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बाज़ार

बाजार से उतर गया मोदी का जादू?

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मुंबई| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करीब डेढ़ साल पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार बनने के समय बाजार जहां से चला था, सोमवार को गिरते हुए वापस वहीं पहुंच गया। तो क्या मान लिया जाए कि बाजार से मोदी जादू उतर गया है? देश के शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट रही। (indian stock market news) प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 308.09 अंकों की गिरावट के साथ 24,893.81 पर और निफ्टी 96.25 अंकों की गिरावट के साथ 7,558.80 पर बंद हुआ है।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 101.08 अंकों की तेजी के साथ 25,302.98 पर खुला और 308.09 अंकों या 1.22 फीसदी गिरावट के साथ 24,893.81 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 25,387.32 के ऊपरी और 24,851.77 के निचले स्तर को छुआ।

सेंसेक्स के 30 में से चार शेयरों -एचडीएफसी (0.64 फीसदी), टाटा मोटर्स (0.23 फीसदी), ओएनजीसी (0.18 फीसदी) और मारुति (0.07 फीसदी)- में तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एक्सिस बैंक (3.90 फीसदी), वेदांता (3.59 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.34 फीसदी), हिंडाल्को (3.05 फीसदी) और ल्युपिन (2.96 फीसदी)।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 30.80 अंकों की तेजी के साथ 7,685.85 पर खुला और 96.25 अंकों या 1.26 फीसदी गिरावट के साथ 7,558.80 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 7,705.05 के ऊपरी और 7,545.90 के निचले स्तर को छुआ।

उल्लेखनीय है कि 16 मई, 2014 को आम चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद मोदी गुजरात से सात रेसकोर्स पहुंच गए और इसके साथ ही शेयर बाजारों में अभूतपूर्व तेजी का सिलसिला देखने को मिला था। उस दिन सेंसेक्स 25,375 के ऊपरी स्तर को छूने के बाद 24,121 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7,563 का ऊपरी स्तर छूने के बाद 7,203 पर बंद हुआ था।

फिलहाल यह तो नहीं कहा जा सकता है कि मोदी सरकार बनने के बाद बाजार में आया उत्साह खत्म हो चुका है, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि अच्छे समय में भी बाजार गिर सकता है और बाजार में आई तेजी स्थायी नहीं रहती है।

चीन के बाजार में सुस्ती, मानसूनी बारिश के उम्मीद से कम रहने और रुपये में गिरावट जैसे कारणों से सोमवार को बाजार में गिरावट रही।

अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा दर बढ़ाने की संभावना भी बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

जियोजीत बीएनपी पारिबा फाइनेंशियल सर्विसिस के रिसर्च प्रमुख एलेक्स मैथ्यूज ने कहा, “बाजार में तेजी लाने वाला कोई नया कारण मौजूद नहीं है।”

मैथ्यूज ने कहा कि चीन की विकास दर के अनुमान को घटाने के बाद पूरे एशिया के बाजार में गिरवट देखी जा रही है।

सोमवार को हैंगसैंग में 1.23 फीसदी गिरावट रही। चीन के शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 2.55 फीसदी गिरावट रही। जापान का निक्के ई हालांकि 0.38 फीसदी तेजी के साथ बंद हुआ।

रुपये में गिरावट ने भी भारतीय शेयर बाजारों की गिरावट में भूमिका निभाई।

रुपये सोमवार को डॉलर के मुकाबले 40 पैसे कमजोर होकर 66.86 पर बंद हुआ। इससे पहले रुपये ने चार सितंबर, 2013 को 66.80 के स्तर को पार किया था।

मानसूनी बारिश कम रहने का भी निवेशकों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दीर्घावधि औसत के मुकाबले मानसूनी बारिश के अनुमान को 88 फीसदी से घटाकर 81 फीसदी कर दिया है।

मानसूनी बारिश कम रहने से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दर कटौती की संभावना पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।

एंजल ब्रोकिंग के रिसर्च उपाध्यक्ष वैभव अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, “तेजी के साथ खुलने के बाद भी रुपये में गिरावट और मानसूनी बारिश का अनुमान घटाए जाने से निफ्टी में करीब 1.26 फीसदी गिरावट रही।”

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 227.32 अंकों की गिरावट के साथ 10,132.58 पर और स्मॉलकैप 186.61 अंकों की गिरावट के साथ 10,418.63 पर बंद हुआ।

बीएसई के सभी 12 सेक्टरों में गिरावट रही। स्वास्थ्य सेवा (2.57 फीसदी), धातु (2.31 फीसदी), बैंकिंग (2.10 फीसदी), बिजली (1.92 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 659 शेयरों में तेजी और 2016 में गिरावट रही, जबकि 99 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।

बाज़ार

इस साल 20 फीसदी महंगा होगा वाहनों का बीमा!

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  • नए-पुराने करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्‍ली। पेट्रोल और डीजल के बाद देश के करोड़ों वाहन मालिकों को महंगाई की एक और डोज़ मिल सकती है। बीमा कंपनियों ने इस साल इंश्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ाने की योजना बना ली है। कंपनियां का इरादा थर्ड पार्टी मोटर इंश्‍योरेंस को 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने का है। बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण को बीमा कंपनियों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कोरोना के कारण कंपनियों को हो रहे नुक़सान को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस में 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी करने की मंजूरी देने की मांग की गई है। अगर कंपनियों की मांग मंजूर हुई तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक: भारत में करीब 25 जनरल इंश्‍योरेंस कंपनियां हैं। कंपनियों को उम्‍मीद है कि उनके प्रस्ताव को इरडा हरी झंडा दे देगा। कंपनियों का मानना है कि कोरोना के कारण उनको बहुत नुकसान हो रहा है। इसी को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस का मौजूदा प्रीमियम ठीक नहीं है और उन्‍हें घाटा हो रहा है। कुछ कंपनियां की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनकी करदान क्षमता उनकी प्रिस्‍क्राइब्‍ड लिमिट से भी नीचे चली गई है। थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस क्‍लेम में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के एक निर्णय के बाद नये दोपहिया वाहनों को खरीदते वक्‍त ही पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस और चारपहिया वाहनों के लिए तीन साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। मोटर व्हीकल एक्‍ट के अनुसार जो भी वाहन सड़क पर चलता है, उसका थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस होना आवश्‍यक है। इंश्‍योरेंस प्रीमियम इरडा निर्धारित करता है। प्रीमियम में हर साल बदलाव होता है। पिछले दो साल से कोरोना के कारण इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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देश

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 61 हजार के पार

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नई दिल्ली। शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन रौनक देखने को मिल रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 30 अंकों के सूचकांक सेंसेक्स और व्यापक 50 अंकों वाले निफ्टी ने बुधवार को शुरूआती कारोबार में तेजी के साथ बढ़त हासिल की। सुबह 10.13 बजे सेंसेक्स अपने पिछले बंद 60,616 अंक से 0.6 फीसदी ऊपर 60,972 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 61,014 अंक पर खुला।

इसी तरह निफ्टी 18,156 अंक के पिछले बंद के स्तर से 0.6 प्रतिशत ऊपर 18,156 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 18,170 अंक पर खुला।
शुरूआती कारोबार के दौरान फायदे में हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रहे हैं।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, टाइटन, टीसीएस, सिप्ला, टेक महिंद्रा, विप्रो घाटे वाले शेयर रहे हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी.के. विजयकुमार ने कहा, अल्पकालिक गति दर्शाती है कि बाजार पूरी तरह से बुल के नियंत्रण में है। आज तीन बड़ी आईटी कंपनियों से अपेक्षित अच्छे परिणाम बाजार को मिलने की संभावना है।

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देश

तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल, डीजल की कीमतों में फिर उछाल

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नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर तेजी आई। देश के सबसे बड़े ईंधन रिटेलर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमतें 30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के साथ 91.07 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि पेट्रोल की कीमतें 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गई।

डीजल की कीमतें अब पिछले 12 दिनों में से 9 बार बढ़ाई गई गई हैं, जिससे दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 2.45 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में शुक्रवार को 20 पैसे प्रति लीटर और फिर पिछले सप्ताह रविवार, सोमवार और मंगलवार को 25 पैसे प्रति लीटर और गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और मंगलवार को फिर 30 पैसे प्रति लीटर की दर से बढ़ी।
पेट्रोल की कीमतों में 5 सितंबर से स्थिरता बनी हुई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने इस सप्ताह अपने पंप की कीमतों में बढ़ोतरी की, क्योंकि हाल ही में उत्पाद की कीमतों में तेजी आई है। पेट्रोल की कीमतों में भी पिछले आठ दिनों में से छह दिन बढ़ाई गई है, जिससे इसकी कीमत में 1.45 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 108.67 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई। देशभर में भी, पेट्रोल और डीजल में 20-30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई, लेकिन स्थानीय करों के स्तर के आधार पर उनकी खुदरा दरें भिन्न रहीं।

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