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बाज़ार

एफपीआई ने बेचे 6553.44 करोड़ रुपये के शेयर (साप्ताहिक समीक्षा)

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नई दिल्ली| पूंजीगत लाभ पर न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) के मुद्दे पर समाधान, कमजोर तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये के मूल्य में गिरावट की वजह से विदेशी निवेशकों ने आठ मई को समाप्त सप्ताह के दौरान भारतीय शेयर बाजारों से नकदी निकाली। (latest stock market news in hindi) आठ मई को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय शेयर बाजारों में शुद्ध बिकवाली की। उन्होंने शेयर बाजार में 1.02 अरब डॉलर यानी 6,553.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

नेशनल सिक्युरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने इस समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान प्राथमिक और अन्य बाजारों में 30.1 लाख डॉलर यानी 18.77 करोड़ रुपये का निवेश किया।

30 अप्रैल को समाप्त पिछले सप्ताह के दौरान, एफपीआई ने 72.577 करोड़ डॉलर यानी 4,603.14 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इस समय विदेशी निवेशकों ने प्राथमिक और अन्य बाजारों में 12.1 लाख डॉलर यानी 8.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी निवेशक पूंजीगत लाभ पर एमएटी मुद्दे के बारे में जानने के इच्छुक थे।

जायफिन एडवाइजर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नेवगी ने आईएएनएस को बताया, “एमएटी मुद्दे, चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों, कच्चे तेल की बढ़ रही कीमतों और अमेरिका के नॉन-फॉर्म रोजगार के आंकड़ों में वृद्धि से विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकालने शुरू कर दिए हैं।”

उन्होंने कहा, “हालांकि छोटी अवधि में बेशक निवेशक बाजार से बाहर निकल जाएं, लेकिन पेंशन और एंडाउमेंट फंड जैसे लंबी अवधि के निवेशक अभी भी भारतीय बाजार में निवेश करना चाहते हैं।”

वैश्विक रेटिंग एजेंसी ‘फिच’ का कहना है कि यदि सरकार ने न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) मुद्दे को जल्द नहीं सुलझाया तो पूंजीगत लाभ पर एमएटी की वजह से विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजारों से दूरी बना सकते हैं।

फिच के निदेशक थॉमस रूकमेकर ने आईएएनएस को ई-मेल के जरिए दिए अपने बयान में कहा, “इससे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को भविष्य में घरेलू बाजार में निवेश करने में दो बार सोचना पड़ सकता है। हालांकि अपने समकक्षों की तुलना में भारत का मजबूत विकास परिदृश्य निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।”

उन्होंने कहा, “हाल के कुछ सप्ताहों में बाजार में शुद्ध विदेशी निवेशक निवेश से बाहर निकले हैं।”

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में कहा था कि मंत्रालय ने विदेशी फंड के साथ पैदा हुए न्यूनतम वैकल्पिक कर विवाद से संबंधित मुद्दे को विधि आयोग के अध्यक्ष ए.पी.शाह की अध्यक्षता वाली एक समिति के पास भेजने का निर्णय लिया है और उस पर जल्द सुझाव देने का आग्रह किया गया है।

कोटक सिक्युरिटीज के वरिष्ठ प्रबंधक अनिंद्य बनर्जी ने आईएएनएस को बताया कि एमएटी मुद्दे को छोड़कर यूरो बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी नॉन-फॉर्म रोजगार जैसे अंतर्राष्ट्रीय कारकों की वजह से भारत में एफपीआई का निवेश बना रह सकता है।

बाज़ार

इस साल 20 फीसदी महंगा होगा वाहनों का बीमा!

