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बंगाल के युवा भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या, भाजपा ने तृणमूल पर लगाया आरोप

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के इटाहार के एक युवा भाजपा नेता मिथुन घोष की कुछ अज्ञात बदमाशों ने राजग्राम गांव में उनके घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी। भाजपा ने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे तृणमूल कांग्रेस के असामाजिक तत्वों का हाथ है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप से इनकार किया है।

घटना रात 11 बजे की है। रविवार को जब घोष राजग्राम गांव में अपने घर के सामने खड़े थे, तब दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ अज्ञात बदमाशों ने उनको पास से गोली मार दी। घोष को तुरंत रायगंज मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
घोष की मौत ने उत्तरी दिन्जापुर में राजनीतिक बहस छेड़ दी जब भाजपा जिला नेतृत्व ने आरोप लगाया कि हत्या तृणमूल की शरण में आए गुंडों का परिणाम थी।भाजपा उत्तर दिनाजपुर जिलाध्यक्ष बासुदेव सरकार ने कहा, “मिथुन घोष पार्टी के युवा मोर्चा के जिला सचिव थे। उनका घर इटाहार विधानसभा क्षेत्र के राजग्राम में है। उन्हें अलग-अलग समय पर फोन पर धमकाया गया। हमने मौखिक रूप से पुलिस में शिकायत भी की थी कि एक विशेष राजनीतिक दल के लोग मिथुन को धमका रहे थे। उन्हें कई तरह से परेशान किया गया लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। “हमें रविवार रात करीब 11.30 बजे उनकी मौत की खबर मिली। मिथुन अपने घर पर थे। किसी ने उन्हें फोन किया और जब वह अपने घर से बाहर आए तो उन्हें गोली मार दी गई। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। हमें यकीन है कि हत्या के पीछे तृणमूल कांग्रेस के गुंडे हैं। हमें कानून पर भरोसा है। हम प्राथमिकी दर्ज करेंगे और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार करेंगे। हम कानूनी रूप से घटना की निष्पक्ष सुनवाई चाहते हैं।
उधर, इटाहार तृणमूल कांग्रेस के विधायक मुशर्रफ हुसैन ने कहा, “इस घटना से इटाहार तृणमूल कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। बदमाशों ने रात के अंधेरे में फायरिंग की होगी। उनके बीच सांप्रदायिक संघर्ष या कुछ और भी हो सकता है। पुलिस को मामले की जांच करने दीजिए। “तृणमूल कांग्रेस हत्या की राजनीति में विश्वास नहीं करती है। मुख्यमंत्री ने हमें समाज में शांति और सद्भाव लाने का निर्देश दिया है और हम उनके निर्देशों का पालन करना चाहते हैं। “लोगों ने हमें वोट दिया है और उनका विश्वास जीतना हमारा कर्तव्य है। लोगों का विश्वास जीतने के लिए हमें लोगों को मारने की जरूरत नहीं है। बीजेपी हमेशा दूसरों पर आरोप लगाने में विश्वास करती है लेकिन उन्हें यह अच्छी तरह जानने की जरूरत है कि पार्टी के अंदर क्या हो रहा है। उन्हें दूसरों को दोष नहीं देना चाहिए।”

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असम-मेघालय बॉर्डर पर हिंसा, फायरिंग में अब तक 6 लोगों की मौत; 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

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गुवाहाटी। असम-मेघालय सीमा पर लकड़ी की तस्करी को रोके जाने के दौरान मंगलवार तड़के हिंसा भड़क गई। हिंसा में वन रक्षक समेत 6 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि असम-मेघालय सीमा पर पुलिस ने अवैध लकड़ी के ट्रक को रोका था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। एहतियात के तौरे पर 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

वन रक्षकों ने तीन लोगों को पकड़ा

पश्चिम कार्बी आंगलोंग के पुलिस अधीक्षक इमदाद अली ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि असम वन विभाग ने मेघालय सीमा पर ट्रक को रोका था। ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की। उसे रोकने के लिए वन रक्षकों ने फायरिंग कर दी। अधिकारी ने आगे बताया कि फायरिंग में ट्रक का टायर पंचर हो गया। वन रक्षकों ने ट्रक चालक समेत तीन लोगों को पकड़ लिया, हालांकि अन्य भागने में कामयाब रहे।

हथियार समेत पहुंची भीड़

अधिकारी ने बताया कि घटना के बारे में नजदीकी पुलिस थाना में जानकारी दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। सुबह पांच बजे पुलिस के पहुंचते ही कुछ स्थानीय लोग हाथों में हथियार लिए वहां पहुंच गए। भीड़ ने तस्करों को छोड़े जाने की मांग को लेकर वन रक्षकों और पुलिस को घेर लिया। बचाव में भीड़ पर गोली चलानी पड़ी।

