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ग़ाजियाबाद

सियासत के दांव में कांग्रेस, बसपा और सपा को पटखनी देगी भाजपा!

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  • मेयर चुनाव में सक्रिय नजर आ रही है भाजपा, अन्य दल बरत रहे हैं खामोशी

गाजियाबाद। मेयर चुनाव की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है और पंचायत चुनाव के बाद मेयर चुनाव करा लिये जायेंगे, इसकी विधिवत रूप से घोषणा उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने भी कर दी है। यूपी चुनाव आयोग की घोषणा के बाद दलों के टिकटोत्सुक नेताओं में खलबली मची हुई है, वहीं भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर अन्य दलों में खामोशी छाई हुई है।

भाजपा मेयर चुनाव को वर्ष-2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमिफाइनल मानकर चल रही है और पूर्व से निरंतर मिल रही जीत को एक बार फिर से दोहराने के मूड़ में नजर आ रही है। वहीं अन्य दल बसपा और सपा की बात की जाए तो अभी तक स्थिति यह भी साफ नहीं हो सकती है कि ये दोनों दल मेयर चुनाव सिम्बल पर लड़ेंगे या फिर पूर्व की भॉति अपने समर्थित प्रत्याशियों को मैदान में उतारेंगे। दोनों दलों के नेता भी मेयर चुनाव के संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, वहीं कांग्रेसी नेताओं में भी मेयर चुनाव का उत्साह कम ही नजर आ रहा है।कांगे्रसी नेताओं का दबी जुबान में कहना है कि अभी पार्टी की सही वक्त नहीं चल रहा है, ऐसे में क्या किसी चुनाव को जीतना टेढ़ी खीर ही साबित होगा।

वर्ष-2012 में मेयर चुनाव गाजियाबाद में हुआ था। मेयर चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा की गई थी, जिसमें भाजपा की ओर से मेयर का टिकट तेलूराम काम्बोज को दिया गया था और कांग्रेस ने विजय चौधरी को प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा था। सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने इस चुनाव में अपना सिम्बल जारी नहीं किया था और बतौर समर्थित प्रत्याशी के रूप में सुधन रावत चुनाव लड़े थे। समाजवादी पार्टी की तर्ज पर ही बसपा का भी हाल रहा, बसपा ने भी अपना सिम्बल किसी प्रत्याशी को नहीं दिया और समर्थित प्रत्याशी के रूप में श्यामवीर चौधरी मेयर चुनाव लड़े।

मेयर चुनाव भाजपा और सपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में रहा। कड़ी टक्कर के दौरान भाजपा प्रत्याशी तेलूराम काम्बोज विजयी रहे और दूसरे नंबर पर सपा प्रत्याशी सुधन रावत रहे और तीसरे नंबर पर कांग्रेस के प्रत्याशी विजय चौधरी रहे। चौथे नंबर पर बसपा समर्थित प्रत्याशी श्यामवीर चौधरी रहे जिन्हें इस चुनाव में महज पचास हजार के आसपास मत प्राप्त हुए। पिछले दिनों मेयर तेलूराम काम्बोज का निधन होने के बाद मेयर सीट रिक्त हो गई थी, जिसमें हाईकोर्ट में डाली गई एक रिट पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यूपी चुनाव आयोग से चुनाव कराने के संबंध में जानकारी मांगी तो चुनाव आयोग की ओर से बताया गया कि मेयर चुनाव पंचायत चुनाव पूर्ण होने के 40 दिनों के भीतर सम्पूर्ण करा लिये जायेंगे।

चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद गाजियाबाद में मेयर चुनाव की सरगर्मियां यकायक बढ़ गई, और सभी दलों के टिकटोत्सुक नेताओं ने अपनी तैयारियों को मूर्तरूप देना भी शुरू कर दिया था, लेकिन भाजपा को छोड़कर अन्य दल इस ओर खामोशी बरत हुए हैं। खामोशी के पीछे वजह बताई जा रही है कि सपा और बसपा इस बार भी चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को समर्थन देगी ना कि सिम्बल पर चुनाव लड़वायेगी।

