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बाज़ार

अब कैसे गलेगी दाल!

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छत्तीसगढ़ में दाल की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। लगातार बढ़ रही दाल की कीमतों ने आम आदमी के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों का बजट बिगाड़ दिया है, दाल-रोटी खाना तक मुहाल कर दिया है। (latest chhattisgarh market hindi news)रायपुर के लोगों का कहना है कि ऐसी हालत में दाल कैसे गलेगी?

यहां थोक में अरहर दाल की कीमतें 160 से 180 रुपये के बीच जा पहुंची हैं तो चिल्हर में ये 200 रुपये के आसपास टिकी हुई है।

दालों की कीमतें बढ़ने का प्रमुख कारण फसल की बर्बादी माना जा रहा है तो कुछ लोग बाजार में व्यवस्थित रूप से दालों के नहीं पहुंचना महंगाई की वजह मान रहे हैं। कारण चाहे जो भी हो, दाल की कीमतों ऐसी ही बढ़ती रहीं तो सामने आ रहे दशहरा-दीवाली तक ये 200 का आंकड़ा भी पार कर लेगा।

महंगी दालों से निजात दिलाने के सरकारी प्रयास भी जारी हैं। छत्तीसगढ़ प्रशासन के खाद्य विभाग ने विभिन्न बंदरगाहों में आयातित दालों को लाने का नीतिपरक निर्णय लिया है। इसके तहत बंदरगाहों से रायपुर तक दाल लाने प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर केंद्र स्तर पर ही निर्णय होना है।

बताया जाता है कि अरहर दाल की कीमत 15-20 दिनों में ही 30 रुपये के लगभग बढ़ गई है। इसके पीछे कुछ व्यापारी आवक कमजोर होने को कारण बता रहे हैं। वहीं स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि दाल की कीमतें जिस तेजी से दोहरे शतक की ओर बढ़ रही है, इससे आने वाले समय में इसकी कीमतें का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है कि ये कहां तक जा पहुंचेगा, क्योंकि सामने दशहरा-दीवाली जैसा बड़ा त्योहार है।

किराना दुकान चलाने वाले कैलाश का कहना है कि दालों में तेजी का सिलसिला पिछले तीन-चार महीने से लगातार जारी है। जुलाई के महीने में जहां अरहर दाल की कीमत 75 से 85 के बीच रही है, वहीं अक्टूबर में यह 180 से 200 के बीच जा पहुंची है।

राजधानी रायपुर के अनाज-दालों के थोक व्यापारी मनोज ने बताया कि राहर दाल की कीमतें थोक में ही 160 से 180 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। आने वाले समय में इसकी और तेजी से इनकार नहीं किया जा सकता।

गृहिणी सुनीता, लक्ष्मीबाई, अनुभा जैसी कई गृहिणियों का कहना है कि दालों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने मध्यम-गरीब वर्ग की कमर तोड़कर रख दी है। जून-जुलाई में अरहर दाल की कीमतें जहां 85-90 के आसपास थी, लेकिन सिंतबर-अक्टूबर ने तो सारे रिकार्ड तोड़ डाले। आज उन्हें दाल 180 रुपये प्रति किलो दर पर खरीदना पड़ रहा है।

इधर, राज्य शासन ने जिला कलेक्टरों को प्रदेश में अरहर दाल, चना दाल और मसूर दाल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और इनके विक्रय पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

परिपत्र में कहा गया है कि राज्य में विगत चार महीनों के दौरान दालों के मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ आवश्यक वस्तु व्यापारी (अनुज्ञापन तथा जमाखोरी पर निबर्धन) आदेश-2009 के तहत राज्य शासन द्वारा व्यापारियों एवं कमीशन एजेंटों के लिए किसी एक समय में सभी प्रकार की दालों की अधिकतम स्टॉक सीमा एक हजार क्विंटल निर्धारित की गई है।

परिपत्र में कहा गया है कि दालों के थोक एवं खुदरा व्यापारियों की बैठक लेकर दालों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। यदि दालों के परिवहन और भंडारण के संबंध में किसी प्रकार की समस्या हो तो तत्काल इसका निराकरण करें। दालों के अनुज्ञप्तिधारियों से उनके कारोबार स्थल पर उपलब्ध स्टॉक की मात्रा और मूल्य की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए। अनुज्ञप्तिधारियों से दालों के उपलब्ध स्टॉक की प्राप्तियां एवं विक्रय आदि की मासिक विवरणी प्राप्त करें और इसके आधार पर स्थानीय प्रशासनिक अमले द्वारा आकस्मिक रूप से स्टॉक की जांच कराए।

कहा गया है कि जांच के दौरान उपलब्ध स्टॉक की अनावश्यक रूप से बिक्री रोके जाने या जमाखोरी से संबंधित प्रमाण पाए जाने पर स्टॉक जब्त करें और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत राजसात की कार्रवाई करें।

कलेक्टरों से कहा गया है कि जिले में दालों के दैनिक बाजार भाव की सतत रूप से निगरानी करें और बाजार भाव में आकस्मिक वृद्धि परिलक्षित होने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करें। कलेक्टरों द्वारा की गई कार्रवाई से संचालक खाद्य को अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

बाज़ार

इस साल 20 फीसदी महंगा होगा वाहनों का बीमा!

