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देश

इस बार के आम बजट की 16 खास बातें

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश किया। बजट पेश के करने से पहले जेटली ने देश के आर्थिक हालात को बयां करने के लिए एक शेर पढ़ा। जो इस प्रकार है: कुछ तो फूल खिलाए हमने और कुछ फूल खिलाने हैं, मुश्किल ये है कि बाग में अब तक कांटे कई पुराने हैं।इसके बाद वित्त मंत्री ने अपना बजट भाषण शुरू किया।

आप भी पढ़िए आम बजट 2015-16 में क्या रही खास बातें?

इनकम टैक्स में बदलाव नहीं। इनकम टैक्स का स्लैब पुराने वाला ही रहेगा। मिलने वाली छूट जारी रहेगी।
– सर्विस टैक्स को 12.36 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी किया गया। खाना, फोन, मनोरंजन, हर चीज होगी महंगी।
– जीएसटी के तहत सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 12.36 फीसदी से 12.5 फीसदी करने का प्रस्ताव।
– टैक्स नीति स्थिर रखने की कोशिश। अगले साल तक जीएसटी लागू करने पर रहेगा विशेष जोर।
– कॉरपोरेट टैक्स का रेट 30 फीसदी है, जिसे अगले 4 साल में 25 फीसदी किया जाएगा। कॉर्पोरेट टैक्स में पांच फीसदी छूट मिलेगी। साथ ही रिबेट का भी विकल्प।
– 1 करोड़ से ज्यादा आय वालों पर 2 फीसदी अतिरिक्त सरचार्ज लगेगा। वैल्थ टैक्स को खत्म करने की घोषणा।

काले धन के लिए नया कानून बनेगा। काला धन छिपाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। रिटर्न में विदेश की सम्पत्ति बतानी होगी।
– काला धन विदेश में पाए जाने पर 10 साल की सजा का प्रावधान। इनकम टैक्स में विदेशी खाता छिपाने पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान।
– 33,152 करोड़ रुपए का बजट स्वास्‍थ्य क्षेत्र के लिए रखा गया है। नमामि गंगे योजना के लिए 4 हजार 71 करोड़ रुपये।
– कर्नाटक में आईआईटी, जम्मू कश्मीर और आंध्र प्रदेश में आईआईएम। जम्मू कश्मीर, पंजाब, हिमाचल, असम, तमिलनाडू में बनेंगे एम्स। बिहार में एक और एम्स जैसा संस्थान।
– ISM धनबाद को आईआईटी का दर्जा दिया जाएगा। सिंगापुर की तरह गुजरात में नया वित्तीय केंद्र बनेगा।
– भारतीय सोने का सिक्का जारी किया जाएगा, जिस पर अशोक चक्र का निशान होगा। गोल्ड मॉनीटाइजेशन स्कीम को शुरू किया जाएगा। सोने को बैंक में जमा करने पर लोग पैसा पा सकेंगे।
– 25  हजार के हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट। वरिष्ठ नागरिकों को 30 हजार के हेल्थ इंश्योरेंस तक टैक्स छूट। 1 लाख से ज्‍यादा ट्रांजेक्‍शन के लिए पैन कार्ड जरूरी।
– टैक्स में 800 रुपए से बढ़ाकर 1600 रुपए तक के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर मिलेगी टैक्स छूट। पेंशन फंड पर छूट 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए की गई। पेंशन फंड में 50,000 निवेश पर 80 सी के तहत मिलेगी टैक्स में छूट।
– पान मसाला, सिगरेट, गुटखा होगा महंगा। 1000 रुपए से अधिक कीमत के चमड़े के जूते होंगे सस्ते। गरीबी रेखा से नीचे के बुजुर्गों के लिए पीएम बीमा योजना।
– रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 150 करोड़ रुपए। 20 हजार करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की घोषणा। रेलवे, सड़कों और सिंचाई के लिए टैक्स फ्री इंफ्रा बॉन्ड लाए जाएंगे।

अन्य ख़बरें

असम-मेघालय बॉर्डर पर हिंसा, फायरिंग में अब तक 6 लोगों की मौत; 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

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गुवाहाटी। असम-मेघालय सीमा पर लकड़ी की तस्करी को रोके जाने के दौरान मंगलवार तड़के हिंसा भड़क गई। हिंसा में वन रक्षक समेत 6 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि असम-मेघालय सीमा पर पुलिस ने अवैध लकड़ी के ट्रक को रोका था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। एहतियात के तौरे पर 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

वन रक्षकों ने तीन लोगों को पकड़ा

पश्चिम कार्बी आंगलोंग के पुलिस अधीक्षक इमदाद अली ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि असम वन विभाग ने मेघालय सीमा पर ट्रक को रोका था। ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की। उसे रोकने के लिए वन रक्षकों ने फायरिंग कर दी। अधिकारी ने आगे बताया कि फायरिंग में ट्रक का टायर पंचर हो गया। वन रक्षकों ने ट्रक चालक समेत तीन लोगों को पकड़ लिया, हालांकि अन्य भागने में कामयाब रहे।

