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ग़ाजियाबाद

ट्रैफिक पुलिस का अभियान, दुपहिया वाले परेशान

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गाजियाबाद (कंरट क्राइम)। दिल्ली में रहने वाला मेरा एक दोस्त पिछले दिनों गाजियाबाद आया। (ghaziabad latest news) गाजियाबाद आने के बाद मैने उसका हाल-चाल जाना तो उसने तपाक से कहा कि गाजियाबाद में क्या कुछ बड़ी घटना हो गई है जो जगह जगह पुलिस वाहनों की चैकिंग कर रही है, चैकिंग सिर्फ दुपहिया वाहन चालकों की ही हो रही है, बल्कि गाड़ियां पुलिस कर्मियों के सामने से होकर गुजर रही हैं, जिन्हें पुलिसकर्मी रोकने तक की कोई जहमत नहीं उठा रहा है।
मैने यूपी गेट से जैसे ही गाजियाबाद में दस्तक दी तो सबसे पहले वैशाली लाल बत्ती पर पुलिस कर्मियों ने चैकिंग के लिए रोका, इसके बाद, मोहननगर चौराहे पर पुलिस कर्मियों ने चैकिंग के लिए रोका, इसके बाद मेरठ रोड तिराहे पर पुलिस कर्मियों ने चैकिंग की और इसके बाद जैसे ही पुराने बस अड्डे पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने चैकिंग के लिए रोकने का इशारा कर दिया। पुराने बस अड्डे से गोविंदपुरम की ओर निकला तो हापुड़ चुंगी पर मौजूदा पुलिस कर्मियों ने चैकिंग के लिए रोक लिया, इसके बाद शास्त्रीनगर चिरंजीव विहार को जाने वाली सड़क पर पुलिस कर्मियों ने रोक लिया और मोटर साइकिल के तमाम दस्तावेज चैक किये, अभी में थोड़ा ही आगे बढ़ा था कि पुलिस लाइन पार करते ही सड़क के दोनों तरफ पुलिस की दो गाड़िया खड़ी थी और पुलिस कर्मी हर आने जाने वाले दुपहिया वाहन चालकों की तरफ इस कदर टूट कर पड़ रहे थे, कि जैसे कोई अपराधी सड़क से होकर गुजर रहा है। मेरा भी नंबर आ गया और एक पुलिसकर्मी ने मुझे हड़काते हुए कहा कि मोटर साइकिल साइड में करो और अपने कागज चैक कराओं। कागज लेकर में जैसे ही दूसरे पुलिसकर्मी के निकट पहुंचा तो मुझे पुलिसकर्मी ने हड़काते हुए कहा कि कागज दिखाने के लिए कहा। मेरे द्वारा कागज दिखाने के बाद मुझे आगे जाने के लिए पुलिस कर्मियों ने रास्ता खोल दिया, और अपने अपने गातंव्य तक पहुंच सका। दोस्त की इन बातों को सुनकर मैने जबाव दिया कि आजकल पुलिस थोड़ा सक्रिय हो गई है और अपनी सक्रियता आम आदमी को दिखाने के लिए सड़कों पर निरंतर चैकिंग कर रही है, वह अलग बात है कि दुपहिया वाहन चालक उनके टारगेट पर ज्यादा हैं।
चलिए यह बात तो रही मेरे एक दोस्त की, लेकिन आजकल महानगर की सड़कों पर कुछ ऐसा नजारा आम हो चला है, जहां पुलिस की पिकेट जगह जगह वाहन चालकों को रोककर चैकिंग कर रही है। हम पुलिस की चैकिंग का विरोध नहीं कर रहे हैं, हम तो सिर्फ यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि कानून सभी के लिए बराबर हो, कानून के लिए ना कोई बड़ा है और ना ही कोई छोटा है, लेकिन पुलिस का यह चैकिंग अभियान सिर्फ मोटरसाइकिल वालों पर ही क्यों चल रहा है। चंद कदमों की दूरी पर ही पुलिस वाहनों को चैक करने के लिए खड़ी हो जाती है। गोविंदपुरम पुलिस चौकी से लेकर हापुड़ चुंगी तक तीन जगह दुपहिया वाहन चालकों को चैकिंग की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसके बाद पुराने बस अड्डे और आसपास के क्षेत्र में भी जगह जगह पुलिस सड़कों पर खड़ी होकर दुपहिया वाहन चालकों की चैकिंग कर रही है।
ओवर लोड, फिल्म चढ़ी कार
हुटर पर नहीं कोई ध्यान
महानगर में इन दिनों जहां सड़कों पर चैकिंग करने का सिलसिला आम हो गया है, वहीं पुलिस पुलिस सिर्फ चैकिंग के नाम पर दुपहिया वाहन चालकों को टारगेट बना रही है, इसके अलावा बसो में तादाद से ज्यादा सवारियों, ओवर लोड वाहन, काली फिल्म चढ़ी कारों व हुटर लगी कारों की तरफ पुलिस कोई ध्यान नहीं दे रही है। कई बार देखने को मिल रहा है कि पुलिसकर्मियों के सामने ही नियमों को ताक पर रखकर गाड़िया सरपट निकल जाती हैं और पुलिसकर्मी इस ओर कोई कार्रवाई करने नहीं करते हैं।
कालोनियों में भी चैकिंग
पुलिस के इस अभियान के तहत सबसे खास बात यह है कि पुलिस हाइवे आदि को छोड़कर वाहनों की चैकिंग कालोनियों के बीचों बीच कर रही है। कालोनी के रहने वाले लोग जब मार्केट के लिए निकलते हैं तो उन्हें भी पुलिस की चैकिंग प्रक्रिया से दोचार होना पड़ता है। पुलिस कर्मियों को भी भली भॉति मालूम होता है कि चैकिंग के दौरान रोका गया, व्यक्ति स्थानीय कालोनी का रहने वाला है, लेकिन चंद रुपयों की खातिर कालोनी वासियों को परेशान किया जाता है।

