशियों पर प्रभाव-

मेष राशि- आर्थिक हानी व अत्यधिक फिजूलखर्ची हो सकती है।

वृष राशि- अकस्मात धन लाभ के योग हैं।

मिथुन राशि- कार्यक्षेत्र में परेशानी आने की संभवना है।

कर्क राशि- दैवीय कृपा से बिगड़े हुए काम बन सकते हैं।

सिंह राशि- शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

कन्या राशि- दांपत्य संबंधों में नज़दीकिया व मधुरता आ सकता है।

तुला राशि- शारीरिक रोग व दैहिक पीड़ा की संभवना है।

वृश्चिक राशि- संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं।

धनु राशि- प्रोपर्टी क्षेत्र से लाभ के योग हैं।

मकर राशि- पराक्रम बढ़ेगा व मान सम्मान मिल सकता है।

कुंभ राशि- चोरी व धन हानी के योग हैं।

मीन राशि- मानसिक विकार व उद्वेग के संकेत हैं।

ज्योतिष

मंगलवार से शुरु होगा पितृपक्ष

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जबलपुर। श्राद्धपक्ष की शुरूआत आज मंगलवार से हो रही है। इस बार श्राद्ध पक्ष १६ दिन के ही हैं। आज से १६ दिन तक पितृपक्ष चलेंगे। सनातन परम्परा के अनुसार पितरों को पानी देने वाले श्रावक स्नान दान पूर्णिमा की सुबह-सुबह नर्मदा तट पर पहुंचेगे और अपने पितरों का आह्वान करेंगे। पितृपक्ष के इन दिनों में प्रतिदिन नर्मदा के पावन तट पर पितरों को जल अर्पण करने, पिण्डदान करने का सिलसिला जारी रहेगा। पितृपक्ष में सभी शुभ कार्य बन्द कर दिये जाते हैं। पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के श्राद्ध-कर्म में ब्राम्हण-भोज, तर्पण और पिण्डदान की क्रियाएं की जाती हैं। इन दिनों में शादी विवाह, भवन-भूमि या वाहन खरीदी के साथ-साथ कपड़े, सोना-चांदी भी नहीं खरीदा जाता है। नर्मदा तटों के अलावा घरों में भी पितरों का तर्पण किया जाता है। नियत तिथि पर श्राद्ध करने की विधि निश्चित है। जिन जातकों को अपने पितरों के मृत्यु की तारीख ज्ञात नहीं होती, वे पितृमोक्ष अमावस्या के दिन तर्पण कर सकते हैं। आज श्राद्ध पूर्णिमा पर पहले तर्पण के साथ पितृपक्ष आरंभ होगा। पिण्डदान, तर्पण का सिलसिला शुरु होगा। ऐसी मान्यता है कि आश्विन मास के पहले पखवाड़े में दिवंगत पूर्वज मृत्यु-लोक में अपनी संतानोंं की कुशलक्षेम जानने आते हैं। कृतज्ञ संतानें अपने इन पूर्वजों को कुश की विशेष अंगूठी धारण कर पूरे पखवाड़े जल से तर्पण देते हैं। इसके साथ ही दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर पिण्डदान करने के अलावा बाह्मण भोजन और एक अंश भोजन गाय व कौओं को भी अर्पित करते हैं।

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राशिफल

आज का राशिफल (19/06/2021)

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शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि दसवीं, रविवासरे, चित्रा नक्षत्रे, वलयोगे, गणकरणे, तुला की चंद्रमा, भद्रा 12/23 रात्रि तक श्री गंगा दशहरा, वृक्षारोपण, नवान्त पद विद्यारंभ व्यापार मुर्हूत रवियोग तथापि पश्चिम दिशा की यात्रा शुभ होगी।

आज जन्म लिए बालक का फल…..
आज जन्म लिया बालक दार्शनिक, बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, वाक पटु तथा नीत निपुण, शिक्षक, लेक्चरार, अधिवक्ता, नेता-अभिनेता, कुशल वक्ता-अधिवक्ता, विधायक, राज्य मंत्री, मुख्यमंत्री होगा।

मेष राशि :- हर्ष, यात्रा, सुख-सफलता, हानि, गृह-कलह, मानसिक अशांतिकारक हो ।
वृष राशि – विरोध, व्यय, कष्ट, अशांति, लाभ होगा, शिक्षा-लेखन कार्य में सफलता मिले।
मिथुन राशि :- व्यापार में क्षति, यात्रा, विवाद, उद्योग-व्यापार की स्थिति में कमी, हानि होगी।
कर्क राशि – शरीरादि मध्यम, भूमि व राजलाभ, असफलता का दिन सबित होगा।
सिंह राशि – वाहन आदि भय, कष्ट, राजसुख, यात्रा होगी, शुभ कार्य में व्यावधान होगा।
कन्या राशि – व्यय, प्रवास, विरोध, भूमि लाभ होगा, राजकार्य में व्यावधान, लाभ होगा।
तुला राशि – रोगभय, मातृ-सुख, खर्च, यात्रा, व्यापार में सुधार हो सकता है, कार्य होगा।
वृश्चिक राशि – कार्यसिद्ध, लाभ, विरोध, भूमि लाभ होगा, राजकार्य में व्यस्तता रहेगी।
धनु राशि – लाभ, धर्म रुचि, यश, हर्ष, यात्रा, समय शिक्षा जगत की ख्याति सामान्य रहेगी।
मकर राशि – विरोध, व्यापार में हानि, शरीर कष्ट, अधिक खर्च करने से कुछ कार्य होवेंगे।
कुंभ राशि – व्यय, प्रभाव, लाभ, प्रतिष्ठा, रोगभय, विरोधी असफल अवश्य होंगे।
मीन राशि – राजभय, यश लाभ, मान, चोटभय, राजकार्य में विलम्ब, परेशानी बढ़ेगी।

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राशिफल

आज का राशिफल (18/06/2021)

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शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि नवमी, शनिवासरे, हस्त नक्षत्रे, वलयोगे, कौलवकरणे, रोग विमुक्ता, स्नान मुर्हूत, गृह प्रवेश देव प्रतिष्ठा त्रिपुस्कर योग उपक्रर्म औषधि सेवन मुर्हूत वाहन क्रय विक्रय मुर्हूत तथापि दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी।

आज जन्म लिए बालक का फल….
आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, कुशल वक्ता, शासक-प्रशासक, शिक्षक, लेक्चरार, प्रोफेसर, प्रिंसपाल, लेखक-कवि, उत्तम प्रकृति का लोभी, दम्भी, जिद्दी-हठी, संत-महात्मा, ज्ञानी तथा परोपकारी, योगी पुरुष होगा।

मेष राशि :- यात्रा व वृत्ति से लाभ, कुसंग से हानि, कुछ सहयोग रहे, पारिवारिक समाचार।
वृष राशि – शुभ कार्य, भूमि से हानि, सिद्धी, कभी-कभी विरोधी अडंगे करते रहेंगे, कार्य बनेंगे।
मिथुन राशि :- अधिक व्यय, स्वजन कष्ट, विवाद, आर्थिक कमी का अनुभव अवश्य होगा।
कर्क राशि – हानि, रोगभय, नौकरी में कष्ट, चिन्ता, राजकार्य, मामले-मुकदमे में असंतोष।
सिंह राशि – निराशा, लाभ, कार्य में सफलता, आर्थिक सुधार आदि होगा।
कन्या राशि – शरीर कष्ट, लाभ, राजभय, उद्योग-व्यापार में अडंगे अवश्य ही आयेंगे।
तुला राशि – चोट-अग्नि भय, धार्मिक कार्य, कष्ट, व्यर्थ अनाप-शनाप खर्च से परेशानी।
वृश्चिक राशि – बाधा, उलझन, लाभ, यात्रा, कष्ट, गृहकार्य में परेशानी अवश्य रहेगी।
धनु राशि – शत्रुभय, मुकदमे में जीत, रोगभय होगा, व्यापार में सुधार, कष्ट अवश्य होगा।
मकर राशि – व्यापार में लाभ, शत्रुभय, धन सुख, सुधार, खर्च होते ही रहेंगे, ध्यान रखें।
कुंभ राशि – कलह, व्यर्थ खर्च, सफलता प्राप्त हो, विरोधी असफल रहें, व्यापार में सुधार होगा।
मीन राशि – स्वजन सुख, पुत्र-चिन्ता, धन हानि, व्यापार की स्थिति अच्छी नहीं रहे।

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