उत्तर प्रदेश

कमिश्नर अजय मिश्रा बोले गुडवर्क पर टीम होगी आगे और बैडवर्क पर मैं दूंगा जवाब

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15 दिन में शुरू हो जाएंगी कमिश्नरी वाली कोर्ट, साइबर क्राइम को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी करेंगे मजबूत
गौरव शशि नारायण (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरी के पहले कमिश्नर आॅफ पुलिस सीपी आईजी अजय मिश्रा ने गाजियाबाद में बुधवार को सुबह करीब 8:30 बजे लखनऊ से पहुंचने के बाद चार्ज संभाल ले लिया। शाम को गाजियाबाद के पहले पुलिस कमिश्नर अजय मिश्रा मीडिया से रूबरू हुए उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नर के रूप में उन्होंने चार्ज ले लिया है। अजय मिश्रा ने बताया है कि अब कमिश्नर ही बनी है तो पुलिस प्रशासन से उपेक्षा बढ़ेगी और वह उसे पूरी तरह से निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि वह अभी लगभग 3 महीने पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस यूपी कैडर में आए हैं और पुलिस मुख्यालय के बाद उनको सीधे गाजियाबाद कमिश्नर के रूप में तैनाती दी गई है। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी वर्तमान में आईजी स्तर के अजय मिश्रा ने कहा है कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को तीन महीने के भीतर पटरी पर लाया जाएगा और जिले में चलने वाली सभी पुलिस कोर्ट को भी 15 दिनों के भीतर संचालित करने पर जोर दिया जाएगा। सीपी अजय मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि निकाय चुनाव को लेकर गाजियाबाद पुलिस पहले ही तैयारी शुरू कर चुकी थी, अब इसे और मजबूती से अधिक दल बल के साथ लागू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा होने की वजह से यहां साइबर क्राइम और अन्य क्राइम का रेट अधिक है, लेकिन साइबर क्राइम को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी को मजबूत किया जाएगा। साथ ही साइबर सेल और साइबर सेल सेंटर इसे हर हाल में मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि वह गाजियाबाद में जाम और अतिक्रमण की समस्या पर जनता और अन्य विभागों के साथ मिलकर काम करेंगे। जिसका असर कुछ महीनों में जनता को खुद महसूस होने लगेगा।

कमिश्नरेट में बढ़ेगी 1000 पुलिसकर्मियों की संख्या
सीपी अभय मिश्रा ने मीडिया को जानकारी दी है कि गाजियाबाद के कमिश्नर घोषणा होने और उनकी तैनाती के बाद जल्द ही शासन स्तर से गाजियाबाद कमिश्नरी के लिए लगभग 1000 पुलिसकर्मियों के पुलिस बल को जिले में तैनाती दी जाएगी। इसमें आईपीएस अधिकारी से लेकर महिला और पुरुष पुलिसकर्मी साथ ही पुलिस अधिकारियों के लिए वाहन और उनके निवास व कार्यालयों की व्यवस्था की जाएगी। सीपी ने बताया है कि पुलिस का लगभग 1000 का फोर्स बढ़ने का सीधा असर कमिश्नरेट सिस्टम गाजियाबाद की कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया है कि वह फुट पेट्रोलिंग से लेकर जनपद में की जाने वाली पुलिसिंग पर ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा है कि जब पब्लिक के ऊपर पुलिस की संख्या बढ़ती है तो इसका असर पुलिसिंग पर स्पष्ट नजर आने लगता है।

सीपी का विजन है क्लियर, गुडवर्क पर क्रेडिट टीम को और बैडवर्क पर वह खुद देंगे जवाब
दैनिक करंट क्राइम से बातचीत करते हुए गाजियाबाद के पहले नवनियुक्त सीपी अजय मिश्रा ने कहा है कि गाजियाबाद जिले में जो भी गुडवर्क होंगे उसमें वह पीछे बैकवर्ड होने पर जवाब देने के लिए आगे रहेंगे। उन्होंने बताया कि बीते लगभग सभी प्रमुख पोस्टिंग के दौरान उनकी सोशल मीडिया से लेकर गूगल पर फोटो और वीडियो कम ही मिलेंगी। वह फोटो और वीडियो से दूर रहते हैं। गुडवर्क पर वह अपनी टीम को आगे रखेंगे और बैडवर्क होने पर वह खुद आगे आकर जवाब देंगे और उनकी जिम्मेदारी रहेगी कि कैसे घटनाओं के खुलासे तत्परता के साथ किए जा सकें। उन्होंने कहा है कि क्राइम कंट्रोल करने के लिए वह पूरी मेहनत के साथ कमिश्नरी सिस्टम में काम करेंगे।

ट्रैफिक का जाम करता है पूरी सोसाइटी को परेशान
सीपी अजय मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि गाजियाबाद जैसे बड़े शहर में जाम पूरी सोसाइटी को परेशान करने का काम करता है। लोग समय से अपने आॅफिस नहीं पहुंच पाते हैं, तो वहीं स्कूल की छुट्टी के बाद छोटे बच्चे और उनके शिक्षक जाम की वजह से रास्ते में फंसे रहते हैं। उन्होंने बताया कि जाम लगाने वाले जिम्मेदार और लापरवाह लोगों पर जल्दी गाजियाबाद की पुलिस, यातायात पुलिस, नगर निगम और जीडीए अथॉरिटी मिलकर सामूहिक प्रयास करते हुए जाम की समस्या से कुछ हद तक समाधान कराने का प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग के बिना कोई भी पुलिसिंग और व्यवस्था अधूरी है। सीपी अजय मिश्रा ने कहा है कि लोग सीसीटीवी अधिक से अधिक लगवाएं। साथ ही पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ेगी और ऐसे इलाके जहां डार्क स्पॉट हैं, वहां रोशनी की व्यवस्था को भी बढ़ाने का काम किया जाएगा।

जनता से लेकर मीडिया को दूंगा समय
पत्रकारों ने नए सीपी अजय मिश्रा से सवाल पूछा कि वह जनता और मीडिया को कितना समय देंगे, तो उन्होंने जवाब दिया कि जनता और मीडिया के लिए वह हमेशा तैयार हैं और उनका काम इन्ही दोनों लोगों के बीच तालमेल बैठाना और बेहतर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि उनका काम पर फोकस रहेगा और महिला अपराधों को नियंत्रण करने के लिए भी वह पूरी शिद्दत के साथ काम करेंगे। अपराध पर कंट्रोल पाना और कानून व्यवस्था को शासन की मंशा के अनुरूप पालन कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

तीन जोन के तीन एडिशनल कमिश्नर होंगे तैनात
सीपी अजय मिश्रा ने जानकारी दी है कि गाजियाबाद में जल्द ही पुलिस बल मिलने और नई पोस्टिंग होने के बाद यहां अधिकारियों की एक लंबी टीम वर्किंग के लिए रेडी होगी। इसमें जोन 1, 2 और 3 में तीन एडिशनल कमिश्नर स्तर के अधिकारी होंगे। तो वहीं 9 जोनल एसीपी भी मौजूद होंगे। साथ ही लगभग 10 से ज्यादा आईपीएस अधिकारियों और आधा दर्जन से ज्यादा पीपीएस अधिकारियों को भी पोस्ट किया जाएगा।

सुल्तानपुर से लेकर कश्मीर तक रही है अजय मिश्रा की पोस्टिंग
गाजियाबाद के पहले सीपी अजय मिश्रा ने बताया है कि वह सुल्तानपुर, इटावा, महोबा, बागपत, प्रतापगढ़, मैनपुरी, वाराणसी और कानपुर के साथ ही एटीएस में एक साल तक एसएसपी और इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ ही कश्मीर में भी काम कर चुके हैं। खुफिया तंत्र पर काम करने से लेकर पुलिसिंग का लंबा अनुभव उनको पुलिस के साथ ही खुफिया तंत्र में काम करने का रहा है। उन्होंने वर्ष 2014 के चुनाव मैनपुरी में संपन्न कराएं हैं, तो 2017 के चुनाव के दौरान कानपुर जिले में तैनात रहे। उनके पास लंबा अनुभव होने के साथ ही पुलिस का पारिवारिक माहौल रहा है और वह चुनौतियों से पीछे नहीं हटते हैं।

शांतिपूर्वक संपन्न कराएंगे निकाय चुनाव : सीपी
अजय मिश्रा ने गाजियाबाद में पहले कमिश्नर का चार्ज लेने के बाद कहां है कि गाजियाबाद में होने वाले निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम तेज कर लिया गया है। जल्द ही गाजियाबाद पुलिस को 1000 नए पुलिसकर्मी मिलेंगे जो काफी मददगार होगा। साथ ही चुनाव के मद्देनजर अन्य जिलों और केंद्रीय फोर्स की भी मांग की जाएगी।

सीपी ने ली पुलिस अधिकारियों संग बैठक, लाइन में हुआ डिनर
सीपी अजय मिश्रा ने बुधवार को गाजियाबाद की पुलिस लाइन में जनपद के सभी सीओ और एसपी स्तर के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। जिसमें परिचय प्राप्त करने से लेकर संवेदनशील इलाकों मामलों और क्राइम कंट्रोल को लेकर शुरूआती चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया है कि इसके बाद सीपी ने यहां पुलिस अधिकारियों संग डिनर किया। जिसमें कुछ औपचारिक बातचीत भी की गई। सूत्र बता रहे हैं कि जल्द ही वह गाजियाबाद की सड़कों से लेकर पुलिस कार्यालय में जन सुनवाई करते हुए नजर आएंगे और कमिश्नरी सिस्टम लागू होने का असर उनके अनुसार जल्द ही जनता और मीडिया को देखने में महसूस होगा।

