Connect with us

विदेश

कनाडा में मोदी के स्वागत को तैयार भारतीय समुदाय

Published

on

ओटावा| भारतीय-कनाडाई समुदाय भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यहां जोरदार तरीके से स्वागत करेगा। मोदी के कनाडा के तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार को यहां पहुंचे। (bjp latest hindi news)
जर्मनी से ओटावा हवाई अड्डा पहुंचने पर मोदी का स्वागत कनाडा के बहु-संस्कृतिवादी मंत्री जैसन केनी, कनाडा में भारत के उच्चायुक्त विष्णु प्रकाश और कई भारतवंशी नेताओं ने किया।
कनाडा में मोदी के दौरे को लेकर काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि पिछले 42 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली कनाडा यात्रा है। इससे पहले इंदिरा गांधी वर्ष 1973 में बतौर प्रधानमंत्री कनाडा गई थीं। कनाडा के प्रधानमंत्री हालांकि, भारत का नियमित दौरा करते रहे हैं।
मोदी फ्रांस और जर्मनी का दौरा समाप्त कर कनाडा पहुंचे हैं। मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष स्टीफन हार्फर तथा कनाडा की बड़ी कंपनियों के मुख्य अधिशासी अधिकारियों के बीच होने वाली बैठक में व्यापार तथा निवेश मुख्य एजेंडा रहेगा।
वह दोनों देशों के बीच 2010 में हुई परमाणु संधि के तहत कनाडा के केमको कॉरपोरेशन से पहली यूरेनियम की आपूर्ति से संबंधित समझौता भी कर सकते हैं।
हालांकि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता होना संभव नहीं है, लेकिन मोदी की कनाडाई नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस मामले में प्रगति हो सकती है।
दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौता करने की कुछ जल्दबाजी दिखाई है, क्योंकि दोनों ने 2015 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा समय से तीन गुना बढ़ाकर 15 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन मौजूदा समय में यह संभव नहीं है, क्योंकि कनाडा, भारत के अस्थाई कामगारों या पर्यटकों को मुक्त प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा और भारत भी कनाडाई सामान के प्रवेश पर ऐसा ही रुख अपनाए हुए हैं।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार छह अरब डालर पर रूका हुआ है, जो कि कनाडा के चीन के साथ 60 अरब डॉलर के व्यापार से बहुत कम है।
इसके अतिरिक्त कनाडा के विदेशी व्यापार में भारत का हिस्सा सिर्फ एक फीसदी है, जो उवर्रक, लौह-अयस्क, लकड़ी और सरसों का तेल को लेकर होता है।
मोदी के आधारभूत संरचना के लिए निवेश को आकर्षित करने और ‘मेक इन इंडिया’ के लिए आधार तैयार करने की कोशिश से 2012 में दोनों देशों के बीच हुई निवेश संधि का सत्यापन तेजी से हो सकता है।
कनाडा की बड़ी कंपनियां बाम्बार्डियर, मैकैन फुड्स लिमिटेड, सन लाइफ फिनानसियल इंक, ब्लैकबेरी, ब्रुकफिल्ड एसेट मैनेजमेंट इंक भी भारत में मौजूद हैं।
मोदी अपनी सरकार के विदेशी निवेश के एजेंडे के तहत कनाडाई कंपनियों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। ऐसी खबरें है कि मोदी कनाडाई लोगों के लिए आगमन पर वीजा की भी घोषणा कर सकते हैं।
आधिकारिक चर्चा के बाद मोदी भारतवंशी समुदाय को टोरंटो रिकोच कोलिजियम में संबोधित करेंगे।
नवगठित नेशनल एलायंस ऑफ इंडो-कनैडियंस (एनएआईसी) इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है, जहां स्टीफन हार्पर भी लोगों को संबोधित करेंगे।

