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ग़ाजियाबाद

क्या दो सीटों पर चुनाव लड़ेंगे विधायक वहाब चौधरी

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गाजियाबाद। नीले हाथी वाले खेमे में इन दिनों इस बात की चर्चा जोरों पर है, कि उनके एक वर्तमान विधायक क्या दो सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। (ghaziabad bsp hindi news) बसपा ने मुरादनगर सीट से सत्यपाल चौधरी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। सत्यपाल चौधरी हाल ही में बसपा में शामिल हुए हैं, और शामिल होते ही उन्हें बसपा ने टिकट भी थमा दिया है। अब हाथी के महावतों में इस बात को लेकर इस बात को लेकर चर्चा है कि सत्यपाल चौधरी की पैरवी वहाब चौधरी ने की है। बहाव चौधरी मोदीनगर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन मुरादनगर में अभी भी मुस्लिम वोटों पर उन्हीं का जलवाा कायम है। सत्यपाल चौधरी को मुरादनगर से चुनाव लड़ना है, लेकिन सवाल यह है कि उधार के जलवे से वो चुनावी रण में कितना सफल हो पायेंगे। हाल ही में बसपा ने श्रीजी पैलेस में अपना कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया था। यह सम्मेलन मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र में था, और यहां सत्यपाल चौधरी को अपनी ताकत दिखानी थी। इलाका मुरादनगर का था और जो नारे वहां लग रहे थे, वे कुछ ओर ही संकेत दे रहे थे।

सम्मेलन में नारे या तो वहाब चौधरी के नाम के लग रहे थे या फिर राहुल चौधरी डैनी के समर्थकों ने अपने नारों से अपने नेता की ताकत का अहसास करा रखा था। कार्डिनेटर मुकेश जाटव ने तो मंच से कहा भी यहां गाजियाबाद मुरादनगर और साहिबाबाद के लोग हैं। सभी कार्यकर्ता हैं। मैसेज बिलकुल साफ था कि छोटे से हाल में भीड़ अकेले मुरादनगर की नहीं है। बसपा यहां डीएम समीकरण के बल पर चुनाव जीती थी। इस डीएम को जाट प्रत्याशी का क्या लाभ मिलेगा, यह विचार करने की बात है। जो नजारा था, उससे स्पष्ट था कि सम्मेलन में सत्यपाल चौधरी से ज्यादा राकेश पहलवान और राहुल चौधरी और वहाब चौधरी के लोग मौजूद थे। सम्मेलन में नारे सत्यपाल चौधरी के लगने चाहिए थे, लेकिन नारे बहाव चौधरी और राहुल चौधरी उर्फ डैनी के लग रहे थे। संगठन भी सत्यपाल से ज्यादा रूची पार्टी को मजबूत करने वाले चेहरों में ले रहा है। बसपा के बडेÞ नेताओं में भी सत्यपाल चौधरी से ज्यादा दिलचस्पी राकेश यादव के आवास पर जाने में दिखाई। अब चर्चा इस बात को लेकर है कि बहाव चौधरी ने सत्यपाल चौधरी की जीत का ठेका तो ले लिया है, लेकिन वह मोदीनगर से चुनाव लड़ेंगे या मुरादनगर से जीत दिलवाने में जुटेंगे। दीवारों को रंगकर चुनाव नहीं जीते जाते और उधार के वोट कभी काम नहीं आते, यह बातें सत्यपाल चौधरी को समझ जानी चाहिए।

जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है…

गाजियाबाद। कभी बसपा के शासनकाल में जमीन कब्जाने के मामले में विपक्ष ने नारा दिया था कि जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है। यानी सरकारी जमीनों पर कब्जा करने का काम सरकार के ही लोग कर रहे हैं। समय बदला और समय के साथ सत्ता भी बदल गई। बसपा में अब जमीन से जुड़े सत्यपाल चौधरी भी शामिल हैं और राकेश यादव भी। सत्यपाल चौधरी के बारे में तो यहां तक कहा जाता है डासना गेट में एक छोटी सी दुकान से लेकर लग्जरी कार तक का सफर जमीनों के सहारे ही तय किया है। जमीन से जुड़े सत्यपाल चौधरी का सरकारी जमीन के प्रति पे्रम बसपा के हाथी पर सवार होने के बाद भी खत्म नहीं हुआ है। बसपा प्रत्याशी बनने के बाद उन्होंने कोई भी ऐसी सरकारी जगह नहीं छोड़ी है जहां पर अपने प्रत्याशी होने की मोहर वॉल पेंटिंग से ना लगाई हो। फ्लाईओवर से लेकर, चौराहों के गोल पत्थरों को अपने नारों से रंगने का काम कर दिया है। सरकार भले ही सपा की हो लेकिन जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है के सिद्धांत पर चलते हुए एसएसपी कार्यालय से लेकर जिलामुख्यालय तक की झलक दिखाई देती है।

उत्तर प्रदेश

अनिल खेड़ा ने कहा मेरी कोशिश पार्टी करे मेरे नाम पर विचार

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। भगवागढ़ में चुनाव अभी दूर है लेकिन दावेदारी को लेकर इंटरनली माहौल पूरी तरह भरपूर है। कोई खुद को चुनावी दावेदारी से इतनी दूर दिखा रहा है कि इस चक्कर में वो अपनों से भी दूर हो जा रहा है। किसी के मन में अरमान हैं लेकिन वो पूरी तरह से शांत है। चुनावी दावेदारी को लेकर अगर चार माननीय एक साथ बैठ गये तो इसे लेकर भी फिर वो हुआ कि अनुशासन वाले ही भाजपा दफ्तर में आकर बैठे।
कोई खुलकर टिकट मांग रहा है और दावेदारी को लेकर यहां दूरियों की दास्तां है। राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल लोकसभा की दावेदारी कर चुके हैं। अभी तक भगवागढ़ में यह सिंगल दावेदारी चल रही थी लेकिन अब इस सिंगल दावेदारी में दूसरी यानी डबल दावेदारी का भगवा मिंगल आ गया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने लोकसभा के लिए दावेदारी की है। ये नेता अनिल खेड़ा हैं। अनिल खेड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार होते हैं। क्षेत्रीय टीम में पदाधिकारी रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता कहा जाता है। उन्होंने लोकसभा को लेकर अपनी दावेदारी की है। करंट क्राइम से बातचीत में अनिल खेड़ा ने कहा कि अभी संगठन की टीम में स्थान बनाने के लिए मैंने कोई प्रयास नहीं किया है। फिर बात लोकसभा टिकट की चली तो अनिल खेड़ा ने कहा कि मैं पहले भी टिकट की दावेदारी कर चुका हूं और इस बार भी मेरा प्रयास लोकसभा टिकट के लिए रहेगा।
मैं कार्यकर्ता होने के नाते लोकसभा टिकट की दावेदारी करूंगा। लोकसभा टिकट मांगूगा। पार्टी का जो भी निर्णय होगा वो मुझे स्वीकार होगा लेकिन लोकसभा चुनाव में मेरा चेहरा भी एक दावेदार के रूप में होगा। मेरी कोशिश रहेगी कि पार्टी मेरे नाम पर विचार करे।
खुली कार में माला से लेकर धौलाना तक अनिल खेड़ा
अनिल खेड़ा पहले भी लोकसभा चुनाव की दावेदारी कर चुके हैं। खुली कार में सवार होकर वह दावेदार के रूप में भगवा कार्यालय गये थे। अपना बॉयोडाटा लोकसभा दावेदार के रूप में देकर आये थे। इतना ही नहीं अनिल खेड़ा ने जब दावेदारी की थी तो विधानसभा से लेकर लोकसभा के क्षेत्र में अनिल खेड़ा के नाम की दीवारें बोल उठी थीं। धौलाना में उनकी सक्रियता अचानक से बढ़ी थी। देहात की पंचायतों से लेकर वो गांव की चौपाल तक नजर आने लगे थे। धौलाना में विशेष रूप से वो खुद का एक राजनीतिक माहौल बनाने लगे थे। टिकट नहीं होने के बाद उन्होंने खुद को एक्टिविटी के स्पीडोमीटर से अलग किया। अब वो फिर से दावेदारी में हैं तो अभी दीवारें भी खामोश हैं और धौलाना में भी फिलहाल कोई खास जोश नहीं है।

