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ग़ाजियाबाद

गाजियाबाद: एमएलसी दिनेश गोयल का व्यवहार ही है कुछ ऐसा

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स्वागत करने के लिए पहुंचे सपा-बसपा और रालोद नेता

गाजियाबाद। दिनेश गोयल एमएलसी बनने के बाद से ही रोजाना मंच, माला, माईक वाले सीन में हैं। लगातार स्वागत हो रहे हैं और इसी कड़ी में अखिल भारतीस अग्रवाल संगठन और महाराजा अग्रसेन जनकल्याण सेवा ट्रस्ट द्वारा नवनिर्वाचित एमएलसी दिनेश गोयल का स्वागत कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में सपा, बसपा और रालोद के नेताओं को भी अग्रवाल संगठन द्वारा निमंत्रित किया गया था। करंट क्राइम ने मंगलवार के अंक में यह प्रकाशित भी किया था कि वेलकम अपनी जगह है और सियासी दल का प्रोटोकॉल अपनी जगह है। तो क्या ऐसे में सपा के अभिषेक गर्ग, बसपा के पूर्व विधायक सुरेश बंसल, रालोद के रामानन्द गोयल क्या एमएलसी दिनेश गोयल का स्वागत करने के लिए पहुंचेंगे।

मंगलवार को जब स्वागत कार्यक्रम हुआ तो स्पष्ट हो गया कि दिनेश गोयल का व्यवहार ऐसा है कि उनके स्वागत कार्यक्रम में बसपा, सपा और रोलद के नेता पहुंचे। सवाल यही था कि पार्टी की थीम ये नेता निभायेंगे या फिर बिरादरीकी टीम के साथ जायेंगे। यहां पर जो सार था वो ये था कि सरकार से कोई मतलब नहीं है लेकिन दिनेश गोयल से पूरा सरोकार है। दिनेश गोयल का किरदार और उनका व्यवहार ऐसा है कि दल वाली पॉलिसी को छोड़कर दिल वाली भावना के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचे। ये बात थी कि दिनेश गोयल एमएलसी अब बनें हैं मगर उनका व्यवहार हमेशा से सभी लोगों के लिए बेहद सहयोगी और आत्मीय रहा है। चुनाव अपनी जगह है और राजनीति अपनी जगह है लेकिन व्यवहार सर्वोपरि है। ये एक वजह रही कि एमएलसी बनने पर दिनेश गोयल का स्वागत करने के लिए सभी दलों के नेता पहुंचे। सभी का ये मानना भी था कि दिनेश गोयल तो पहले से ही सभी के प्रिय हैं और हमेशा से वह सभी के रहे हैं। अब जब वो एमएलसी बनें हैं तो सभी के एमएलसी हैं। व्यवहार और उनका प्यार सभी को स्वागत के लिए खींच लाया है।

गाजियाबाद का राजनीतिक शिष्टाचार है आपसी प्यार
भगवा गढ में सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां राजनीतिक शिष्टाचार में आपसी प्यार को एहमियत दी जाती है। यहां पर चुनाव होता है तो नीति पर चुनाव होता है। व्यक्ति का विरोध नहीं होता। यहां शहर विधायक का चुनाव जीतने के बाद अतुल गर्ग कविनगर में सुरेश बंसल के घर जाते हैं। सुरेश बंसल भी उनका स्वागत करते हैं। यहां चुनाव हारने के बाद कोई मनमुटाव नही होता और सब एक साथ बैठकर चर्चा भी कर लेते हैं। चाय भी पी लेते हैं। यही वजह थी कि अभिषेक गर्ग, रामानन्द गोयल, सुरेश बंसल को आयोजकों ने बुलाया भी और ये लोग पहुंचे भी। बेहद आत्मीय माहौल में राजनीतिक शिष्टाचार की एक मिसाल पेश की।

शाही कुर्सी पर नहीं बैठे एमएलसी दिनेश गोयल
दिनेश गोयल हमेशा से ही अपनी सौम्यता और विनम्रता के लिए जाने जाते हैं। एमएलसी बनने के बाद भी वह एक सामान्य व्यक्ति के रूप में समाज के लोगों के साथ बैठना चाहते हैं। उन्होंने अपने इस अंदाज का मुलाहिजा भी पेश किया। आयोजकों ने मंच पर एक विशेष बड़ी कुर्सी एमएलसी दिनेश गोयल के लिए लगवाई थी। जिनका स्वागत होना है उनका स्थान ऊंचा रखा गया था। मगर यहां दिनेश गोयल ने एक बड़ी मिसाल पेश की। दिनेश गोयल ने इस शाही कुर्सी पर बैठने से इंकार कर दिया। साफ कह दिया कि जब तक मंच पर अन्य लोगों की तरह सामान्य कुर्सी उनके लिए भी नहीं आयेगी वह नहीं बैठेंगे। दिनेश गोयल की इस सादगी और समाज के लोगों के लिए उनके दिल में इस सम्मान को देखकर सभी ने उनकी तारीफ की।

नहीं डलवाई बलदेव राज शर्मा और सुरेश बंसल से माला
एमएलसी बनने के बाद से ही दिनेश गोयल का स्वागत कार्यक्रम चल रहा है। वजह भी है क्योंकि दिनेश गोयल ने उस चुनाव को बम्पर वोटों से जीता है जिस चुनाव को भाजपा अब से पहले नहीं जीत पाई थी। दिनेश गोयल एमएलसी बनने के बाद भी कार्यकर्ता भाव में है। वो जानते हैं कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सम्मान देना सबसे पहली प्राथमिकता है। मंगलवार को उन्होंने अपने स्वागत कार्यक्रम में यही संस्कार दिखाये। जब दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बलदेव राज शर्मा तथा बसपा के पूर्व विधायक सुरेश बंसल ने स्वागत के लिए उन्हें माला पहनानी चाही तो दिनेश गोयल ने बेहद आभार व्यक्त करते हुए विनम्रतापूर्वक इंकार कर दिया। दिनेश गोयल ने कहा कि बलदेव राज शर्मा और पूर्व विधायक सुरेश बंसल मेरे बेहद सम्मानित और आदरणीय नेता हैं। इनके आशीर्वाद की मुझे आवश्यकता है। यह कहकर दिनेश गोयल ने माला पहनने से इंकार किया। हालांकि पूर्व विधायक सुरेश बंसल ने फिर भी दिनेश गोयल के गले में माला डाल दी।

10 दिन तक लगातार करेंगे कार्यकर्ताओं का सम्मान
दिनेश गोयल ने चुनाव से पहले ही कहा था कि वह भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत से इस चुनाव को जीतेंगे। दिनेश गोयल चुनाव जीत गये हैं। एमएलसी बन गये हैं और वह इस बात के लिए कार्यकर्ताओं का बेहद आभारी हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं की बदौलत वह इस चुनाव को जीते हैं। अब दिनेश गोयल कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करना चाहते हैं। 18 दिसम्बर को दिनेश गोयल लखनऊ में एमएलसी पद की शपथ लेंगे। इसके बाद वह 20 दिसम्बर को वापिस गाजियाबाद आ जायेंगे और अपने एमएलसी क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। दिनेश गोयल 10 दिन तक लगातार भाजपा कार्यकर्ताओ का सम्मान करेंगे। जो भी कार्यकर्ता उनके चुनाव में मेहनत से लगा था और जिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें चुनाव लड़वाने में दिन-रात एक किए हैं। दिनेश गोयल उन भाजपा कार्यकर्ताओं का विशेष रूप से सम्मान करना चाहते हैं। दिनेश गोयल की ओर से ढाई हजार मोमेंटो तैयार करवाये गये हैं। एमएलसी दिनेश गोयल अपने एमएलसी क्षेत्र में हर स्थान पर जायेेंगे और यहां पार्टी कार्यालय पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं का सम्मान करेंगे। दिनेश गोयल कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ-साथ उनके साथ सहभोज भी करेंगे। इसकी भी पूरी तैयारी की गयी है और 20 दिसम्बर से यह कार्यक्रम शुरू होकर लगातार 10 दिन चलेगा।

उत्तर प्रदेश

इसे ही कहते हैं मोहब्बत का रूल

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कम समय में सबसे मिलकर चले गए आईएएस महेन्द्र सिंह तंवर, जब था टाइट पूरा शेड्यूल
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। कई अधिकारी जिले में आते हैं और चले जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो दिल में बस जाते हैं। वो जब भी जिले में आते हैं तो फिर सब उनसे मिलने आते हैं और वो सबसे मिलकर जाते हैं। ऐसे अधिकारियों में नगरायुक्त पद पर कार्यरत रह चुके आईएएस महेन्द्र सिंह तंवर भी हैं। ये एक ऐसे अधिकारियों में गिने जाते हैं जो अपने व्यवहार और प्यार से सरकार तो क्या विपक्ष के पार्षदों को भी अपना बना चुके हैं। इन दिनों अपने विजन और व्यवहार का जलवा मुख्यमंत्री की नगरी गोरखपुर में बिखेर रहे हैं। वहां गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं।
वह जब शुक्रवार को गाजियाबाद आये तो उन्होंने गाजियाबाद आने से पहले गाजियाबाद के सभी साथियों को फोन किये। ये उनका अंदाज है कि उनके आने की खबर से ही सब उत्साहित थे। वो बता चुके थे कि मैं कल गाजियाबाद आ रहा हूं और यहां पर सभी साथियों से वो मिले भी। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा के पिता की शोकसभा में पहुंचे तो पत्रकार दीपक सिरोही के घर पर भी गये और उनकी माता के निधन पर शोक व्यक्त किया। निवर्तमान मेयर आशा शर्मा ने उन्हें देखा तो कहा कि डीएम बनकर गाजियाबाद आओ। पूर्व राज्यमंत्री व शहर विधायक अतुल गर्ग ने उनकी तारीफ की। कनेक्टिविटी के साथ महेन्द्र सिंह तंवर ने एक बार फिर से रिश्तों को लेकर अपना विजन दिखाया और अपनेपन का एक अहसास कराया।