Continue Reading
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

विदेश

चीन ने ताजा हमले में ताइवान जलडमरूमध्य में लंबी दूरी की गोला बारूद दागी: रिपोर्ट

Published

on

 चीनी सेना ने गुरुवार को ताइवान जलडमरूमध्य में प्रोजेक्टाइल लॉन्च किए, एएफपी के पत्रकारों ने देखा, जैसा कि बीजिंग की सेना ने क्षेत्र में “लंबी दूरी तक गोला बारूद फायरिंग” की घोषणा की।एएफपी के पत्रकारों ने देखा कि आस-पास के सैन्य प्रतिष्ठानों की निकटता से आसमान में उड़ने वाले कई छोटे प्रोजेक्टाइल आसमान में उड़ रहे थे, जिसके बाद दोपहर 1.13 बजे (0513 जीएमटी) के आसपास सफेद धुएं और तेज धमाके की आवाज आई। चीन की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने “पूर्वी ताइवान जलडमरूमध्य में विशिष्ट क्षेत्रों पर लंबी दूरी की गोला बारूद फायरिंग की।”पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने एक बयान में कहा, “पूर्वी ताइवान जलडमरूमध्य पर विशिष्ट क्षेत्रों पर सटीक हमले किए गए और अपेक्षित परिणाम प्राप्त हुए।” अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी द्वारा द्वीप की यात्रा के बाद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन में बल के प्रदर्शन में चीन वर्तमान में ताइवान को घेरने वाले अपने कुछ सबसे बड़े सैन्य अभ्यास कर रहा है।रविवार तक चलने के लिए सेट, अभ्यास ताइवान के आसपास के कई क्षेत्रों में होगा कुछ बिंदुओं पर तट के सिर्फ 20 किलोमीटर (12 मील) के भीतर।

Continue Reading

विदेश

पाक सेना कमांडर मारा गया, बलूच विद्रोहियों पर शक

Published

on

क्वेटा कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज अली और पांच अन्य को लेकर जा रहा पाकिस्तानी सेना का एक हेलीकॉप्टर सोमवार देर रात बलूचिस्तान के लासबेला इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। माना जाता है कि उसमें सवार सभी छह लोग मारे गए थे और जब दुर्घटना की जांच की जा रही है, तो बहुत मजबूत और विश्वसनीय संदेह है कि हेलिकॉप्टर को बलूच विद्रोहियों ने मार गिराया होगा।इनपुट्स में कहा गया है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी-जिसने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है-ने हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया हो सकता है क्योंकि क्वेटा कॉर्प्स कमांडर-एक उच्च पदस्थ व्यक्ति जो क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी को संभालता है और दक्षिण अफगानिस्तान के साथ सीमा की रक्षा करता है बोर्ड पर था.पाकिस्तान की रिपोर्ट में मारे गए अन्य पांच लोगों की पहचान ब्रिगेडियर अमजद हनीफ (डीजी कोस्ट गार्ड), मेजर सईद (पायलट), मेजर तल्हा (सह-पायलट) और नाइक मुदासिर (चालक दल के सदस्य) के रूप में हुई है।आगे की रिपोर्टों के अनुसार, बलूचिस्तान के लासबेला जिले में एक बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद हेलिकॉप्टर का जमीनी नियंत्रण से संपर्क टूट गया।बलूचिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में लापता विमान क्षेत्र की तलाशी अभियान जारी है।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एक स्थानीय मीडिया आउटलेट को बताया कि कम आबादी वाले पहाड़ी इलाके में मलबे और शवों, या बचे लोगों का पता लगाने के प्रयासों में बाधा आ रही है।पाक प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने चिंता व्यक्त की और राष्ट्र से सैनिकों के लिए प्रार्थना करने को कहा।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, "बलूचिस्तान से सेना के हेलीकॉप्टर का गायब होना चिंताजनक है। पूरा देश ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वह देश के इन बेटों की सुरक्षा, सुरक्षा और वापसी के लिए प्रार्थना करे जो बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए। ईश्वर की इच्छा" उर्दू में।
पूर्व पीएम इमरान खान ने डाउन किए गए हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हुए ट्वीट किया: "सेना के विमानन हेलीकॉप्टर के लापता होने की परेशान करने वाली खबर और उसमें सवार सभी लोगों के लिए प्रार्थना।"

Continue Reading

विदेश

यूक्रेन, रूस से अनाज के एक साथ निर्यात के पक्ष में गुटेरेस

Published

on

संयुक्त राष्ट्र।  (वार्ता/स्पूतनिक) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस से एक साथ अनाज का निर्यात किये जाने की वकालत की है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि श्री गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस से एक साथ अनाज के निर्यात के सौदे को लेकर बात की है।

इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुझाव दिया था कि अनाज निर्यात का सबसे आसान और कम खर्चीला मार्ग बेलारूस के माध्यम से है , हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने हाल के दिनों में बेलारूस मार्ग के बारे में कोई बात नहीं की है।

वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि श्री गुटेरेस के दृष्टिकोण से खाद्य संकट गहराता जा रहा है और विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है। उन्होंने बताया कि वह (श्री गुटेरेस) शुरू में अनाज के निर्यात को पहले यूक्रेन और फिर रूस से बाहर करना चाहते थे।

Continue Reading

Trending

%d bloggers like this: