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बाज़ार

हिमाचल में खराब दालों की आपूर्ति : सीएजी

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शिमला| हिमाचल प्रदेश में गत चार सालों में जन वितरण प्रणाली के तहत 14.48 करोड़ रुपये मूल्य की खराब और कीड़े लगी दालों की जनता को आपूर्ति की गई है। (himachal pradesh hindi news) यह बात देश के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने कही। सीएजी ने कहा कि ऐसी दालों के 11 आपूर्तिकर्ताओं को अनुचित तरजीह भी दिया गया, जबकि गुणवत्ता परीक्षण में उनके दाल पास नहीं कर पाए थे।
2010-14 के बीच 22,296 कुंटल दाल, 2,50,213 लीटर सरसों और रिफाइंड तेल और 12,568 कुंटल आयोडीनयुक्त नमक के नमूने गुणवत्ता परीक्षण में खरे नहीं उतरे। इनका कुल मूल्य 14.48 करोड़ रुपये है।
सीएजी ने कहा कि इसमें 1.77 करोड़ रुपये मूल्य के 3,309 कुंटल कीड़े लगी दालों की आपूर्ति भी शामिल है।
रपट तीन से चार महीने की देरी से मिली थी, जिसके कारण उपभोक्ताओं को जन वितरण प्रणाली के जरिए खराब सामग्रियों की आपूर्ति हो गई।
हिमाचल प्रदेश के पास अपनी खाद्य सब्सिडी योजना है, जिसके तहत 16,99,255 राशनकार्ड धारकों को तीन तरह के दाल, खाद्य तेल और नमक सब्सिडी दर पर दिए जाते हैं।
मौजूदा कारोबारी साल में सरकार ने खाद्य सब्सिडी योजना के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
सीएजी ने कहा कि 2010 से 2014 के बीच 11 आपूर्तिकर्ताओं ने 5.59 करोड़ रुपये मूल्य की 11,198 कुंटल दाल की आपूर्ति की थी। इन आपूर्तिकर्ताओं को बार-बार आपूर्ति के लिए ठेके दिए गए, जबकि पिछली जांच में उनकी आपूर्ति के नमूने गुणवत्ता मानक पर खरे नहीं उतरे थे।
सीएजी ने कहा कि सरकार के पास खराब आपूर्ति करने वालों की पहचान करने और उनको काली सूची में डालने की कोई व्यवस्था नहीं है।
सीएजी को दिए गए जवाब में सरकार ने कहा कि खराब खाद्य वस्तुओं को बदलने में असमर्थ होने की स्थिति में ऐसे आपूर्तिकर्ताओं से आपूर्ति मूल्य का 20 फीसदी जुर्माने के तौर पर वसूला गया है।
काली सूची में डालने के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि यह एक सही विकल्प नहीं है, क्योंकि भविष्य में इससे निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा घटेगी।
सीएजी ने कहा कि सरकार के उत्तर से 20 फीसदी जुर्माना भुगतान के साथ खराब आपूर्ति को बार-बार स्वीकार करने को सही ठहराया गया।

बाज़ार

इस साल 20 फीसदी महंगा होगा वाहनों का बीमा!

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  • नए-पुराने करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्‍ली। पेट्रोल और डीजल के बाद देश के करोड़ों वाहन मालिकों को महंगाई की एक और डोज़ मिल सकती है। बीमा कंपनियों ने इस साल इंश्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ाने की योजना बना ली है। कंपनियां का इरादा थर्ड पार्टी मोटर इंश्‍योरेंस को 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने का है। बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण को बीमा कंपनियों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कोरोना के कारण कंपनियों को हो रहे नुक़सान को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस में 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी करने की मंजूरी देने की मांग की गई है। अगर कंपनियों की मांग मंजूर हुई तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक: भारत में करीब 25 जनरल इंश्‍योरेंस कंपनियां हैं। कंपनियों को उम्‍मीद है कि उनके प्रस्ताव को इरडा हरी झंडा दे देगा। कंपनियों का मानना है कि कोरोना के कारण उनको बहुत नुकसान हो रहा है। इसी को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस का मौजूदा प्रीमियम ठीक नहीं है और उन्‍हें घाटा हो रहा है। कुछ कंपनियां की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनकी करदान क्षमता उनकी प्रिस्‍क्राइब्‍ड लिमिट से भी नीचे चली गई है। थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस क्‍लेम में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के एक निर्णय के बाद नये दोपहिया वाहनों को खरीदते वक्‍त ही पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस और चारपहिया वाहनों के लिए तीन साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। मोटर व्हीकल एक्‍ट के अनुसार जो भी वाहन सड़क पर चलता है, उसका थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस होना आवश्‍यक है। इंश्‍योरेंस प्रीमियम इरडा निर्धारित करता है। प्रीमियम में हर साल बदलाव होता है। पिछले दो साल से कोरोना के कारण इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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देश

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 61 हजार के पार

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नई दिल्ली। शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन रौनक देखने को मिल रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 30 अंकों के सूचकांक सेंसेक्स और व्यापक 50 अंकों वाले निफ्टी ने बुधवार को शुरूआती कारोबार में तेजी के साथ बढ़त हासिल की। सुबह 10.13 बजे सेंसेक्स अपने पिछले बंद 60,616 अंक से 0.6 फीसदी ऊपर 60,972 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 61,014 अंक पर खुला।

इसी तरह निफ्टी 18,156 अंक के पिछले बंद के स्तर से 0.6 प्रतिशत ऊपर 18,156 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 18,170 अंक पर खुला।
शुरूआती कारोबार के दौरान फायदे में हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रहे हैं।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, टाइटन, टीसीएस, सिप्ला, टेक महिंद्रा, विप्रो घाटे वाले शेयर रहे हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी.के. विजयकुमार ने कहा, अल्पकालिक गति दर्शाती है कि बाजार पूरी तरह से बुल के नियंत्रण में है। आज तीन बड़ी आईटी कंपनियों से अपेक्षित अच्छे परिणाम बाजार को मिलने की संभावना है।

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देश

तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल, डीजल की कीमतों में फिर उछाल

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नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर तेजी आई। देश के सबसे बड़े ईंधन रिटेलर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमतें 30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के साथ 91.07 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि पेट्रोल की कीमतें 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गई।

डीजल की कीमतें अब पिछले 12 दिनों में से 9 बार बढ़ाई गई गई हैं, जिससे दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 2.45 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में शुक्रवार को 20 पैसे प्रति लीटर और फिर पिछले सप्ताह रविवार, सोमवार और मंगलवार को 25 पैसे प्रति लीटर और गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और मंगलवार को फिर 30 पैसे प्रति लीटर की दर से बढ़ी।
पेट्रोल की कीमतों में 5 सितंबर से स्थिरता बनी हुई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने इस सप्ताह अपने पंप की कीमतों में बढ़ोतरी की, क्योंकि हाल ही में उत्पाद की कीमतों में तेजी आई है। पेट्रोल की कीमतों में भी पिछले आठ दिनों में से छह दिन बढ़ाई गई है, जिससे इसकी कीमत में 1.45 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 108.67 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई। देशभर में भी, पेट्रोल और डीजल में 20-30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई, लेकिन स्थानीय करों के स्तर के आधार पर उनकी खुदरा दरें भिन्न रहीं।

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