पुलिस मुख्यालय पर लग गया पुलिस आयुक्त कार्यालय का नया बोर्ड
गाजियाबाद कमिश्नरी में पहले कमिश्नर अजय मिश्रा ने चार्ज बुधवार को लिया और शाम को वह मीडिया से रूबरू हुए। तो रात को उनके पुलिस कार्यालय जो अब पुलिस आयुक्त कार्यालय के नाम से जाना जाएगा उसका नया चमचमाता हुआ बोर्ड लगा दिया गया है। जल्द ही जिले की पुलिस लाइन से लेकर अन्य अधिकारियों के कार्यालय और जनपद के सभी थानों में नए बोर्ड लगाने के साथ ही जिले की सभी माइक मोबाइल और पीआरवी वाहनों पर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरी लिखा जाएगा। साथ ही जहां पर गाजियाबाद पुलिस के बोर्ड लगे हुए थे अब उससे गाजियाबाद कमिश्नरी के रूप में बदला जाएगा।

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उत्तर प्रदेश

दिसम्बर के दूसरे हफ्ते में जारी हो सकती है निकाय चुनाव अधिसूचना

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दो चरणों में हो सकते हैं निकाय चुनाव और पांच दिसम्बर को आ सकती है आरक्षण की सूची
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। निगम और निकाय चुनाव को लेकर जहां दावेदार इंतजार कर रहे हैं वहीं सरकार भी इन चुनावों को लेकर तैयारी कर चुकी है। निर्वाचन आयोग को आठ जनवरी तक चुनाव कराने हैं।
सूत्र बता रहे हैं कि निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और दिसम्बर के दूसरे हफ्ते में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है।
लखनऊ सूत्र बता रहे हैं कि अधिसूचना से पहले दिसम्बर के पहले हफ्ते में आरक्षण के सस्पेंस से पर्दा हट जायेगा। पांच दिसम्बर को आरक्षण वाली सूची जारी हो सकती है। मुख्य सचिव के सामने निकाय और निगम के वार्ड चुनाव की सूची को लेकर आरक्षण का प्रजेंटेशन हो चुका है। अब मुख्यमंत्री के सामने प्रजेंटेशन के बाद सूची जारी की जायेगी। लिहाजा इस बात की प्रबल संभावना बन रही है कि पांच दिसम्बर को वार्ड आरक्षण की सूची आ रही है और दिसम्बर के दूसरे हफ्ते में निगम और निकाय चुनाव की रणभेरी बज जायेगी।

मेयर सीट होगी जनरल दस निगम वार्ड को लेकर हलचल
दिसम्बर महीने के शुरूआत में ही सीन क्लियर हो जायेगा। सूत्र बताते हैं कि निगम की मेयर सीट गाजियाबाद में जनरल पुरूष आरक्षित होने जा रही है और दस निगम वार्ड ऐसे हैं जो आरक्षण को लेकर हलचल मचाये हुए हैं।

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उत्तर प्रदेश

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट से लेकर मिसेज इंडिया के रोल में नजर आएंगी लक्ष्मी चौहान

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। उत्तर प्रदेश पुलिस की तेज तर्रार महिला पुलिस अधिकारी लक्ष्मी सिंह चौहान जल्द ही लक्ष्मी चौहान द पावर आॅफ वूमेन बायोग्राफी में एक्टिंग करती हुई नजर आएंगी। बुधवार को इंदिरापुरम के एक फार्म हाउस में इस बायोग्राफी का प्रमोशन कार्यक्रम रखा गया। जिसमें महिला पुलिस अधिकारी लक्ष्मी चौहान पुलिस वर्दी में तेज तर्रार अंदाज में नजर आएंगी। इस बायोग्राफी में वह अपने बचपन से लेकर पुलिस की नौकरी में आने से पहले के संघर्ष और पुलिस की नौकरी ज्वाइन करने के बाद एनकाउंटर से लेकर मिसेज इंडिया और डॉक्टरेट की उपाधि पाने तक की भूमिका का रोल अदा करते हुए नजर आएंगी। इसके साथ ही उनके द्वारा 2006 में इंदिरापुरम इलाके में हुई एक मुठभेड़ जिसमें उन्हें आउट आॅफ टर्न का पुरस्कार मिला था उसका भी रूपांतरण दशार्या जाएगा। लक्ष्मी चौहान ने किस तरीके से पुलिस की नौकरी करने के साथ-साथ मां, बेटी और बहन का रोल अदा किया यह भी उनकी बायोग्राफी का हिस्सा बनेगा। फिल्म के डायरेक्टर लखन चौधरी और प्रड्यूसर मोनिका शर्मा के साथ ही पूरी बायोग्राफी को विराट फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले तैयार किया जाएगा। इसमें बॉलीवुड और लोकल इंडस्ट्री के कई जाने-माने चेहरे भी उनके साथ अदाकारी करते हुए नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर बन रही बायोग्राफी ना सिर्फ महिलाओं को प्रेरणा देगी बल्कि यह केंद्र और राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास कल्याण मिशन का एक प्रमोशन भी है। उनकी इस नई उपलब्धि के लिए उन्हें पुलिस से लेकर समाज के अन्य वर्गों के लोगों ने बधाई दी।

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