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उत्तर प्रदेश

पहली ही बैठक में सीपी ने की शहर से देहात तक के व्यापारियों से मुलाकात

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दिया हर सवाल का जवाब और बता दिया तीन महीने का प्लान
ट्रैफिक से लेकर अतिक्रमण और व्यापारियों की सुरक्षा से लेकर व्यवहार का उठाया गया मुद्दा
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। मंगलवार को गाजियाबाद स्थित पुलिस लाइन के परमजीत हॉल में पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के सीपी अजय मिश्रा ने गाजियाबाद जिले के व्यापारियों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा एवं समस्या सुनने पर समाधान हेतु एक आवश्यक मीटिंग का आयोजन किया। मीटिंग में जिले के तमाम व्यापार मंडल, उद्योग व्यापार मंडल और सरार्फा एसोसिएशन से लेकर व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया।
बैठक की शुरूआत परिचय से हुई, इस दौरान सीपी अजय मिश्रा ने देहात में मुरादनगर, मोदीनगर और विजयनगर के व्यापारियों की बातचीत सुनी। तो वहीं अलग-अलग व्यापार मंडलों से सुझाव मांगे गए। इस दौरान बैठक में ट्रैफिक, अतिक्रमण, नए थानों कीशुरूआत, पुलिसकर्मियों की गश्त बढ़ाने से लेकर वाहनों की संख्या और व्यापारियों के साथ थाने और चौकी पर ठीक प्रकार से बर्ताव व व्यापारियों का उत्पीड़न ना किए जाने से लेकर उनको सुरक्षा और सरार्फा व्यापारियों को लेकर पुलिस हेल्पलाइन नंबरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद सीपी अजय मिश्रा पहली बार व्यापारियों से रूबरू हुए । इस कार्यक्रम में डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल को व्यापारियों की किसी भी समस्या के निस्तारण के लिए निर्देश दिया गया है। तो अतिक्रमण और जाम की समस्या के निस्तारण के लिए एडीसीपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक करीब ढाई घंटे तक चली, जिसमें प्रमुख व्यापारियों और उनके पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।
इस दौरान सीपी अजय मिश्रा ने व्यापारियों के साथ हर माह डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल को बैठक करने और जो व्यापारी सवाल करेंगे उनका लिखित में जवाब देने का भी निर्देश दिया है। पुलिस के सभी थाना प्रभारियों, एसीपी स्तर के अधिकारियों और डीसीपी को जल्दी एक सर्कुलर जारी किया जाएगा। जिसमें व्यापारियों के साथ उचित व्यवहार और संवाद को स्थापित करने के लिए भी चर्चा की गई है। इस बैठक में मुख्य रूप से गोपीचंद, अशोक चावला, संदीप बंसल, तिलक राज अरोड़ा, बालकिशन गुप्ता, प्रीतमलाल, देवेंद्र हितकारी, अनिल सांवरिया, रामकिशोर अग्रवाल, प्रेमचंद गुप्ता, प्रेमप्रकाश चीनी, वसीम, हिमांशु पाराशर, अशोक भारतीय, अतुल जैन, गौरव गर्ग, विकास सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सीपी ने व्यापारियों को दिया सुधार का भरोसा
सरार्फा एसोसिएशन के महामंत्री गौरव गर्ग ने कहा है कि बैठक के दौरान सीपी ने व्यापारियों को सुधार का भरोसा दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि सीपी अजय मिश्रा ने सभी विषयों पर बातचीत की गई। उसपर उनका मिशन क्लियर था, उनके पास हर चीज का जवाब था और आंकड़े भी मौजूद थे।
पुलिस व्यापारी संवाद जरूरी
महानगर उपाध्यक्ष राष्ट्रीय व्यापार मंडल के हिमांशु पराशर और व्यापारी नेता राकेश शर्मा ने कहा है कि जिस प्रकार से सीपी ने व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित किया है यह अच्छी पहल है। इससे ना सिर्फ अपराध नियंत्रण बल्कि व्यापारियों की समस्या सुलझाने में भी पुलिस प्रशासन को मदद मिलेगी। इसका लाभ यह होगा कि व्यापारियों में पुलिस के प्रति एक अलग संदेश जाएगा। पुलिस समाज का महत्वपूर्ण अंग है और व्यापारी उस समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा।
ट्रांस हिंडन में खुलने
चाहिए और थाने
मंगलवार को व्यापारियों और पुलिस के सीपी की एक बैठक की गई। बैठक में साहिबाबाद विधानसभा अध्यक्ष विकास अग्रवाल ने कहा कि ट्रांस हिंडन में थानों की संख्या बढ़नी चाहिए। इससे लूट और अन्य घटनाएं जो हो रही थी, उसमें रोकथाम लगेगी। इस पर सीपी ने जल्द ही 6 नए थाने खोलने का भरोसा दिया है। जिसमें दो थाने ट्रांस हिंडन में खुलेंगे और पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ेगी। इस दौरान वसुंधरा सेक्टर-15 अध्यक्ष लाखन सिंह व सचिव विनीत अग्रवाल भी मौजूद रहे।