वन रक्षक समेत 6 लोगों की मौत

गोलीबारी में वन रक्षक की मौत हो गई। उसके अलावा मेघालय के पांच लोगों की भी मौत हुई है। हिंसा में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। वन रक्षक की मौत की वजह का पता नहीं चल सका है। इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

7 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

उधर, एहतियात के तौर पर मेघालय के सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सीएम कोनराड संगमा ने बताया कि मामले में मेघालय पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

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उत्तर प्रदेश

पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने मेयर चुनाव की दावेदारी से किया इंकार

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कहा पार्टी मेरे नाम पर करेगी विचार तो भी मैं चुनाव के लिए नहीं तैयार
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी अक्सर अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। वो शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली में खामी को खुलकर लिखते हैं। कई बार अपने कार्यकाल के संस्मरण भी लिखते हैं और कई बार वो अपने शब्दों से मौजूदा निजाम को आईना भी दिखाते हैं। बालेश्वर त्यागी उत्तर प्रदेश सरकार में गृह राज्यमंत्री, व्यापार कर मंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री रहे हैं। एक लम्बे समय से वो भाजपा की राजनीति में अपने लिए नयी जिम्मेदारी और नयी पारी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अब पता चला है कि बारी का इंतजार खत्म हो गया है और बालेश्वर त्यागी जनप्रतिनिधि वाली कोई चुनावी पारी नहीं खेलना चाहते। सियासी गलियारों में ये चर्चा उठी थी कि पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी भी मेयर टिकट के लिए दावेदारी में हैं। उन्होंने अपनी कई पोस्ट में निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाये थे। यहीं से उनकी निगम मेयर दावेदारी की बात चली। करंट क्राइम ने इस मामले में पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी से बात की और उन्हीं से पूछा कि क्या आप मेयर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। यहां पर बालेश्वर त्यागी ने कहा कि मेरा कोई विचार नहीं है और कोई दावेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अब आयु 74 वर्ष हो चुकी है और चीजें समय के साथ होती हैं। जब उनसे पूछा गया कि यदि पार्टी आपके नाम पर विचार करती है तो क्या आप मेयर चुनाव लड़ेंगे। यहां पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने कहा कि यदि पार्टी मेरे नाम पर ही विचार करेगी तो भी मैं तैयार नही हूं। 56 वर्ष की आयु में मैं चुनाव हार गया और अब 74 वर्ष की आयु है। पार्टी ने तब मौका नहीं दिया और अब उम्र इस पद के लिहाज से भागदौड़ की नही है।

मैंने तेलूराम काम्बोज को दी थी चुनाव न लड़ने की सलाह
मैंने तेलूराम को समझाया भी था और चुनाव लड़वाया भी था उम्र के हवाले से अब बालेश्वर त्यागी मेयर चुनाव की दावेदारी भी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि निगम में ना तो पार्टी का कोई मामला होता है और ना ही पार्षद पार्टी गाईड लाईन को मानते हैं और ना ही अनुशासन को मानते हैं। विधानसभा में विधायकों पर अनुशासन की नीति होती है और उन्हें पार्टी का निर्णय मानना पड़ता है। लेकिन निगम में पार्षद ही पार्षद की बात कई बार नहीं मानते। मैंने तेलूराम काम्बोज को समझाया था कि मेयर चुनाव मत लड़ो, आयु का तकाजा है। लेकिन एक भाजपा कार्यकर्ता की तरह मैंने उनकी पैरोकारी भी की और उन्हें चुनाव भी लड़वाया। लेकिन समझाया भी था कि 75 की उम्र में कई चीजों को बदला नहीं जा सकता है।

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दिल्ली

मैं कड़ी मेहनत करता हूं और काम करके दिखाता हूं: पीएम मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरेंद्रनगर में सार्वजनिक बैठक शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अभिभाषण भी दिया। मैंने कहा कि नर्मदा योजना का सबसे बड़ा लाभ किसी भी जिले को मिलेगा, सुरेंद्रनगर जिले को मिलेगा और आज वह लाभ आप तक पहुंच गया है।
पीएम मोदी नो कहा कि मैं जानता हूं कि गुजरात में घर-घर 24 घंटे बिजली पहुंचाना एक कठिन काम है, लेकिन मुझे कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। मैं कड़ी मेहनत करता हूं और
काम करके दिखाता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा सुरेंद्रनगर जिला नमक बनाने में एक है। भारत के 80% नमक का उत्पादन गुजरात में होता है। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। पहले के जमाने में गुजरात में उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ता था, आज दूसरे राज्यों के युवा गुजरात की धरती पर पढ़ने आते हैं।
मैं वार महोत्सव में अपमान को निगलता हूं क्योंकि मैं इस देश के 130 करोड़ लोगों का भला करना चाहता हूं, मैं इस भारत को एक विकसित भारत बनाना चाहता हूं।

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