Connect with us

उत्तर प्रदेश

जब तक नहीं आये विधायक सुनील शर्मा, तब तक रही उनकी कुर्सी खाली

Published

on

किसकी जैकिट कर रही थी उनकी चेयर की रखवाली
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। राजनीति में किस्सा कुर्सी का ही रहता है। जिसे देखो वो कुर्सी तक ही पहुंचना चाहता है। कुर्सी का नशा ही ऐसा है कि जो एक चुनाव लड़ गया वो हर योजना में चुनाव लड़ने की चाहत रखता है। राजनीति में कोई भी नेता अपनी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं दिखता। रही बात खाली कुर्सी की, तो अगर किसी को खाली कुर्सी नजर आ जाये तो उसे हासिल करने के तमाम प्रयास किये जाते हैं। साफ तौर पर कहें तो अगर कुर्सी किसी ने अपनी छोड़ दी तो सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाली स्थिति उसके साथ हो जाती है।
कई बार ऐसे भी मामले सामने आये हैं कि कुर्सी पर जमें नेताओं के सामने जब कोई बड़ा नेता भी आ जाता है तो फिर उसके सम्मान में कोई भी अपनी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं रहता है। कार्यक्रम की व्यवस्था देखने वालों से अगल से कुर्सी मंगवाकर नेता जी को तशरीफ रखने की व्यवस्था की जाती है। मगर गाजियाबाद की राजनीति में एक गजब का किस्सा उस वक्त घटता दिखाई दिया जब विधायक सुनील शर्मा की कुर्सी एक घंटा तक खाली रही। नेता मंच पर आये भी और गये भी, लेकिन उनकी कुर्सी पर कोई नहीं बैठा। वजह कुछ भी हो सकती है लेकिन चर्चा जो मौके पर थी वो काफी मजेदार थी।
देखने वालों का फोकस विधायक सुनील शर्मा की नेम प्लेट लगी कुर्सी पर था। उस कुर्सी के बराबर में पूर्व राज्यमंत्री और शहर विधायक अतुल गर्ग बैठे थे। अब ये बाईचांस था या विधायक सुनील शर्मा के प्रति अतुल गर्ग की फिक्र। इस फिक्र का जिक्र कार्यकर्ता पूरे कार्यक्रम के दौरान करते दिखाई दिये।
उन्होंने देखा कि विधायक सुनील शर्मा की कुर्सी पर विधायक अतुल गर्ग ने अपनी जैकिट रखी और उसके साथ ही खुद को मिला सम्मान प्रतीक भी रख दिया। ये दोनों चीजें तब तक कुर्सी पर रखी रहीं जब तक विधायक सुनील शर्मा की मंच पर एंट्री नहीं हुई।
जैसे ही वो मंच पर आये वैसे ही अपने साथी विधायक के सम्मान में अतुल गर्ग ने अपनी जैकिट अपने हाथ में ले ली, और मुस्कुराकर उनका स्वागत किया। कुर्सी के इस किस्से को देखने वाले इसे रखवाली के रूप में भी लेते हुए नजर आये। चर्चायें यही हो रही थीं कि यहां तो पांच मिनट में कुर्सी को उसका दावेदार मिल
जाता है।
कार्यक्रम में विधायक सुनील शर्मा की कुर्सी तो लगभग डेढ़ घंटे तक खाली थी। नहीं रखते अगर उनके साथी विधायक उनकी कुर्सी पर अपनी जैकिट तो मुश्किल बड़ी रखवाली थी। बहुत दिनों बाद कोई ऐसा नजारा नजर आया, जहां कुर्सी पूरे डेढ़ घंटे तक खाली थी।

उत्तर प्रदेश

इसे ही कहते हैं मोहब्बत का रूल

Published

on

कम समय में सबसे मिलकर चले गए आईएएस महेन्द्र सिंह तंवर, जब था टाइट पूरा शेड्यूल
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। कई अधिकारी जिले में आते हैं और चले जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो दिल में बस जाते हैं। वो जब भी जिले में आते हैं तो फिर सब उनसे मिलने आते हैं और वो सबसे मिलकर जाते हैं। ऐसे अधिकारियों में नगरायुक्त पद पर कार्यरत रह चुके आईएएस महेन्द्र सिंह तंवर भी हैं। ये एक ऐसे अधिकारियों में गिने जाते हैं जो अपने व्यवहार और प्यार से सरकार तो क्या विपक्ष के पार्षदों को भी अपना बना चुके हैं। इन दिनों अपने विजन और व्यवहार का जलवा मुख्यमंत्री की नगरी गोरखपुर में बिखेर रहे हैं। वहां गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं।
वह जब शुक्रवार को गाजियाबाद आये तो उन्होंने गाजियाबाद आने से पहले गाजियाबाद के सभी साथियों को फोन किये। ये उनका अंदाज है कि उनके आने की खबर से ही सब उत्साहित थे। वो बता चुके थे कि मैं कल गाजियाबाद आ रहा हूं और यहां पर सभी साथियों से वो मिले भी। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा के पिता की शोकसभा में पहुंचे तो पत्रकार दीपक सिरोही के घर पर भी गये और उनकी माता के निधन पर शोक व्यक्त किया। निवर्तमान मेयर आशा शर्मा ने उन्हें देखा तो कहा कि डीएम बनकर गाजियाबाद आओ। पूर्व राज्यमंत्री व शहर विधायक अतुल गर्ग ने उनकी तारीफ की। कनेक्टिविटी के साथ महेन्द्र सिंह तंवर ने एक बार फिर से रिश्तों को लेकर अपना विजन दिखाया और अपनेपन का एक अहसास कराया।

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

दो महीने तीन दिन में निर्णायक मोड़ पर पहुंची सुनवाई

Published

on

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। शनिवार को एक पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। एक दुष्कर्म के आरोपी पर आज फैसला आएगा। साहिबाबाद थानाक्षेत्र में साढे 4 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या की सनसनीखेज वारदात हुई थी। इस मामले में विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट की अदालत ने शुक्रवार को आरोपित को दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई शनिवार को होगी। अभियोजन की तरफ से कुल 15 लोगों की गवाही हुई है। बच्ची के परिजनों ने दोषी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों ने 15 दिसंबर को आरोप पत्र पेश किए थे। मामले में प्रतिदिन सुनवाई चल रही थी, यही कारण है कि घटना के दो माह तीन दिन में यह मामला निर्णायक मोड़ तक जा पहुंचा है।
1 दिसंबर 2022 को घर से लापता हुई थी बच्ची
विशेष लोक अभियोजन संजीव ने बताया है कि साहिबाबाद थानाक्षेत्र की करहैड़ा कॉलोनी में राजमिस्त्री का परिवार के साथ रहता था। 1 दिसंबर 2022 को करीब 2:30 बजे उनकी साढ़े 4 साल की बेटी घर से बाहर खेलते हुए लापता हो गई थी। दूसरे दिन सिटी फॉरेस्ट के जंगल में उसका शव घर के पास ही मिला था। इसके बाद परिजनों ने शव की शिनाख्त की और पुलिस इस पूरे मामले में जांच में जुट गई थी। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अपहरण, हत्या और दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
महिला अधिकारियों की कांप गई थी रूह
साढ़े 4 साल की बच्ची के साथ अपहरण कर दुष्कर्म की सनसनीखेज हत्या ने इस पूरे मामले में तात्कालिक डीसीपी ट्रांस हिंडन दीक्षा शर्मा और एसीपी साहिबाबाद पूनम मिश्रा की रूह का कांप दी थी। पुलिस की महिला अधिकारियों ने शुरू से ही इस मामले में प्रमुखता से साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए और आरोपी को अधिकतम सजा दिलाने के प्रयास किए हैं, जो शनिवार को सुनवाई के बाद सफल हो सकते हैं।

 

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

भगवा गढ़ में बन रही है सरकार वालों के व्यापार की कौन सी लिस्ट!

Published

on

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। सरकार वाले बाजार में भी हैं और अलग अलग व्यापार में भी हैं। बस कारोबार को लेकर वो रडार पर आ गये हैं। सुना है कि सयंम वाले मामले के बाद भगवा कारोबारियों के व्यापार की लिस्ट मांग ली गई है। इस लिस्ट में प्रापर्टी डीलरों से लेकर रेस्टोरेंट कारोबारी हैं तो सरकारी विभागों के ठेकेदारों से लेकर लाईजनिंग वाले नाम भी आ गये हैं।
बताने वाले बता रहे हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी कतई नहीं चाहती कि किसी भी भगवाई के कारोबार को लेकर विपक्ष या मीडिया सरकार के काम काज पर किसी तरह की अंगुली उठा दे। अदंरखाने निर्देश मिले हैं कि धुआं, जुआ, शराब, शबाब से लेकर खराब निर्माण वाला भगवाई मिले तो उसे पार्टी से भगा दें। अब सगंठन में पद देते समय इस बात का शिजरा निकल कर आयेगा। पार्टी कारोबार को लेकर सरकार की फजीहत कराने के मूड में नहीं है। कारोबार वाले सावधान हो जाये क्योंकि लिस्ट का ट्वीस्ट अभी नहीं बल्कि आठ महीने के बाद दिखाई देगा।
कन्फर्म सूत्र बता रहे हैं कि इस लिस्ट का ट्वीस्ट आने वाले समय में दिखाई देगा। क्योंकि बड़ी खबर यह है कि अन्दर खाने कौन सा नेता कौन सा कारोबार कर रहा है यह खबर भी भाजपा वाले ही खुद देकर आएंगे। इस लिस्ट में कई के कारोबार निकलकर सामने आएंगे। फिलहाल लिस्ट को लेकर काम शुरु हो गया है।

Continue Reading

Trending

%d bloggers like this: