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बाज़ार

थोक महंगाई दर मामूली वृद्धि के बावजूद नकारात्मक

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नई दिल्ली| देश में वार्षिक थोक महंगाई दर सितंबर में भी नकारात्मक 4.54 प्रतिशत पर बनी रही। अगस्त में हालांकि यह दर नकारात्मक 4.95 प्रतिशत रही थी। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आधिकारिक थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार पर वार्षिक महंगाई दर सितंबर में 2.38 फीसदी रही है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, डब्ल्यूपीआई के तीन प्रमुख उपसूचकांकों में प्राथमिक वस्तुओं और विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर में क्रमश: 0.4 फीसदी और 0.1 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।

लेकिन, ईंधन और बिजली की मंहगाई दर में 1.7 फीसदी की कमी आई है।

सितंबर में खाद्य महंगाई दर में 0.69 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अगस्त में इसमें 1.13 फीसदी की गिरावट आई थी। पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 3.68 प्रतिशत गिरावट आई थी।

समीक्षाधीन महीने के दौरान आम खपत की कुछ आवश्यक वस्तुओं की कीमतों ने घरेलू बजट पर खासा असर डाला है। इन वस्तुओं में प्याज और दालें शामिल हैं, जिनकी कीमतों में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले सितंबर महीने में क्रमश: 113.70 फीसदी और 38.56 फीसदी वृद्धि हुई है।

दूध, मांस, अंडे, मछली जैसी अन्य प्रोटीन वाली खाद्य वस्तुओं की कीमतों में सितंबर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। सालाना आधार पर दूध 2.16 प्रतिशत महंगा हुआ, जबकि अंडा, मांस और मछली की कीमतों में 2.02 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई।

जबकि, इसी अवधि में आलू और सब्जियों की कीमतें क्रमश: 57.34 फीसदी और 9.45 फीसदी नीचे आईं। चावल और अनाज की कीमतों में भी क्रमश: 3.64 प्रतिशत और 1.02 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

थोक महंगाई का आंकड़ा सितंबर के लिए खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी होने के बाद आया है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर सितंबर में अगस्त के 3.74 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 4.41 फीसदी दर्ज की गई थी।

विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में भी खाद्य सामग्री की कीमत में कमी आई है। सालाना आधार पर चीनी के दाम में 16.30 फीसदी की कमी आई है।

लेकिन, इसी आधार पर खाद्य तेलों की कीमत में 3.21 फीसदी की वृद्धि हुई है।

ईंधन सूचकांक में 17.71 फीसदी की कमी आई है। इसमें पेट्रोल 14.78 फीसदी और डीजल 28.06 फीसदी सस्ता हुआ है। रसोई गैस की कीमत 5.33 फीसदी गिरी है।

बाज़ार

इस साल 20 फीसदी महंगा होगा वाहनों का बीमा!

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  • नए-पुराने करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्‍ली। पेट्रोल और डीजल के बाद देश के करोड़ों वाहन मालिकों को महंगाई की एक और डोज़ मिल सकती है। बीमा कंपनियों ने इस साल इंश्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ाने की योजना बना ली है। कंपनियां का इरादा थर्ड पार्टी मोटर इंश्‍योरेंस को 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने का है। बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण को बीमा कंपनियों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कोरोना के कारण कंपनियों को हो रहे नुक़सान को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस में 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी करने की मंजूरी देने की मांग की गई है। अगर कंपनियों की मांग मंजूर हुई तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक: भारत में करीब 25 जनरल इंश्‍योरेंस कंपनियां हैं। कंपनियों को उम्‍मीद है कि उनके प्रस्ताव को इरडा हरी झंडा दे देगा। कंपनियों का मानना है कि कोरोना के कारण उनको बहुत नुकसान हो रहा है। इसी को देखते हुए थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस का मौजूदा प्रीमियम ठीक नहीं है और उन्‍हें घाटा हो रहा है। कुछ कंपनियां की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनकी करदान क्षमता उनकी प्रिस्‍क्राइब्‍ड लिमिट से भी नीचे चली गई है। थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस क्‍लेम में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के एक निर्णय के बाद नये दोपहिया वाहनों को खरीदते वक्‍त ही पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस और चारपहिया वाहनों के लिए तीन साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। मोटर व्हीकल एक्‍ट के अनुसार जो भी वाहन सड़क पर चलता है, उसका थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस होना आवश्‍यक है। इंश्‍योरेंस प्रीमियम इरडा निर्धारित करता है। प्रीमियम में हर साल बदलाव होता है। पिछले दो साल से कोरोना के कारण इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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देश

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 61 हजार के पार

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नई दिल्ली। शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन रौनक देखने को मिल रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 30 अंकों के सूचकांक सेंसेक्स और व्यापक 50 अंकों वाले निफ्टी ने बुधवार को शुरूआती कारोबार में तेजी के साथ बढ़त हासिल की। सुबह 10.13 बजे सेंसेक्स अपने पिछले बंद 60,616 अंक से 0.6 फीसदी ऊपर 60,972 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 61,014 अंक पर खुला।

इसी तरह निफ्टी 18,156 अंक के पिछले बंद के स्तर से 0.6 प्रतिशत ऊपर 18,156 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह 18,170 अंक पर खुला।
शुरूआती कारोबार के दौरान फायदे में हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रहे हैं।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, टाइटन, टीसीएस, सिप्ला, टेक महिंद्रा, विप्रो घाटे वाले शेयर रहे हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी.के. विजयकुमार ने कहा, अल्पकालिक गति दर्शाती है कि बाजार पूरी तरह से बुल के नियंत्रण में है। आज तीन बड़ी आईटी कंपनियों से अपेक्षित अच्छे परिणाम बाजार को मिलने की संभावना है।

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देश

तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल, डीजल की कीमतों में फिर उछाल

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नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर तेजी आई। देश के सबसे बड़े ईंधन रिटेलर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमतें 30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के साथ 91.07 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि पेट्रोल की कीमतें 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गई।

डीजल की कीमतें अब पिछले 12 दिनों में से 9 बार बढ़ाई गई गई हैं, जिससे दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 2.45 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में शुक्रवार को 20 पैसे प्रति लीटर और फिर पिछले सप्ताह रविवार, सोमवार और मंगलवार को 25 पैसे प्रति लीटर और गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और मंगलवार को फिर 30 पैसे प्रति लीटर की दर से बढ़ी।
पेट्रोल की कीमतों में 5 सितंबर से स्थिरता बनी हुई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने इस सप्ताह अपने पंप की कीमतों में बढ़ोतरी की, क्योंकि हाल ही में उत्पाद की कीमतों में तेजी आई है। पेट्रोल की कीमतों में भी पिछले आठ दिनों में से छह दिन बढ़ाई गई है, जिससे इसकी कीमत में 1.45 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 25 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 108.67 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई। देशभर में भी, पेट्रोल और डीजल में 20-30 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई, लेकिन स्थानीय करों के स्तर के आधार पर उनकी खुदरा दरें भिन्न रहीं।

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