हथियार समेत पहुंची भीड़

अधिकारी ने बताया कि घटना के बारे में नजदीकी पुलिस थाना में जानकारी दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। सुबह पांच बजे पुलिस के पहुंचते ही कुछ स्थानीय लोग हाथों में हथियार लिए वहां पहुंच गए। भीड़ ने तस्करों को छोड़े जाने की मांग को लेकर वन रक्षकों और पुलिस को घेर लिया। बचाव में भीड़ पर गोली चलानी पड़ी।

वन रक्षक समेत 6 लोगों की मौत

गोलीबारी में वन रक्षक की मौत हो गई। उसके अलावा मेघालय के पांच लोगों की भी मौत हुई है। हिंसा में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। वन रक्षक की मौत की वजह का पता नहीं चल सका है। इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

उधर, एहतियात के तौर पर मेघालय के सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सीएम कोनराड संगमा ने बताया कि मामले में मेघालय पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

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उत्तर प्रदेश

पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने मेयर चुनाव की दावेदारी से किया इंकार

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कहा पार्टी मेरे नाम पर करेगी विचार तो भी मैं चुनाव के लिए नहीं तैयार
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी अक्सर अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। वो शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली में खामी को खुलकर लिखते हैं। कई बार अपने कार्यकाल के संस्मरण भी लिखते हैं और कई बार वो अपने शब्दों से मौजूदा निजाम को आईना भी दिखाते हैं। बालेश्वर त्यागी उत्तर प्रदेश सरकार में गृह राज्यमंत्री, व्यापार कर मंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री रहे हैं। एक लम्बे समय से वो भाजपा की राजनीति में अपने लिए नयी जिम्मेदारी और नयी पारी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अब पता चला है कि बारी का इंतजार खत्म हो गया है और बालेश्वर त्यागी जनप्रतिनिधि वाली कोई चुनावी पारी नहीं खेलना चाहते। सियासी गलियारों में ये चर्चा उठी थी कि पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी भी मेयर टिकट के लिए दावेदारी में हैं। उन्होंने अपनी कई पोस्ट में निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाये थे। यहीं से उनकी निगम मेयर दावेदारी की बात चली। करंट क्राइम ने इस मामले में पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी से बात की और उन्हीं से पूछा कि क्या आप मेयर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। यहां पर बालेश्वर त्यागी ने कहा कि मेरा कोई विचार नहीं है और कोई दावेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अब आयु 74 वर्ष हो चुकी है और चीजें समय के साथ होती हैं। जब उनसे पूछा गया कि यदि पार्टी आपके नाम पर विचार करती है तो क्या आप मेयर चुनाव लड़ेंगे। यहां पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने कहा कि यदि पार्टी मेरे नाम पर ही विचार करेगी तो भी मैं तैयार नही हूं। 56 वर्ष की आयु में मैं चुनाव हार गया और अब 74 वर्ष की आयु है। पार्टी ने तब मौका नहीं दिया और अब उम्र इस पद के लिहाज से भागदौड़ की नही है।

मैंने तेलूराम काम्बोज को दी थी चुनाव न लड़ने की सलाह
मैंने तेलूराम को समझाया भी था और चुनाव लड़वाया भी था उम्र के हवाले से अब बालेश्वर त्यागी मेयर चुनाव की दावेदारी भी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि निगम में ना तो पार्टी का कोई मामला होता है और ना ही पार्षद पार्टी गाईड लाईन को मानते हैं और ना ही अनुशासन को मानते हैं। विधानसभा में विधायकों पर अनुशासन की नीति होती है और उन्हें पार्टी का निर्णय मानना पड़ता है। लेकिन निगम में पार्षद ही पार्षद की बात कई बार नहीं मानते। मैंने तेलूराम काम्बोज को समझाया था कि मेयर चुनाव मत लड़ो, आयु का तकाजा है। लेकिन एक भाजपा कार्यकर्ता की तरह मैंने उनकी पैरोकारी भी की और उन्हें चुनाव भी लड़वाया। लेकिन समझाया भी था कि 75 की उम्र में कई चीजों को बदला नहीं जा सकता है।

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दिल्ली

मैं कड़ी मेहनत करता हूं और काम करके दिखाता हूं: पीएम मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरेंद्रनगर में सार्वजनिक बैठक शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अभिभाषण भी दिया। मैंने कहा कि नर्मदा योजना का सबसे बड़ा लाभ किसी भी जिले को मिलेगा, सुरेंद्रनगर जिले को मिलेगा और आज वह लाभ आप तक पहुंच गया है।
पीएम मोदी नो कहा कि मैं जानता हूं कि गुजरात में घर-घर 24 घंटे बिजली पहुंचाना एक कठिन काम है, लेकिन मुझे कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। मैं कड़ी मेहनत करता हूं और
काम करके दिखाता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा सुरेंद्रनगर जिला नमक बनाने में एक है। भारत के 80% नमक का उत्पादन गुजरात में होता है। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। पहले के जमाने में गुजरात में उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ता था, आज दूसरे राज्यों के युवा गुजरात की धरती पर पढ़ने आते हैं।
मैं वार महोत्सव में अपमान को निगलता हूं क्योंकि मैं इस देश के 130 करोड़ लोगों का भला करना चाहता हूं, मैं इस भारत को एक विकसित भारत बनाना चाहता हूं।

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