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उत्तर प्रदेश

दो महीने तीन दिन में निर्णायक मोड़ पर पहुंची सुनवाई

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। शनिवार को एक पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। एक दुष्कर्म के आरोपी पर आज फैसला आएगा। साहिबाबाद थानाक्षेत्र में साढे 4 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या की सनसनीखेज वारदात हुई थी। इस मामले में विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट की अदालत ने शुक्रवार को आरोपित को दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई शनिवार को होगी। अभियोजन की तरफ से कुल 15 लोगों की गवाही हुई है। बच्ची के परिजनों ने दोषी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों ने 15 दिसंबर को आरोप पत्र पेश किए थे। मामले में प्रतिदिन सुनवाई चल रही थी, यही कारण है कि घटना के दो माह तीन दिन में यह मामला निर्णायक मोड़ तक जा पहुंचा है।
1 दिसंबर 2022 को घर से लापता हुई थी बच्ची
विशेष लोक अभियोजन संजीव ने बताया है कि साहिबाबाद थानाक्षेत्र की करहैड़ा कॉलोनी में राजमिस्त्री का परिवार के साथ रहता था। 1 दिसंबर 2022 को करीब 2:30 बजे उनकी साढ़े 4 साल की बेटी घर से बाहर खेलते हुए लापता हो गई थी। दूसरे दिन सिटी फॉरेस्ट के जंगल में उसका शव घर के पास ही मिला था। इसके बाद परिजनों ने शव की शिनाख्त की और पुलिस इस पूरे मामले में जांच में जुट गई थी। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अपहरण, हत्या और दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
महिला अधिकारियों की कांप गई थी रूह
साढ़े 4 साल की बच्ची के साथ अपहरण कर दुष्कर्म की सनसनीखेज हत्या ने इस पूरे मामले में तात्कालिक डीसीपी ट्रांस हिंडन दीक्षा शर्मा और एसीपी साहिबाबाद पूनम मिश्रा की रूह का कांप दी थी। पुलिस की महिला अधिकारियों ने शुरू से ही इस मामले में प्रमुखता से साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए और आरोपी को अधिकतम सजा दिलाने के प्रयास किए हैं, जो शनिवार को सुनवाई के बाद सफल हो सकते हैं।

 

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उत्तर प्रदेश

भगवा गढ़ में बन रही है सरकार वालों के व्यापार की कौन सी लिस्ट!

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। सरकार वाले बाजार में भी हैं और अलग अलग व्यापार में भी हैं। बस कारोबार को लेकर वो रडार पर आ गये हैं। सुना है कि सयंम वाले मामले के बाद भगवा कारोबारियों के व्यापार की लिस्ट मांग ली गई है। इस लिस्ट में प्रापर्टी डीलरों से लेकर रेस्टोरेंट कारोबारी हैं तो सरकारी विभागों के ठेकेदारों से लेकर लाईजनिंग वाले नाम भी आ गये हैं।
बताने वाले बता रहे हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी कतई नहीं चाहती कि किसी भी भगवाई के कारोबार को लेकर विपक्ष या मीडिया सरकार के काम काज पर किसी तरह की अंगुली उठा दे। अदंरखाने निर्देश मिले हैं कि धुआं, जुआ, शराब, शबाब से लेकर खराब निर्माण वाला भगवाई मिले तो उसे पार्टी से भगा दें। अब सगंठन में पद देते समय इस बात का शिजरा निकल कर आयेगा। पार्टी कारोबार को लेकर सरकार की फजीहत कराने के मूड में नहीं है। कारोबार वाले सावधान हो जाये क्योंकि लिस्ट का ट्वीस्ट अभी नहीं बल्कि आठ महीने के बाद दिखाई देगा।
कन्फर्म सूत्र बता रहे हैं कि इस लिस्ट का ट्वीस्ट आने वाले समय में दिखाई देगा। क्योंकि बड़ी खबर यह है कि अन्दर खाने कौन सा नेता कौन सा कारोबार कर रहा है यह खबर भी भाजपा वाले ही खुद देकर आएंगे। इस लिस्ट में कई के कारोबार निकलकर सामने आएंगे। फिलहाल लिस्ट को लेकर काम शुरु हो गया है।

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