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सेमीफाइनल में पहुंची चारों टीमें, क्या है इनका लेखा-जोखा

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14 फरवरी से शुरू हुआ 11वां वर्ल्ड कप अब अपने मुकाम की ओर पहुंच रहा है। टूर्नामेंट के 2 चरण पूरे होने के बाद खिताब की रेस में अब सिर्फ 4 टीमें ही रह गई हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने वाली ये 4 टीमें हैं दक्षिण अफ्रीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड। इन 4 में से 2 टीमें तो खुद मेजबान ही है यानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड।

मेजबान टीमों के अलावा वर्ल्ड चैंपियन भारत जहां अपना खिताब बचाने के अभियान से महज 2 जीत दूर हैं तो वहीं अफ्रीकी टीम अपने ऊपर लगे ‘चोकर्स’ के ठप्पे को हटाने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ उतरी है और वह भी इस ‌ऐतिहासिक मुकाम से सिर्फ 2 जीत ही दूर है। सेमीफाइनल में उसका मुकाबला जहां न्यूजीलैंड से ऑकलैंड में 24 मार्च को होना है, वहीं टीम इंडिया को अपना सेमीफाइनल मैच 26 को सिडनी में मेजबान ऑस्ट्रेलिया से खेलना होगा।

टूर्नामेंट के 46 मुकाबले होने के बाद अब शीर्ष 4 टीमें ही मैदान में बची हैं। आइए, एक विश्लेषण करते हैं कि सेमीफाइनल में ये चारों टीमें कहां बैठती हैं और उनका अब तक का खेल क्या कहता है।

अब बात करते हैं सेमीफाइनल में पहुंची चारों टीमों (दक्षिण अफ्रीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) का पिछले वर्ल्ड कप तक कैसा प्रदर्शन रहा। ऑस्ट्रेलिया अब तक रिकॉर्ड 4 बार यह खिताब जीत चुकी है जबकि टीम इंडिया और वेस्टइंडीज ने 2-2 बार यह खिताब जीता है। वहीं पाकिस्‍तान और श्रीलंका ने एक-एक बार यह खिताब जीता है। शुरुआत करते हैं इन 4 में से उन 2 टीमों की जो अभी फाइनल में कभी नहीं पहुंची हैं।

पहले दक्षिण अफ्रीका की बात, टीम तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंची है। इससे पहले 1991 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हुए वह 1992 में पहली बार अंतिम चार में पहुंच गई थी लेकिन बारिश के कारण उसे विवादास्पद नियम के कारण हार का सामना करना पड़ा। फिर 2007 के सेमीफाइनल में उसे हार मिली। अब वह अपने तीसरे प्रयास में फाइनल में पहुंचने का प्रयास करेगी।

अब मेजबान न्यूजीलैंड की बात, टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक 10 में से 7 बार सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है लेकिन वह एक बार भी फाइनल का मुंह नहीं देख सकी। सबसे पहले वह 1975 के वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल में पहुंची थी लेकिन उसे वहां वेस्टइंडीज के हाथों 5 विकेट से हार मिली। इसके बाद किवी टीम 1979 का भी सेमीफाइनल हार गई।

फिर न्यूजीलैंड की टीम 1992, 1999, 2007 और 2011 वर्ल्ड कप के भी सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही, लेकिन टीम इससे आगे नहीं जा सकी। अब वह 2015 के संस्करण के सेमीफाइनल में है और उसकी नजर पहला फाइनल मुकाबला खेलने पर है।

न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले सेमीफाइनल मुकाबले की विजेता कोई भी टीम हो लेकिन फाइनल में पहुंचने का सपना एक टीम का तो पूरा हो ही जाएगा।

अब बात उन 2 टीमों की जो वर्ल्ड कप के खिताब के प्रबल दावेदार हैं और दोनों सेमीफाइनल में आपस में ही भिड़ने वाले हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम जहां 4 बार ‌‌खिताब जीत चुकी है वहीं भारत 2 बार वर्ल्ड चैंपियन बनने में सफल रहा है और उसकी नजर अपने तीसरे वर्ल्ड खिताब पर है।

इतिहास की बात की जाए तो ऑस्ट्रेलिया का सेमीफाइनल से फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड सबसे अच्छा और दिलचस्प रहा है। उसने 1975 से लेकर अब तक 7 बार अंतिम चार में जगह बनाई है और उसमें रिकॉर्ड 4 बार खिताब जीतने का कामयाब भी रहा। कंगारू टीम को खिताबी मुकाबले में हार 1975 और 1996 के फाइनल में मिली थी। जबकि 1987 में वह पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बना और इसके बाद 1999, 2003 और 2007 में खिताबी जीत की हैट्रिक ही लगा दी।

अब बात भारतीय टीम की करते हैं वह अब तक कुल 6 बार यानि 1983, 87, 1996, 2003, 2011 और 2015 में सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। हालांकि वह अपने तीसरे प्रयास में 1983 में पहली बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची थी और अपने पहले ही खिताबी मुकाबले में टीम चैंपियन भी बन गई।

इसके 20 साल बाद टीम इंडिया 2003 के फाइनल में पहुंची और उपविजेता रही। जबकि 8 साल बाद 2011 के फाइनल में पहुंचते हुए महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को खिताबी जीत नसीब हो ही गई। अब उसकी नजर तीसरे खिताब पर है।

ऑस्ट्रेलिया अपने दूसरे प्रयास में खिताब पर कब्जा कर पाया जबकि टीम इंडिया अपने पहले ही प्रयास में चैंपियन बन गई थी और वह भी वेस्टइंडीज जैसी धाकड़ को टीम को हराकर। सभी टीमें बेहतर प्रदर्शन कर यहां तक पहुंची हैं। टीम इंडिया और न्यूजीलैंड का अभियान अभी तक अजेय रहा है जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका विपक्षी टीम को लगातार मजबूत चुनौती दे रही ह‌ैं।

 

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तीसरे टी-20 मैच में बारिश के कारण नहीं निकला नतीजा:1-0 से भारत ने सीरीज जीती

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला नेपियर में खेला गया। न्यूजीलैंड के कप्तान टिम साऊदी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कीवी टीम 19.4 ओवर में 160 रन पर ऑलआउट हो गई। डेवोन कॉनवे ने सबसे ज्यादा 59 रन की पारी खेली। वहीं, ग्लेन फिलिप्स ने 54 रन बनाए।

टीम इंडिया की ओर से अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज ने सबसे ज्यादा 4-4 विकेट लिए। न्यूजीलैंड के आखिरी 7 विकेट 14 रन बनाने में गिर गए।

जवाब में टीम इंडिया ने 9 ओवर में 4 विकेट खोकर 75 रन बना लिए थे। तभी बारिश शुरू हो गई। इसके बाद एक भी बॉल का खेल नहीं हो सका और तीसरे टी-20 को टाई घोषित कर दिया गया। इसी के साथ टीम इंडिया ने सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली।

  • ईशान किशन, ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर तीसरे टी-20 में भी कुछ खास नहीं कर पाए। ईशान ने 10 रन, पंत ने 11 और श्रेयस अय्यर खाता खोले बिना आउट हो गए।
  • शानदार फॉर्म में चल रहे सूर्यकुमार यादव का बल्ला तीसरे टी-20 में नहीं चल पाया। वो 10 बॉल में 13 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

    कब और कैसे गिरे न्यूजीलैंड के विकेट

    • अर्शदीप सिंह ने न्यूजीलैंड को पहला झटका दिया। उन्होंने दूसरे ओवर की तीसरी बॉल पर फिन एलन को LBW आउट कर दिया। एलन ने 4 बॉल का सामना किया और 3 रन बनाकर आउट हुए।
    • मोहम्मद सिराज ने कीवी टीम का दूसरा विकेट लिया। उन्होंने मार्क चैपमैन को 12 बॉल में 12 रन बनाने के बाद अर्शदीप सिंह के हाथों कैच आउट कराया।
    • ग्लेन फिलिप्स ने न्यूजीलैंड के लिए शानदार पारी खेली। उन्होंने 33 बॉल का सामना किया और 163 के स्ट्राइक रेट से 54 रन बनाए। उनका विकेट मोहम्मद सिराज ने लिया।
    • डेवोन कॉनवे 49 बॉल में 59 रन बनाकर आउट हुए। उनका विकेट अर्शदीप सिंह ने लिया।
    • मोहम्मद सिराज ने जेम्स नीशम के रूप में अपना तीसरा विकेट लिया। वहीं, मिचेल सेंटनर को 1 रन पर आउट कर चौथा विकेट झटका।
    • अर्शदीप सिंह के 19वें ओवर में लगातार तीन बॉल पर 3 बल्लेबाज आउट हुए। पहले उन्होंने ईश सोढ़ी और डेरिल मिचेल को पवेलियन भेजा। इसके बाद मोहम्मद सिराज ने एडम मिल्ने को डायरेक्ट थ्रो से रन आउट कर दिया।
    • आखिरी ओवर में हर्षल पटेल ने टिम साउदी को बोल्ड कर भारतीय टीम को आखिरी सफलता दिलाई।

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मैं अब तीसरे या चौथे तेज गेंदबाज के रूप में चार ओवर गेंदबाजी कर सकता हूं: हार्दिक पांड्या

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हार्दिक पांड्या ने घोषणा की है कि वह अब केवल गेंद के साथ अंशकालिक भूमिका निभाने के बजाय टी20ई में “तीसरे या चौथे सीमर” के रूप में चार ओवर फेंक सकते हैं। ऑलराउंडर ने जून में भारत की ओर से वापसी के बाद से दस T20I पारियों में 26 ओवर भेजे हैं, और मंगलवार को सेंट किट्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे T20I में सबसे किफायती गेंदबाज थे, उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 19 रन दिए। ओपनर ब्रैंडन किंग का विकेट। पंड्या ने 2021 टी20 विश्व कप से एक बड़ा बदलाव हासिल किया है, जिसमें उन्होंने पांच मैचों में सिर्फ चार ओवर फेंके और लगभग एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में खेले। उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं गेंदबाजी कर रहा होता हूं तो मुझे हमेशा गेंदबाजी करने में मजा आता है। यही कारण था कि मैंने महसूस किया था कि मुझे कुछ समय निकालना चाहिए ताकि मेरी गेंदबाजी में आए। मैंने महसूस किया है कि जब मैं गेंदबाजी करता हूं तो इससे टीम को काफी संतुलन मिलता है, इससे कप्तान को काफी आत्मविश्वास मिलता है। बासेटरे के वार्नर पार्क में भारत की सात विकेट से जीत के बाद कहा। “मैं बीच में फिलर के रूप में गेंदबाजी करता था अगर कोई गेंदबाजी नहीं कर रहा था, तो अब मैं शायद कह सकता हूं कि मैं तीसरे या चौथे सीमर के रूप में चार ओवर गेंदबाजी कर सकता हूं जहां मैं उतना ही योगदान दे सकता हूं जितना मैं अपने बल्ले से करता हूं।” पांड्या की गेंदबाजी वापसी इंडियन प्रीमियर लीग 2022 में शुरू हुई थी, जब उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए 7.27 की इकॉनमी रेट से दस पारियों में 30.3 ओवर भेजे थे। उन्होंने कहा कि वह कई बार हिट होने के बाद अपनी गेंदबाजी में और विकल्प जोड़ने पर काम कर रहे हैं। “गेंदबाजी में, मुझे अपनी ताकत और कमजोरियों को समझने में कुछ समय लगा। टी20 में मुझे दो बार चोट लगी है। लेकिन यह खेल उसी के बारे में है। अगर कोई आपको मारता है और आप काफी मजबूत हैं, तो संभावना है कि आप कुछ सीखने जा रहे हैं। मेरे लिए यह इस बारे में था कि मैं बल्लेबाज को मुझे मारने से कैसे रोक सकता हूं, और मैं अपनी गेंदबाजी में और विविधताएं जोड़ने में सक्षम था और अब मुझे लगता है कि यह ठीक हो रहा है।” बल्ले से, पांड्या 31.62 के औसत से हैं और भारत में वापसी के बाद से 11 पारियों में 136.75 की औसत से प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी विशेष तरीके से बल्लेबाजी करने के लिए नहीं देख रहे थे, लेकिन वह जिस स्थिति में चलते हैं, उसके अनुकूल होना चाहते थे। और अगर उसे थोड़ी देर के लिए बचाव की जरूरत थी, तो वेस्टइंडीज टी 20 सीरीज़ के लिए भारत के उप-कप्तान ऐसा करने के लिए तैयार थे क्योंकि उनके पास टीम प्रबंधन से छूट थी।

 

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CWG 2022: भारत ने नाइजीरिया को 3-0 से हराकर पुरुष टीम टेबल टेनिस के फाइनल में पहुंचा कम से कम रजत का आश्वासन

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शरत कमल ने विश्व की 15वें नंबर की अरुणा कादरी को हराकर गत चैंपियन भारत ने नाइजीरिया को 3-0 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों में एक और फाइनल में जगह बनाई। जी साथियान और हरमीत देसाई ने ओलाजाइड ओमोटायो और अबियोदुन बोडे के खिलाफ पहले युगल मुकाबले में सीधे गेम में जीत हासिल की और टाई के लिए टोन सेट किया। यह 40 वर्षीय शरथ थे जिन्होंने भारत को एक बड़ा फायदा प्रदान करने के लिए क्वाड्रि के खिलाफ महत्वपूर्ण दूसरा एकल मैच जीता था। अंतिम स्कोरलाइन भारतीय के पक्ष में 11-9,7-11,11-8,15-13 पढ़ी। यह दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक गहन लड़ाई थी जो एक दूसरे के खेल को अंदर से जानते हैं। शरथ ने एक उच्च जोखिम वाली रणनीति का इस्तेमाल किया जिससे उन्हें पहला गेम जीतने में मदद मिली। नाइजीरियाई ने मैच को बराबर करने के लिए वापसी की, इससे पहले कि शरथ ने कुछ कुरकुरा बैकहैंड विजेताओं के साथ तीसरे में अपने खेल को आगे बढ़ाया। चौथा एनईसी क्षेत्र में दर्शकों के लिए सबसे मनोरंजक निकला। लंबी और तेज रैलियों में हर कोई अपनी सीटों के किनारे खड़ा था। मैच की सर्वश्रेष्ठ रैली (19 शॉट) खेल में देर से आई, जिसमें क्वादरी ने इसे 9-8 से जीत लिया। शरथ ने जेल कार्ड से बाहर निकलने के लिए बॉडी स्मैश का इस्तेमाल किया और इसे 10-10 से बनाने में सफल रहे।क्वादरी ने एक पिछला हाथ नेट के रूप में भारतीय को आखिरी हंसी दी थी।भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले खिलाड़ी साथियान ने फिर ओमोटायो को 11-9,4-11,11-6,11-8 से हराकर शानदार जीत हासिल की। जी साथियान और हरमीत देसाई ने ओलाजाइड ओमोटायो और अबियोदुन बोडे के खिलाफ पहले युगल मुकाबले में सीधे गेम में जीत हासिल की और टाई के लिए टोन सेट किया।

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