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  • नए-पुराने करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्‍ली। पेट्रोल और डीजल के बाद देश के करोड़ों वाहन मालिकों को महंगाई की एक और डोज़ मिल सकती है। बीमा कंपनियों ने इस साल इंश्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ाने की योजना बना ली है। कंपनियां का इरादा थर्ड पार्टी मोटर इंश्‍योरेंस को 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने का है। बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण को बीमा कंपनियों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कोरोना के कारण कंपनियों को हो रहे नुक़सान को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस में 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी करने की मंजूरी देने की मांग की गई है। अगर कंपनियों की मांग मंजूर हुई तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक: भारत में करीब 25 जनरल इंश्‍योरेंस कंपनियां हैं। कंपनियों को उम्‍मीद है कि उनके प्रस्ताव को इरडा हरी झंडा दे देगा। कंपनियों का मानना है कि कोरोना के कारण उनको बहुत नुकसान हो रहा है। इसी को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस का मौजूदा प्रीमियम ठीक नहीं है और उन्‍हें घाटा हो रहा है। कुछ कंपनियां की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनकी करदान क्षमता उनकी प्रिस्‍क्राइब्‍ड लिमिट से भी नीचे चली गई है। थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस क्‍लेम में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के एक निर्णय के बाद नये दोपहिया वाहनों को खरीदते वक्‍त ही पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस और चारपहिया वाहनों के लिए तीन साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। मोटर व्हीकल एक्‍ट के अनुसार जो भी वाहन सड़क पर चलता है, उसका थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस होना आवश्‍यक है। इंश्‍योरेंस प्रीमियम इरडा निर्धारित करता है। प्रीमियम में हर साल बदलाव होता है। पिछले दो साल से कोरोना के कारण इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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देश

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 61 हजार के पार

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नई दिल्ली। शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन रौनक देखने को मिल रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 30 अंकों के सूचकांक सेंसेक्स और व्यापक 50 अंकों वाले निफ्टी ने बुधवार को शुरूआती कारोबार में तेजी के साथ बढ़त हासिल की। सुबह 10.13 बजे सेंसेक्स अपने पिछले बंद 60,616 अंक से 0.6 फीसदी ऊपर 60,972 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 61,014 अंक पर खुला।

इसी तरह निफ्टी 18,156 अंक के पिछले बंद के स्तर से 0.6 प्रतिशत ऊपर 18,156 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 18,170 अंक पर खुला।
शुरूआती कारोबार के दौरान फायदे में हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रहे हैं।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, टाइटन, टीसीएस, सिप्ला, टेक महिंद्रा, विप्रो घाटे वाले शेयर रहे हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी.के. विजयकुमार ने कहा, अल्पकालिक गति दर्शाती है कि बाजार पूरी तरह से बुल के नियंत्रण में है। आज तीन बड़ी आईटी कंपनियों से अपेक्षित अच्छे परिणाम बाजार को मिलने की संभावना है।

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देश

तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल, डीजल की कीमतों में फिर उछाल

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नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर तेजी आई। देश के सबसे बड़े ईंधन रिटेलर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमतें 30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के साथ 91.07 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि पेट्रोल की कीमतें 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गई।

डीजल की कीमतें अब पिछले 12 दिनों में से 9 बार बढ़ाई गई गई हैं, जिससे दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 2.45 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में शुक्रवार को 20 पैसे प्रति लीटर और फिर पिछले सप्ताह रविवार, सोमवार और मंगलवार को 25 पैसे प्रति लीटर और गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और मंगलवार को फिर 30 पैसे प्रति लीटर की दर से बढ़ी।
पेट्रोल की कीमतों में 5 सितंबर से स्थिरता बनी हुई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने इस सप्ताह अपने पंप की कीमतों में बढ़ोतरी की, क्योंकि हाल ही में उत्पाद की कीमतों में तेजी आई है। पेट्रोल की कीमतों में भी पिछले आठ दिनों में से छह दिन बढ़ाई गई है, जिससे इसकी कीमत में 1.45 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 108.67 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई। देशभर में भी, पेट्रोल और डीजल में 20-30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई, लेकिन स्थानीय करों के स्तर के आधार पर उनकी खुदरा दरें भिन्न रहीं।

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