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  • नए-पुराने करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्‍ली। पेट्रोल और डीजल के बाद देश के करोड़ों वाहन मालिकों को महंगाई की एक और डोज़ मिल सकती है। बीमा कंपनियों ने इस साल इंश्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ाने की योजना बना ली है। कंपनियां का इरादा थर्ड पार्टी मोटर इंश्‍योरेंस को 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने का है। बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण को बीमा कंपनियों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कोरोना के कारण कंपनियों को हो रहे नुक़सान को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस में 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी करने की मंजूरी देने की मांग की गई है। अगर कंपनियों की मांग मंजूर हुई तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक: भारत में करीब 25 जनरल इंश्‍योरेंस कंपनियां हैं। कंपनियों को उम्‍मीद है कि उनके प्रस्ताव को इरडा हरी झंडा दे देगा। कंपनियों का मानना है कि कोरोना के कारण उनको बहुत नुकसान हो रहा है। इसी को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस का मौजूदा प्रीमियम ठीक नहीं है और उन्‍हें घाटा हो रहा है। कुछ कंपनियां की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनकी करदान क्षमता उनकी प्रिस्‍क्राइब्‍ड लिमिट से भी नीचे चली गई है। थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस क्‍लेम में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के एक निर्णय के बाद नये दोपहिया वाहनों को खरीदते वक्‍त ही पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस और चारपहिया वाहनों के लिए तीन साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। मोटर व्हीकल एक्‍ट के अनुसार जो भी वाहन सड़क पर चलता है, उसका थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस होना आवश्‍यक है। इंश्‍योरेंस प्रीमियम इरडा निर्धारित करता है। प्रीमियम में हर साल बदलाव होता है। पिछले दो साल से कोरोना के कारण इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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देश

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 61 हजार के पार

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नई दिल्ली। शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन रौनक देखने को मिल रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 30 अंकों के सूचकांक सेंसेक्स और व्यापक 50 अंकों वाले निफ्टी ने बुधवार को शुरूआती कारोबार में तेजी के साथ बढ़त हासिल की। सुबह 10.13 बजे सेंसेक्स अपने पिछले बंद 60,616 अंक से 0.6 फीसदी ऊपर 60,972 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 61,014 अंक पर खुला।

इसी तरह निफ्टी 18,156 अंक के पिछले बंद के स्तर से 0.6 प्रतिशत ऊपर 18,156 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 18,170 अंक पर खुला।
शुरूआती कारोबार के दौरान फायदे में हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रहे हैं।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, टाइटन, टीसीएस, सिप्ला, टेक महिंद्रा, विप्रो घाटे वाले शेयर रहे हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी.के. विजयकुमार ने कहा, अल्पकालिक गति दर्शाती है कि बाजार पूरी तरह से बुल के नियंत्रण में है। आज तीन बड़ी आईटी कंपनियों से अपेक्षित अच्छे परिणाम बाजार को मिलने की संभावना है।

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देश

तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल, डीजल की कीमतों में फिर उछाल

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नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर तेजी आई। देश के सबसे बड़े ईंधन रिटेलर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमतें 30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के साथ 91.07 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि पेट्रोल की कीमतें 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गई।

डीजल की कीमतें अब पिछले 12 दिनों में से 9 बार बढ़ाई गई गई हैं, जिससे दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 2.45 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में शुक्रवार को 20 पैसे प्रति लीटर और फिर पिछले सप्ताह रविवार, सोमवार और मंगलवार को 25 पैसे प्रति लीटर और गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और मंगलवार को फिर 30 पैसे प्रति लीटर की दर से बढ़ी।
पेट्रोल की कीमतों में 5 सितंबर से स्थिरता बनी हुई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने इस सप्ताह अपने पंप की कीमतों में बढ़ोतरी की, क्योंकि हाल ही में उत्पाद की कीमतों में तेजी आई है। पेट्रोल की कीमतों में भी पिछले आठ दिनों में से छह दिन बढ़ाई गई है, जिससे इसकी कीमत में 1.45 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 108.67 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई। देशभर में भी, पेट्रोल और डीजल में 20-30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई, लेकिन स्थानीय करों के स्तर के आधार पर उनकी खुदरा दरें भिन्न रहीं।

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