‘सब पर हो रही है कार्रवाई’

पुलिस अधीक्षक यातायात अमर सिंह का कहना है कि चैकिंग प्रक्रिया निरंतर की जाती रहती है, इसमें कोई नया नहीं है। पुलिस कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह कानून का पालन कराने के लिए नियमित चैकिंग करें, ताकि लोग यातायात के नियमों का पालन करने लगें। श्री सिंह का कहना है कि दुपहिया वाहन चालकों के साथ अन्य नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

उत्तर प्रदेश

साल 2023 में 55 थानों वाला हो जाएगा पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद!

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35 से अधिक एसीपी स्तर के अधिकारियों को भी मिलेगी तैनाती
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को मजबूत और पहले से अधिक क्रियाशील बनाने के लिए साल 2023 के अंत तक गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत 55 थानों को चालू कर दिया जाएगा। वर्तमान में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत 23 थाने बने हुए हैं, जबकि 10 नए थानों को जल्द शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
वहीं पुलिस के बेहद करीबी सूत्र बता रहे हैं कि गाजियाबाद के शहर, रूरल और ट्रांस हिंडन जोन में थानों की कुल संख्या 55 हो जाएगी। इसी के साथ गाजियाबाद में एसीपी स्तर के अधिकारियों की संख्या में भी इजाफा होगा। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत 25 से अधिक सर्किल भी होने के कयास लगाया
जा रहा है।
वर्तमान में कुल 9 सर्किल हैं। सर्किल बढ़ने के साथ ही यहां एसीपी स्तर के अधिकारियों को नई तैनाती की जा सकती है जिसकी कुल संख्या 35 तक जा सकती है।
वर्तमान में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत एसीपी स्तर के 17 अधिकारियों के लिए पद सृजित किए गए हैं, जो साल 2023 के अंत तक बढ़कर 35 तक
पहुंच जाएंगे।
प्रभारी मंत्री के सामने उठा था थानों व सर्किल बढ़ाने का मुद्दा
बीते दिनों उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और गाजियाबाद के प्रभारी मंत्री के रुप में पहुंचे, उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण के जिला मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने उनको जानकारी दी थी कि गाजियाबाद कमिश्नरेट में लगातार थानों की संख्या बढ़ाने का कार्य चल रहा है। साल 2023 के अंत तक जिले के तीनों जोन को मिलाकर थानों की कुल संख्या 55 तक पहुंच सकती है।
वहीं एसीपी स्तर के अधिकारियों की संख्या भी शासन द्वारा 17 तय की गई की गई थी। जिससे भविष्य में बढ़ाया जाना है। वहीं एसीपी स्तर के अधिकारियों को तैनाती देने के लिए नए सर्किल वितरित किए जाएंगे।
सर्किल आॅफिसर पर रहेगा दो थानों का प्रभार !
पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के अंतर्गत 55 थानों को शुरू कर दिया जाएगा। तो प्रत्येक सर्किल आॅफिसर के अंतर्गत 2-2 थानों का सर्किल रहेगा। यह समीकरण सिटी से लेकर नदियापार और देहात के थानाक्षेत्रों में भी लागू होंगे। वहीं एसीपी स्तर के अधिकारियों के पास भी दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

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उत्तर प्रदेश

लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने ली बड़ी गारंटी

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कहा-साधु संतों के आशीर्वाद से होली के बाद लोनी होगी अपराध मुक्त
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर कई दिनों की खामोशी के बाद फिर से फॉर्म में आये हैं। उनके घर पर हरिद्वार से साधु संत आये हैं। शुक्रवार को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के घर पर साधु संतों का डेरा था। विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने साधु संतों की सेवा की और बताया कि ये सभी साधु नाथ पंथ के साधु हैं और एक सप्ताह तक यानी महाशिवरात्रि तक लोनी में ही हवन करेंगे। विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि इस हवन से लोनी में राक्षस प्रवृति के लोग, असुरी शक्तियां, भटकती आत्मायें सभी को तर्पण दिया जायेगा।
जिनकी हत्या हुई है और अकाल मौत को प्राप्त हुए हैं उनकी आत्मा की शांति के लिए भी तर्पण होगा। लेकिन जिन लोगों ने आपराधिक कृत्य किये हैं उनके नष्ट होने का आह्वान इस हवन में होगा। ये यज्ञ अपने आप में महत्वपूर्ण है। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गारंटी ली कि आने वाली होली के बाद इस हवन के इफैक्ट दिखाई देंगे। लोनी गारंटी से अपराध मुक्त हो जायेगी। वैसे अभी भी पहले की तुलना में लोनी में क्राइम
कम है।
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने यह कहकर अधिकारियों का ध्यान हिन्दी भवन में उस समय अपनी ओर खींचा जब उन्होंने कहा कि राम राज्य या तो लोनी में है या फिर अयोध्या
में है।

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उत्तर प्रदेश

रैपिड रेल का उद्घाटन करने आ सकते हैं गाजियाबाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

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वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। रैपिड रेल प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है और इस रूट पर रैपिड रेल का ट्रायल रन चल रहा है। बताया जाता है कि ट्रायल रन भी लगभग पूरा हो चुका है और स्टेशन का काम भी पूरा है। ये एक बड़ा प्रोजेक्ट है और केन्द्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के लोकसभा क्षेत्र में इसे एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है। लोकसभा सांसद जनरल वीके सिंह ने रैपिड रेल प्रोजेक्ट को लेकर केन्द्र सरकार में विशेष प्रयास किये और एक तरह से यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद में लोकसभा सांसद जनरल वीके सिंह की देन कहा जा सकता है। अब गाजियाबाद ऐसा शहर हो गया है जहां रैपिड रेल जनता के लिए समर्पित की जानी है। सूत्र बता रहे हैं कि मार्च महीने में रैपिड रेल का उद्घाटन हो सकता है और इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रैपिड रेल का उद्घाटन करने के लिए आ सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि रैपिड रेल का उद्घाटन मार्च के महीने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों द्वारा होगा। कयास ये भी लगाये जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गाजियाबाद आयेंगे तो वो रैपिड रेल का उद्घाटन साहिबाबाद से करेंगे या दुहाई स्टेशन को इसके लिए चुना जायेगा।

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