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देश

बांग्लादेश हिंसा – बंगाल के सभी सीमावर्ती जिलों में इंटेल अलर्ट

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कोलकाता । बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और पश्चिम बंगाल में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद फतेहा-द्वाज-दहम (ईद मिलाद उन नबी/पैगंबर मुहम्मद के जन्म समारोह) के मद्देनजर राज्य के खुफिया विभाग ने सभी जिलों को विशेष रूप से बांग्लादेश की सीमा से लगे लोगों को अलर्ट जारी किया और अधिकारियों से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए अधिकारियों को संवेदनशील बने रहने के लिए कहा। अतिरिक्त महानिदेशक (खुफिया शाखा) द्वारा जारी विस्तृत अलर्ट डीजी, एडीजी (कानून व्यवस्था) और सभी एसपी और आयुक्तों को भेजे गए, जिसमें कहा गया है, “आगे प्राप्त इनपुट से पता चलता है कि बांग्लादेश के नोआखली जिले और चटगांव जिले के दुर्गा पूजा पंडालों, हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और आगजनी की कुछ घटनाएं हुई हैं, कथित तौर नोआखाली के इस्कॉन मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई है।अलर्ट में कहा गया है, “13.10.21 से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडालों की तोड़फोड़ की पोस्टों से भर गए हैं। इन मुद्दों को केंद्रित करते हुए, भारत-बांग्लादेश के सीमावर्ती जिले अति संवेदनशील हो गए हैं और भारत के विभिन्न हिंदू कट्टरपंथी संगठनों के नेता सक्रिय हैं और प्रेस बयान दे रहे हैं और भारत के पीएम से बांग्लादेश के सनातनी लोगों की तत्काल राहत के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह कर रहे हैं।

अलर्ट में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र का जिक्र किया गया है, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मैं इसे उस बर्बरता की ओर आपके तत्काल ध्यान में लाना चाहता हूं, जिसने बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के जीवंत उत्सव को धूमिल कर दिया है। बांग्लादेश के कुख्यात लोगों की ‘सनातनी’ अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने में तोड़फोड़ करने की आदत है। इस बार धार्मिक कट्टरपंथियों ने कई दुर्गा पूजा पंडालों और विभिन्न मंदिरों में भी तोड़फोड़ की। वर्तमान में बांग्लादेश में रहने वाले ‘सनातनी लोगों’ की स्थिति बहुत दयनीय है। बांग्लादेश में ‘सनातनी लोगों’ को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक और तत्काल कदम उठाने के लिए प्रधानमंत्री से आग्रह करते हुए, अधिकारी ने कहा, “अमानवीय अत्याचारों से बचने के लिए अतीत में बंगाल पार करने वाले बांग्लादेश के सनातनी लोगों के कई रिश्तेदार पश्चिम बंगाल में बस गए हैं। वे पीड़ितों यानी बांग्लादेश के ‘सनातनी पीपल’ समुदाय के समर्थन में खड़े होने के लिए उन्मत्त हैं।
इस बीच, बांग्लादेश के नोआखाली में इस्कॉन भक्तों पर भीड़ द्वारा क्रूर हमले और एक आश्रम भक्त की हत्या की निंदा करते हुए, इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर संयुक्त राष्ट्र से बांग्लादेश में ‘हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा’ की निंदा जारी करने का अनुरोध किया और मामले को देखने के लिए अपने प्रतिनिधियों को बांग्लादेश भेजने का आग्रह किया। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा था। इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा, “हमने संयुक्त राष्ट्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। हम इसके खिलाफ कोलकाता सहित सभी महानगरों में मौन विरोध प्रदर्शन करेंगे। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अधिकारियों को संवेदनशील बनाने और कड़ी निगरानी रखने का आग्रह करते हुए, अलर्ट में कहा गया है, “यहां यह उल्लेख करना उचित है कि पश्चिम बंगाल में दुर्गा मूर्तियों का विसर्जन शुरू हो चुका है जो 18.10.21 तक जारी रहेगा और मुस्लिम त्योहार फतेहा -द्वाज-दहम (नबी दिवस) 18.10.21 और 19.10.21 को आयोजित होने वाला है।”

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असम-मेघालय बॉर्डर पर हिंसा, फायरिंग में अब तक 6 लोगों की मौत; 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

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गुवाहाटी। असम-मेघालय सीमा पर लकड़ी की तस्करी को रोके जाने के दौरान मंगलवार तड़के हिंसा भड़क गई। हिंसा में वन रक्षक समेत 6 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि असम-मेघालय सीमा पर पुलिस ने अवैध लकड़ी के ट्रक को रोका था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। एहतियात के तौरे पर 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

वन रक्षकों ने तीन लोगों को पकड़ा

पश्चिम कार्बी आंगलोंग के पुलिस अधीक्षक इमदाद अली ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि असम वन विभाग ने मेघालय सीमा पर ट्रक को रोका था। ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की। उसे रोकने के लिए वन रक्षकों ने फायरिंग कर दी। अधिकारी ने आगे बताया कि फायरिंग में ट्रक का टायर पंचर हो गया। वन रक्षकों ने ट्रक चालक समेत तीन लोगों को पकड़ लिया, हालांकि अन्य भागने में कामयाब रहे।