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उत्तर प्रदेश

नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारी

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राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरूण को दी गई जनपद गाजियाबाद
के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। भाजपा अभी से निकाय चुनावों की तैयारी में जुटी है। लखनऊ वाली बैठक में तैयारी के निर्देश मिले थे और अब निकाय चुनावों को लेकर प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी भी दे दी गई है। पूर्व आईपीएस तथा उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरूण को नगर निकाय चुनाव में गाजियाबाद जिले से प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अरूण असीम कन्नौज की सदर सीट से विधायक है। वह 1994 बैच के आईपीएस रहे हैं और वर्ष 2022 विधानसभा के विधायक के रूप में अपनी सियासी पारी शुरू की है। जीवन में पहला चुनाव लड़े है और पहले चुनाव में ही उन्होंने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की। पहली बार विधानसभा का चुनाव जीतने वाले असीम अरूण को उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। चुनावों से जुड़ी सबसे अहम जिम्मेदारी उन्हें गाजियाबाद के प्रभारी मंत्री के रूप में मिली है।
गाजियाबाद को भगवा गढ़ कहा जाता है और निकाय चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ने उन पर भरोसा जताया है और उन्हें गाजियाबाद का प्रभारी मंत्री बनाया है।
गाजियाबाद की सामाजिक
और राजनीतिक नब्ज को जानते है असीम अरूण
वर्ष 2022 में अपनी सियासी पारी शुरू करने वाले असीम अरूण प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे है और गाजियाबाद जिले से उनका पुलिस अधिकारी के रूप में नाता रहा है। वह वर्ष 2001-02 में पीएसी की बटालियन में कमांडेट रहे हैं। अलीगढ़ और हाथरस के साथ मेरठ में भी तैनात रहे है। गाजियाबाद की सामाजिक और राजनीतिक नब्ज को समझते है।
नगर निकाय चुनाव में बम्पर जीत की बड़ी जिम्मेदारी
असीम अरूण गाजियाबाद के प्रभारी मंत्री बने है और नगर निकाय चुनाव में भाजपा को बम्पर जीत दिलाना उनके सामने बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि यहां नगर निगम की मेयर सीट पर भाजपा का शुरू से कब्जा रहा है। निगम के 100 वार्डों में भाजपा अभी भी 60 से ज्यादा सीटों पर काबिज है। वहीं नगर पालिका परिषद में चेयरमैन पद पर भाजपा के ही चेहरे है। लेकिन बदलते हालात में लोनी, खोड़ा, मुरादनगर और मोदीनगर में भाजपा को संघर्ष करना है। प्रभारी मंत्री के तौर पर असीम अरूण को यहां अपनी रणनीति से भाजपा को केवल जीत नहीं बल्कि एक एतिहासिक जीत दिलानी है।

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