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‘पाकिस्तान में मदरसों की निगरानी के लिए पुलिस को अधिक अधिकार मिले’

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इस्लामाबाद| पाकिस्तान के एक अखबार ने कहा है कि अगर मदरसों की निगरानी का वास्तविक और कारगर नतीजा हासिल करना है तो पुलिस को अधिक अधिकार देने होंगे। (madrassas in pakistan) अखबार ने यह बात एक मदरसे से संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद कही है। ‘द नेशन’ ने सोमवार को ‘क्रैकडाउन ऑन सेमिनरीज’ शीर्षक के अपने संपादकीय में लिखा है कि इस्लामाबाद में पाकिस्तानी रेंजरों और रावलपिंडी पुलिस के संयुक्त अभियान में मदरसे से संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी इस्लामाबाद पुलिस के लिए शर्मिदगी की वजह हो सकती है। इस्लामाबाद पुलिस को इस मदरसे के कुछ हिस्सों में प्रवेश की इजाजत नहीं मिली थी।

अखबार ने लिखा है, “रावलपिंडी और इस्लामाबाद पुलिस के बीच का तालमेल साफ दिखाता है कि कामकाज में कोई गड़बड़ी है।”

अखबार ने कहा है कि इस्लामाबाद पुलिस ने मदरसे की दो बार जांच- पड़ताल की, लेकिन वह छात्रों और उनकी पृष्ठभूमि के बारे में कोई सूचना नहीं निकाल सकी।

अखबार ने लिखा है, “इस्लामाबाद पुलिस को मदरसे के रिहाईशी हिस्सों में जाने नहीं दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने की वजह से जांच-पड़ताल बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। अब चूंकि पाकिस्तान रेंजर्स पंजाब में अपना गुप्त अभियान छेड़े हुए है तो ऐसी तमाम घटनाओं का अब सामने आना लाजिमी है।”

अखबार ने इस बात को भी संज्ञान में लेने को कहा है कि मदरसों पर लगाम लगाने की कवायद धर्मगुरुओं को भड़काएगी। वे अधिकारियों पर “इस्लाम विरोधी कार्रवाई” के तहत धार्मिक नेताओं की छवि खराब करने का आरोप लगाएंगे।

अखबार ने लिखा है, “इस बात की भी संभावना है कि खाड़ी देशों में बैठे पाकिस्तान के धनी मित्र भी इस पर प्रतिरोध दिखाएं। जनवरी में सीनेट की एक समिति को पता चला था कि मदरसों को मध्य पूर्व के देशों से पैसा मिल रहा है। लेकिन सरकार धार्मिक समूहों के प्रतिरोध और बाहरी दबावों के बावजूद अपने इस अभियान को जारी रखने के लिए तैयार दिख रही है। और, यह एक ऐसी बात है जिसका निश्चित ही काफी लोग स्वागत करेंगे।”

अखबार ने लिखा है कि पाकिस्तान का समाज बहुत धार्मिक है। मदरसों के बारे में शक-शुबहे के बावजूद धर्मगुरुओं का सम्मान किया जाता है।

अखबार लिखता है, “इनके (धार्मिक नेताओं के) प्रतिरोध पर पार पाने के लिए एक दृढ़ राजनैतिक इच्छाशक्ति चाहिए, जिसका अभी तक अभाव दिखता रहा है।”

अखबार ने संपादकीय में लिखा है, “अगर इस तरह की जांच-पड़ताल का वास्तविक और कारगर नतीजा चाहिए तो फिर पुलिस को अधिकार देने होंगे।”

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चीन ने ताजा हमले में ताइवान जलडमरूमध्य में लंबी दूरी की गोला बारूद दागी: रिपोर्ट

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 चीनी सेना ने गुरुवार को ताइवान जलडमरूमध्य में प्रोजेक्टाइल लॉन्च किए, एएफपी के पत्रकारों ने देखा, जैसा कि बीजिंग की सेना ने क्षेत्र में “लंबी दूरी तक गोला बारूद फायरिंग” की घोषणा की।एएफपी के पत्रकारों ने देखा कि आस-पास के सैन्य प्रतिष्ठानों की निकटता से आसमान में उड़ने वाले कई छोटे प्रोजेक्टाइल आसमान में उड़ रहे थे, जिसके बाद दोपहर 1.13 बजे (0513 जीएमटी) के आसपास सफेद धुएं और तेज धमाके की आवाज आई। चीन की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने “पूर्वी ताइवान जलडमरूमध्य में विशिष्ट क्षेत्रों पर लंबी दूरी की गोला बारूद फायरिंग की।”पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने एक बयान में कहा, “पूर्वी ताइवान जलडमरूमध्य पर विशिष्ट क्षेत्रों पर सटीक हमले किए गए और अपेक्षित परिणाम प्राप्त हुए।” अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी द्वारा द्वीप की यात्रा के बाद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन में बल के प्रदर्शन में चीन वर्तमान में ताइवान को घेरने वाले अपने कुछ सबसे बड़े सैन्य अभ्यास कर रहा है।रविवार तक चलने के लिए सेट, अभ्यास ताइवान के आसपास के कई क्षेत्रों में होगा कुछ बिंदुओं पर तट के सिर्फ 20 किलोमीटर (12 मील) के भीतर।

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पाक सेना कमांडर मारा गया, बलूच विद्रोहियों पर शक

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क्वेटा कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज अली और पांच अन्य को लेकर जा रहा पाकिस्तानी सेना का एक हेलीकॉप्टर सोमवार देर रात बलूचिस्तान के लासबेला इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। माना जाता है कि उसमें सवार सभी छह लोग मारे गए थे और जब दुर्घटना की जांच की जा रही है, तो बहुत मजबूत और विश्वसनीय संदेह है कि हेलिकॉप्टर को बलूच विद्रोहियों ने मार गिराया होगा।इनपुट्स में कहा गया है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी-जिसने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है-ने हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया हो सकता है क्योंकि क्वेटा कॉर्प्स कमांडर-एक उच्च पदस्थ व्यक्ति जो क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी को संभालता है और दक्षिण अफगानिस्तान के साथ सीमा की रक्षा करता है बोर्ड पर था.पाकिस्तान की रिपोर्ट में मारे गए अन्य पांच लोगों की पहचान ब्रिगेडियर अमजद हनीफ (डीजी कोस्ट गार्ड), मेजर सईद (पायलट), मेजर तल्हा (सह-पायलट) और नाइक मुदासिर (चालक दल के सदस्य) के रूप में हुई है।आगे की रिपोर्टों के अनुसार, बलूचिस्तान के लासबेला जिले में एक बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद हेलिकॉप्टर का जमीनी नियंत्रण से संपर्क टूट गया।बलूचिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में लापता विमान क्षेत्र की तलाशी अभियान जारी है।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एक स्थानीय मीडिया आउटलेट को बताया कि कम आबादी वाले पहाड़ी इलाके में मलबे और शवों, या बचे लोगों का पता लगाने के प्रयासों में बाधा आ रही है।पाक प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने चिंता व्यक्त की और राष्ट्र से सैनिकों के लिए प्रार्थना करने को कहा।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, "बलूचिस्तान से सेना के हेलीकॉप्टर का गायब होना चिंताजनक है। पूरा देश ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वह देश के इन बेटों की सुरक्षा, सुरक्षा और वापसी के लिए प्रार्थना करे जो बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए। ईश्वर की इच्छा" उर्दू में।
पूर्व पीएम इमरान खान ने डाउन किए गए हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हुए ट्वीट किया: "सेना के विमानन हेलीकॉप्टर के लापता होने की परेशान करने वाली खबर और उसमें सवार सभी लोगों के लिए प्रार्थना।"

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यूक्रेन, रूस से अनाज के एक साथ निर्यात के पक्ष में गुटेरेस

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संयुक्त राष्ट्र।  (वार्ता/स्पूतनिक) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस से एक साथ अनाज का निर्यात किये जाने की वकालत की है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि श्री गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस से एक साथ अनाज के निर्यात के सौदे को लेकर बात की है।

इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुझाव दिया था कि अनाज निर्यात का सबसे आसान और कम खर्चीला मार्ग बेलारूस के माध्यम से है , हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने हाल के दिनों में बेलारूस मार्ग के बारे में कोई बात नहीं की है।

वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि श्री गुटेरेस के दृष्टिकोण से खाद्य संकट गहराता जा रहा है और विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है। उन्होंने बताया कि वह (श्री गुटेरेस) शुरू में अनाज के निर्यात को पहले यूक्रेन और फिर रूस से बाहर करना चाहते थे।

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