हथियार समेत पहुंची भीड़

अधिकारी ने बताया कि घटना के बारे में नजदीकी पुलिस थाना में जानकारी दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। सुबह पांच बजे पुलिस के पहुंचते ही कुछ स्थानीय लोग हाथों में हथियार लिए वहां पहुंच गए। भीड़ ने तस्करों को छोड़े जाने की मांग को लेकर वन रक्षकों और पुलिस को घेर लिया। बचाव में भीड़ पर गोली चलानी पड़ी।

वन रक्षक समेत 6 लोगों की मौत

गोलीबारी में वन रक्षक की मौत हो गई। उसके अलावा मेघालय के पांच लोगों की भी मौत हुई है। हिंसा में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। वन रक्षक की मौत की वजह का पता नहीं चल सका है। इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

उधर, एहतियात के तौर पर मेघालय के सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सीएम कोनराड संगमा ने बताया कि मामले में मेघालय पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

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उत्तर प्रदेश

पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने मेयर चुनाव की दावेदारी से किया इंकार

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कहा पार्टी मेरे नाम पर करेगी विचार तो भी मैं चुनाव के लिए नहीं तैयार
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी अक्सर अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। वो शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली में खामी को खुलकर लिखते हैं। कई बार अपने कार्यकाल के संस्मरण भी लिखते हैं और कई बार वो अपने शब्दों से मौजूदा निजाम को आईना भी दिखाते हैं। बालेश्वर त्यागी उत्तर प्रदेश सरकार में गृह राज्यमंत्री, व्यापार कर मंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री रहे हैं। एक लम्बे समय से वो भाजपा की राजनीति में अपने लिए नयी जिम्मेदारी और नयी पारी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अब पता चला है कि बारी का इंतजार खत्म हो गया है और बालेश्वर त्यागी जनप्रतिनिधि वाली कोई चुनावी पारी नहीं खेलना चाहते। सियासी गलियारों में ये चर्चा उठी थी कि पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी भी मेयर टिकट के लिए दावेदारी में हैं। उन्होंने अपनी कई पोस्ट में निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाये थे। यहीं से उनकी निगम मेयर दावेदारी की बात चली। करंट क्राइम ने इस मामले में पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी से बात की और उन्हीं से पूछा कि क्या आप मेयर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। यहां पर बालेश्वर त्यागी ने कहा कि मेरा कोई विचार नहीं है और कोई दावेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अब आयु 74 वर्ष हो चुकी है और चीजें समय के साथ होती हैं। जब उनसे पूछा गया कि यदि पार्टी आपके नाम पर विचार करती है तो क्या आप मेयर चुनाव लड़ेंगे। यहां पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने कहा कि यदि पार्टी मेरे नाम पर ही विचार करेगी तो भी मैं तैयार नही हूं। 56 वर्ष की आयु में मैं चुनाव हार गया और अब 74 वर्ष की आयु है। पार्टी ने तब मौका नहीं दिया और अब उम्र इस पद के लिहाज से भागदौड़ की नही है।

मैंने तेलूराम काम्बोज को दी थी चुनाव न लड़ने की सलाह
मैंने तेलूराम को समझाया भी था और चुनाव लड़वाया भी था उम्र के हवाले से अब बालेश्वर त्यागी मेयर चुनाव की दावेदारी भी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि निगम में ना तो पार्टी का कोई मामला होता है और ना ही पार्षद पार्टी गाईड लाईन को मानते हैं और ना ही अनुशासन को मानते हैं। विधानसभा में विधायकों पर अनुशासन की नीति होती है और उन्हें पार्टी का निर्णय मानना पड़ता है। लेकिन निगम में पार्षद ही पार्षद की बात कई बार नहीं मानते। मैंने तेलूराम काम्बोज को समझाया था कि मेयर चुनाव मत लड़ो, आयु का तकाजा है। लेकिन एक भाजपा कार्यकर्ता की तरह मैंने उनकी पैरोकारी भी की और उन्हें चुनाव भी लड़वाया। लेकिन समझाया भी था कि 75 की उम्र में कई चीजों को बदला नहीं जा सकता है।

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दिल्ली

मैं कड़ी मेहनत करता हूं और काम करके दिखाता हूं: पीएम मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरेंद्रनगर में सार्वजनिक बैठक शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अभिभाषण भी दिया। मैंने कहा कि नर्मदा योजना का सबसे बड़ा लाभ किसी भी जिले को मिलेगा, सुरेंद्रनगर जिले को मिलेगा और आज वह लाभ आप तक पहुंच गया है।
पीएम मोदी नो कहा कि मैं जानता हूं कि गुजरात में घर-घर 24 घंटे बिजली पहुंचाना एक कठिन काम है, लेकिन मुझे कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। मैं कड़ी मेहनत करता हूं और
काम करके दिखाता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा सुरेंद्रनगर जिला नमक बनाने में एक है। भारत के 80% नमक का उत्पादन गुजरात में होता है। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। पहले के जमाने में गुजरात में उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ता था, आज दूसरे राज्यों के युवा गुजरात की धरती पर पढ़ने आते हैं।
मैं वार महोत्सव में अपमान को निगलता हूं क्योंकि मैं इस देश के 130 करोड़ लोगों का भला करना चाहता हूं, मैं इस भारत को एक विकसित भारत बनाना चाहता हूं।

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