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दिल्ली एन.सी.आर

जब्त वाहनों की जानकारी अब व्हाट्सएप पर

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नई दिल्ली| अगली बार से अगर गलत तरीके से पार्किं ग करने पर आपके वाहन को पुलिस जब्त करके ले जाती है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके वाहन को जब्त कर कहां ले जाया गया है तो इसके लिए आपको दिल्ली यातायात पुलिस के व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज भेजना होगा और आपको इसकी जानकारी मिल जाएगी।
यह सुविधा यातायात पुलिस दिल्ली द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 8750871493 पर उपलब्ध रहेगी।
केवल इतना ही नहीं, आपके जब्त किए गए वाहन के स्थान का पता बताने के साथ-साथ यह हेल्पलाइन लोगों को जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रास्ते भी सुझाएगी।
विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) मुक्तेश चंद्र ने आईएएनएस से कहा, “नियमित यात्रियों तक पहुंचने के लिए व्हाट्सएप हमारा अब तक का सबसे बेहतरीन माध्यम है। हम फेसबुक पर हैं, ट्विटर पर हैं और 1095 हमारी हेल्पलाइन नंबर भी है, लेकिन इन सब में से यात्रियों से संपर्क बनाने के लिए व्हाट्सएप सबसे अच्छा माध्यम बन गया है।”
यातायात पुलिस ने लोगों से जुड़ने के लिए 16 अप्रैल 2014 को व्हाट्सएप हेल्पलाइन जारी की थी। सोशल मीडिया पर हालांकि दिल्ली यातायात पुलिस की अच्छी खासी मौजूदगी है। इसके फेसबुक पेज को 250,000 लोग फॉलो करते हैं।
यातायात पुलिस की योजना केवल लोगों को जोड़ने की ही नहीं है अपितु उन्हें यातायात संबंधी समस्याओं को हल करने से भी जोड़ना है।
व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के उल्लंघन के ऑडियो/वीडियो भेजने, अवैध पार्किं ग, खराब यातायात सिग्नल और इसी तरह की अन्य समस्याओं की शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया।
लेकिन कुछ माह बाद यातायात पुलिस ने पाया कि कई परेशान यात्री पुलिस द्वारा जब्त किए गए अपने वाहनों के संबंध में सहायता माांग रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यह माध्यम यात्रियों की चिंताओं को दूर करने का एक त्वरित और प्रभावी माध्यम बन गया है।
मुक्तेश चंद्र ने व्हाट्सएप की लोकप्रियता का उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिस ने घटनास्थल की एक वीडियो मिलने के बाद चेन लूटने वाले एक आरोपी की पहचान कर ली थी।
उन्होंने कहा, “एक नौजवान महिला की चेन लूटकर मोटरसाइकिल पर भाग निकला। किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया और हमारे व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया। हम उस लुटेरे की पहचान करने में कामयाब रहे और फिर उसे गिरफ्तार भी कर लिया।”
उन्होंने कहा कि इस नंबर का इस्तेमाल यात्री ऑटो और टैक्सी चालकों के ज्यादा किराया लेने, इनकार करने और दुर्व्यवहार की शिकायत भी कर सकते हैं।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “इस नंबर पर शिकायत भी की जा सकती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हम इस पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे।”
एक अधीक्षक और यातायात पुलिस के 25 अधिकारी 24 घंटे चलने वाली इस हेल्पलाइन नंबर का परिचालन करते हैं।
17 अक्टूबर 2014 से 15 अप्रैल 2015 तक यातायात पुलिस को 83,885 प्रतिक्रियाएं मिली हैं जिनमें से 7,681 शिकायतें ऐसी थी जिनपर कार्रवाई की जा सकती थी।traffic police delhi

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नगर निगम की चुनावी स्टोरी में अब आयेगा दावेदारी का ट्विस्ट

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आ गयी उत्तर प्रदेश शासन से निगम के सौ वार्डों की आरक्षण वाली लिस्ट
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। निगम चुनाव को लेकर पहला काउंट डाउन शुरू हो गया है। अभी तक संगठन भी बॉयोडाटा नहीं ले रहा था और तर्क ये दिया जा रहा था कि जब तक वार्ड के आरक्षण की सूची नहीं आ जायेगी तब तक दावेदारी का ही पता नहीं चलेगा। वार्ड आरक्षण के बाद उसी सूची के दावेदारों से उनके आवेदन लिये जायेंगे। गुरुवार की शाम को पहले निकाय चुनाव सह संयोजक राजीव गुम्बर पार्टी कार्यालय पर चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक ली। इसके कुछ घंटे बाद उत्तर प्रदेश शासन से निगम की वार्ड आरक्षण सूची जारी हो गयी है। कई जिलों के निगम क्षेत्र के वार्ड के इस सूची में गाजियाबाद जिला भी शामिल है। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 7 उपधारा के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने गाजियाबाद नगर निगम के वार्डों को पार्षद पद हेतू अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों और महिलाओं के लिए आरक्षित करने के लिए प्रकाशित होने के लिए जारी किया।
अगर मन में है कोई आॅब्जेक्शन तो सात दिन में करें आवेदन
नगर निगम की वार्ड सूची आ गयी है। वार्ड के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट है, लेकिन यदि सूची को लेकर किसी के भी मन में कोई कष्ट है तो कार्यवाही का सीन भी एकदम स्पष्ट है। यदि कोई भी इस सूची को लेकर आॅब्जेक्शन कर रहा है तो वो इलेक्शन से पहले और सूची प्रकाशित होने के सात दिन के अंदर जिलाधिकारी के यहां अपना आॅब्जेक्शन दर्ज करा सकता है। कोई सुझाव है तो उसे भी लिखित रूप में दिया जा सकता है। विशेष ध्यान इस बात का रहे कि केवल उन्हीं आॅब्जेक्शन पर विचार किया जायेगा जो निर्धारित अवधि के अंदर यानी एक दिसम्बर से लेकर सात दिसम्बर के बीच डीएम कार्यालय में लिखित रूप से प्राप्त होंगे।

करंट क्राइम ने पहले ही बता दिया था सटीक अनुमान
(करंट क्राइम)। गुरुवार को जब शासन से निगम वार्ड आरक्षण लिस्ट जारी हुई तो यहां एक बार फिर करंट क्राइम की खबर पर सटीकता और सत्यता की मोहर लगी। दैनिक करंट क्राइम ने काफी पहले ही लिस्ट को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। उठते सवालों के जरिये रोज वार्ड की आरक्षण स्थिति को बताया था। प्रशासन वाली लिस्ट से पहले करंट क्राइम ने एक संभावित अनुमान बताया था। गुरुवार की शाम जब लखनऊ से लिस्ट वाली खबर आयी तो करंट क्राइम की खबर पर सटीकता की मोहर लगी।

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मृणालिनी सिंह ने आज की अपने बर्थडे पर विशेष अपील बुके गिफ्ट ना दें और अनाथालय से लेकर जानवरों को करायें फीड

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वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। लोकसभा सांसद व केन्द्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह की सुपुत्री मृणालिनी सिंह हमेशा से मानवीय पहलू के साथ कोई भी काम करती हैं। सियासत से ज्यादा उनकी रूची मानव सहायता में रहती है। यदि किसी गरीब असहाय व्यक्ति की मदद की बात है तो वह स्वयं आगे
आती हैं।
जब करंट से झुलस कर एक गरीब रिक्शा चालक की बेटी विकलांग हो गयी थी और सुनवाई नहीं हो रही थी तब मृणालिनी सिंह इस बेटी की मदद के लिए आगे आयी थीं। नतीजा ये रहा कि गरीब रिक्शा चालक की बेटी आज स्कूल भी जा रही है और उसकी आर्थिक मदद के साथ कत्रिम हाथ भी लग चुका है। मृणालिनी सिंह एक पशु प्रेमी महिला भी हैं। मनोविज्ञान में डॉक्टरेट हैं और जानती हैं कि कौन सी बात अपील करती है और वो उन मानवतावादी चेहरों में हैं जो असहाय वर्ग के दुख को दिल से फील करती हैं। यही वजह है कि आज जब उनका जन्मदिन है तो उन्होंने जन्मदिन की शुभकामनाओं से लेकर तोहफे वाली घड़ी से पहले अपने सभी शुभचिन्तकों और समर्थकों से एक मानवीय अपील की है। मृणालिनी सिंह ने जन्मदिन की बधाई देने आने वाले सभी लोगों से ये अपील की है कि वह उनके जन्मदिन पर फूलों का बुके ना लायें और ना ही कोई गिफ्ट लेकर आयें। मृणालिनी सिंह ने अपील की है कि उनके जन्मदिन पर जो भी धनराशि बधाई देने वाले बुके या गिफ्ट में खर्च करते उतनी धनराशि को वह अनाथालयों और वृद्ध आश्रम में दान करें और इसी के साथ जीवन में मानव सेवा का एक काम महान करें। मृणालिनी सिंह ने ये भी अपील की है कि उनके जन्मदिन पर बधाई देने वाले पशु पक्षियों के प्रति भी अपने प्रेम का इजहार करें। गौशाला में चारे का दान करें तो सड़क किनारे असहाय भूखे जानवरों के लिए भी थोड़ा बहुत भोजन दान करें। मृणालिनी सिंह ने सभी से अपील की है कि वह मानव सेवा से लेकर पशु पक्षी के प्रति भी मानवीय रवैया अपनायें और उन्हें भोजन करायें।

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उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद कमिश्नरी में भेजे गए तीन अपर पुलिस आयुक्त

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गाजियाबाद कमिश्नरी में रहेगी 17 एसीपी की तैनाती
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। हाल ही में गाजियाबाद को पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम में शामिल किया गया है। गुरुवार को पुलिस मुख्यालय उत्तर प्रदेश से अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन पीसी मीणा ने एक 8 एसीपी स्तर के अधिकारियों की तबादला लिस्ट को रवाना किया। इसमें गाजियाबाद में तीन एसीपी स्तर के अधिकारियों को तैनाती दी गई है। जिसमें पुलिस उपाधीक्षक जनपद फिरोजाबाद से अभिषेक श्रीवास्तव को गाजियाबाद भेजा गया है। वहीं चित्रकूट से भास्कर वर्मा को और रवि प्रकाश सिंह को हमीरपुर से गाजियाबाद कमिश्नरेट में एसीपी के पद पर भेजा गया है। गाजियाबाद पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि शासन स्तर से यह तय किया जा चुका है कि गाजियाबाद कमिश्नरेट में कुल 17 सहायक पुलिस आयुक्त यानी एसीपी स्तर के अधिकारियों को तैनाती दी जानी है। वर्तमान में जिले में अभी लगभग एक दर्जन एसीपी स्तर के अधिकारी हैं जिनकी संख्या बढ़ के 17 तक की जाएगी।
अधिकारी जुटे भवन और भूमि की तलाश में
गुरुवार को गाजियाबाद के एक आईपीएस अधिकारी, अपने एसीपी स्तर के अधिकारी के साथ एक सिटी के थानाक्षेत्र में भूमि और भवन खोज में निकले थे। उन्होंने यहां जीडीए द्वारा निर्माण कराए गए भवनों का निरीक्षण किया। साथ ही खाली स्थान को भी देखा है। जहां पर निकट भविष्य में गाजियाबाद कमिश्नरेट के अलग-अलग अधिकारियों के कार्यालय और पुलिस अधिकारियों के बंगले और निवास स्थल की व्यवस्था की जा सके।
पुलिस के बेहद करीबी सूत्रों ने बताया है कि जल्द ही शासन स्तर से कुछ और अधिकारियों की गाजियाबाद कमिश्नरेट में पोस्टिंग की जा सकती है। बता दें कि गाजियाबाद में एसीपी स्तर के लगभग 17 अधिकारियों को तैनाती दी जानी है, तो वहीं तीन एडिशनल कमिश्नर रहेंगे, जो अलग-अलग जोन में तैनात होंगे। वही नौ सर्किल के एसीपी रहेंगे। इसके साथ कुछ अन्य अधिकारी सुरक्षा, साइबर, महिला अपराध पर नियंत्रण करने का काम करेंगे।
पहले सीपी ने शुरु किया जनसुनवाई का कार्य
गाजियाबाद के पहले नवनियुक्त सीपी अजय मिश्रा ने गुरुवार को अपनी पहली जनसुनवाई की। इस दौरान वे कार्यालय में मौजूद रहे और वहां आने वाले शिकायती पत्रों और फरियादियों की बात सुनी और संबंधित थाना और पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें हल कराने का निर्देश दिया। कुछ देर के बाद वे एक वीआईपी कार्यक्रम के चलते फील्ड पर उतरे और फिर शाम को कुछ पुलिस अधिकारियों से वातार्लाप की गई। उन्होंने कहा कि अभी वह कमिश्नरी के सिस्टम को पटरी पर लाने पर जोर दे रहे हैं। जल्द ही वह अन्य व्यवस्थाओं को शुरू कर देंगे ताकि जनता को परेशानी ना हो और कमिश्नरी सिस्टम ठीक प्रकार से सुचारू हो पाए।

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