Connect with us

विदेश

नेपाल में सरकार व दानकर्ताओं के बीच ठनी

Published

on

काठमांडू| नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप के बाद पुनर्निर्माण तथा राहत वितरण कार्य में बहुत बड़ी समस्या पेश आ रही है। (nepal earthquack hindi news) कुछ दानकर्ता एजेंसियां सरकार को फंड न देकर परियोजनाओं व कार्यक्रमों को अपने तरीके से संचालित करना चाहती हैं।

कई अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन तथा दानकर्ता एजेंसियां सरकारी प्रणाली के माध्यमों से फंड नहीं देना चाहती हैं, जिस कारण नेपाली अधिकारी गुस्से में हैं। उनके मुताबिक, सरकार की क्षमता पीड़ितों तक पहुंचने की नहीं है।

उसी प्रकार भारत, चीन तथा कुछ अन्य एशियाई देशों के अलावा, कुछ दानकर्ता एजेंसियां व मित्र राष्ट्र प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में फंड देने को इच्छुक नहीं हैं।

काठमांडू में पिछले सप्ताह दानकर्ता समुदाय के साथ बैठक में वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी फंड सरकारी प्रणाली या प्रधानमंत्री राहत कोष के माध्यम से ही खर्च किए जाएंगे।

सरकार व दानकर्ता एजेंसियों के बीच खींचतान के कारण अंतर्राष्ट्रीय व दानकर्ता समुदाय से कोष में फिलहाल फंड नहीं आ रहा। नेपाल सरकार ने पहले ही दो अरब डॉलर के पुनर्निर्माण फंड की घोषणा की है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से पहले ही आपदाग्रस्त देश के पुनर्निर्माण तथा पुनर्वास प्रयासों के लिए दान करने की अपील कर चुका है।

वित्त मंत्रालय में विदेशी सहायता समन्वय प्रभाग की प्रमुख मधु मसरानी ने आईएएनएस से कहा कि वित्त मंत्रालय बुधवार को व्यापक तौर पर एक दानकर्ता बैठक का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें वह सरकार के रुख को दोहराएगा।

संसद में सोमवार को सांसदों ने सरकार के राहत वितरण प्रयास तथा विदेशी सहायता के तौर-तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने सरकार को राष्ट्र की प्राथमिकताओंसे न हटने और सरकारी प्रणाली से इतर फंड ग्रहण न करने का आग्रह किया।

उन्होंने हैती का उदाहरण दिया, जहां साल 2010 में आए भीषण भूकंप में तीन लाख लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि यह देश बेतरतीब विदेशी सहायता प्रबंधन तथा सरकार को फंड न देकर विदेशी एजेंसियों द्वारा खुद उसका प्रबंधन करने के कारण आज तक संकट से नहीं उबर पाया।

सत्तारूढ़ तथा विपक्षी सांसदों ने सरकार से अनुरोध किया कि वह विदेशी मदद लेने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखे और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस बारे में सूचना देने की अपील की।

सत्तारूढ़ गठबंधन साझीदार सीपीएन-यूएमएल के सांसद सिद्धि लाल सिंह ने कहा, “हमें इसकी जांच करनी चाहिए कि विदेशी यहां कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “हमें उन पर निगरानी रखनी चाहिए।”

संसद में एक दर्जन से अधिक सांसदों ने दानकर्ता एजेंसियों की गतिविधियों पर चिंता जताई और सरकार को सहायता फंड न देकर खुद इसका प्रबंधन करने के उनके फैसले की आलोचना की।

विदेश

चीन ने ताजा हमले में ताइवान जलडमरूमध्य में लंबी दूरी की गोला बारूद दागी: रिपोर्ट

Published

on

 चीनी सेना ने गुरुवार को ताइवान जलडमरूमध्य में प्रोजेक्टाइल लॉन्च किए, एएफपी के पत्रकारों ने देखा, जैसा कि बीजिंग की सेना ने क्षेत्र में “लंबी दूरी तक गोला बारूद फायरिंग” की घोषणा की।एएफपी के पत्रकारों ने देखा कि आस-पास के सैन्य प्रतिष्ठानों की निकटता से आसमान में उड़ने वाले कई छोटे प्रोजेक्टाइल आसमान में उड़ रहे थे, जिसके बाद दोपहर 1.13 बजे (0513 जीएमटी) के आसपास सफेद धुएं और तेज धमाके की आवाज आई। चीन की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने “पूर्वी ताइवान जलडमरूमध्य में विशिष्ट क्षेत्रों पर लंबी दूरी की गोला बारूद फायरिंग की।”पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने एक बयान में कहा, “पूर्वी ताइवान जलडमरूमध्य पर विशिष्ट क्षेत्रों पर सटीक हमले किए गए और अपेक्षित परिणाम प्राप्त हुए।” अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी द्वारा द्वीप की यात्रा के बाद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन में बल के प्रदर्शन में चीन वर्तमान में ताइवान को घेरने वाले अपने कुछ सबसे बड़े सैन्य अभ्यास कर रहा है।रविवार तक चलने के लिए सेट, अभ्यास ताइवान के आसपास के कई क्षेत्रों में होगा कुछ बिंदुओं पर तट के सिर्फ 20 किलोमीटर (12 मील) के भीतर।

Continue Reading

विदेश

पाक सेना कमांडर मारा गया, बलूच विद्रोहियों पर शक

Published

on

क्वेटा कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज अली और पांच अन्य को लेकर जा रहा पाकिस्तानी सेना का एक हेलीकॉप्टर सोमवार देर रात बलूचिस्तान के लासबेला इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। माना जाता है कि उसमें सवार सभी छह लोग मारे गए थे और जब दुर्घटना की जांच की जा रही है, तो बहुत मजबूत और विश्वसनीय संदेह है कि हेलिकॉप्टर को बलूच विद्रोहियों ने मार गिराया होगा।इनपुट्स में कहा गया है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी-जिसने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है-ने हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया हो सकता है क्योंकि क्वेटा कॉर्प्स कमांडर-एक उच्च पदस्थ व्यक्ति जो क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी को संभालता है और दक्षिण अफगानिस्तान के साथ सीमा की रक्षा करता है बोर्ड पर था.पाकिस्तान की रिपोर्ट में मारे गए अन्य पांच लोगों की पहचान ब्रिगेडियर अमजद हनीफ (डीजी कोस्ट गार्ड), मेजर सईद (पायलट), मेजर तल्हा (सह-पायलट) और नाइक मुदासिर (चालक दल के सदस्य) के रूप में हुई है।आगे की रिपोर्टों के अनुसार, बलूचिस्तान के लासबेला जिले में एक बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद हेलिकॉप्टर का जमीनी नियंत्रण से संपर्क टूट गया।बलूचिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में लापता विमान क्षेत्र की तलाशी अभियान जारी है।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एक स्थानीय मीडिया आउटलेट को बताया कि कम आबादी वाले पहाड़ी इलाके में मलबे और शवों, या बचे लोगों का पता लगाने के प्रयासों में बाधा आ रही है।पाक प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने चिंता व्यक्त की और राष्ट्र से सैनिकों के लिए प्रार्थना करने को कहा।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, "बलूचिस्तान से सेना के हेलीकॉप्टर का गायब होना चिंताजनक है। पूरा देश ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वह देश के इन बेटों की सुरक्षा, सुरक्षा और वापसी के लिए प्रार्थना करे जो बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए। ईश्वर की इच्छा" उर्दू में।
पूर्व पीएम इमरान खान ने डाउन किए गए हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हुए ट्वीट किया: "सेना के विमानन हेलीकॉप्टर के लापता होने की परेशान करने वाली खबर और उसमें सवार सभी लोगों के लिए प्रार्थना।"

Continue Reading

विदेश

यूक्रेन, रूस से अनाज के एक साथ निर्यात के पक्ष में गुटेरेस

Published

on

संयुक्त राष्ट्र।  (वार्ता/स्पूतनिक) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस से एक साथ अनाज का निर्यात किये जाने की वकालत की है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि श्री गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस से एक साथ अनाज के निर्यात के सौदे को लेकर बात की है।

इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुझाव दिया था कि अनाज निर्यात का सबसे आसान और कम खर्चीला मार्ग बेलारूस के माध्यम से है , हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने हाल के दिनों में बेलारूस मार्ग के बारे में कोई बात नहीं की है।

वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि श्री गुटेरेस के दृष्टिकोण से खाद्य संकट गहराता जा रहा है और विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है। उन्होंने बताया कि वह (श्री गुटेरेस) शुरू में अनाज के निर्यात को पहले यूक्रेन और फिर रूस से बाहर करना चाहते थे।

Continue Reading

Trending

%d bloggers like this: