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मध्यप्रदेश

मप्र में रिलायंस समूह करेगा 46 हजार करोड़ रुपये का निवेश

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भोपाल| मध्य प्रदेश में रिलायंस समूह करीब 46 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। (latest news) यह निवेश रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र में होगा, इन क्षेत्रों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से 70 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह जानकारी रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ गुरुवार को हुई बैठक में दी। जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में निवेशक मित्र नीति लागू की गई है। निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर है। प्रदेश में कौशल उन्नयन के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और निवेशकों को प्रदेश में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

बैठक में अंबानी ने राज्य में जारी विकास गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अब ग्रोथ सेंटर बन गया है। रिलायन्स समूह द्वारा रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में पीथमपुर और भोपाल में निवेश किया जाएगा। पीथमपुर में इंटीग्रेटेड लैंड सिस्टम डिफेंस मेन्यूफेक्च रिंग हब तथा भोपाल में रोटरी विंग हेलीकाप्टर मेन्यूफेक्च रिंग इकाई विकसित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा एवं रक्षा उत्पादन क्षेत्र में करीब छह हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रदेश में समूह द्वारा विश्वस्तरीय डाटा स्टोरेज सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए पीथमपुर में करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

अंबानी ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सोलर पैनल के लिए आवश्यक इनगट और पोलीसिलिकन बनाने की इकाई पीथमपुर में स्थापित की जाएगी। इसमें करीब 27 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। समूह द्वारा सासन विद्युत परियोजना का विस्तार किया जाएगा। इसमें करीब 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 70 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने भोपाल में प्रबंध संस्थान आई़ एस़ बी़ का कैम्पस शुरू करने का प्रस्ताव भी दिया। रिलायंस समूह पूर्व में प्रदेश में 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश सीमेंट, टेलीकम और फायनेन्सियल सर्विस क्षेत्र में कर चुका है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है। रिलायंस समूह द्वारा पीथमपुर में 400 एकड़ एवं भोपाल में 70 एकड़ भूमि पसंद की गई है।

बैठक में मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा, रिलायंस समूह के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सतीश गुप्ता, प्रमुख सचिव उद्योग मो़ सुलेमान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस़ के. मिश्रा, सचिव उद्योग कांताराव, सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, ट्रायफेक के प्रबंध निदेशक डी़ पी़ आहूजा उपस्थित थे।

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देश

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संघ की तुलना ‘दीमक’ से की

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इंदौर । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना दीमक से की है। इंदौर में युवक कांग्रेस के कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने आरएसएस पर हमला करते हुए कहा, “आप ऐसे संगठन से लड़ रहे हैं, जो ऊपर से नहीं दिखता। जैसे घर में दीमक लगती है, यह उसी तरह से काम करता है।”

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा, “मैं समझता हूं कि जब यह कहूंगा, तो सबसे ज्यादा गालियां खाऊंगा, क्योंकि मैंने आरएसएस की तुलना दीमक से की है।”
उन्होंने कहा कि संघ रजिस्टर्ड संस्था नहीं है। इसकी सदस्यता नहीं है, कोई अकाउंट नहीं है। संघ का कोई कार्यकर्ता जब आपराधिक कृत्य में पकड़ा जाता है, तो वे कहते हैं कि हमारा सदस्य ही नहीं है। यह ऐसा संगठन है, जो गुपचुप और छुपकर काम करता है। ये लोग केवल कानाफूसी करते हैं और गलत भावना फैलाते हैं। कभी आंदोलन नहीं करते और न ही किसी की समस्या के लिए लड़ते हैं।
उन्होंने सीधे तौर पर संघ पर हमला करते हुए कहा, “आरएसएस की विचारधारा नफरत की है। हिंदुओं को खतरा दिखाकर डर पैदा करो और डर पैदा करके बताओ कि हम ही तुम्हारी रक्षा कर सकते हैं, बाकी कोई नहीं कर सकता। आज जब राष्ट्रपति से लेकर नीचे तक के पदों पर हिंदू हैं, तो फिर खतरा किससे है?”

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देश

मानहानि मामले में मध्य प्रदेश की अदालत ने सीएम सहित दो अन्य को जारी किया नोटिस

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भोपाल। मध्य प्रदेश की एक जिला अदालत ने हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा द्वारा दायर मानहानि मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने चौहान के अलावा शहरी विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा को भी उसी मामले में नोटिस जारी किया है, जिसमें कांग्रेस नेता ने ओबीसी आरक्षण के संबंध में ‘गलत तथ्यों का प्रचार’ करके उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस सांसद ने सर्वोच्च न्यायालय में ओबीसी आरक्षण मामले के बारे में कुछ टिप्पणियों को लेकर चौहान और दो अन्य के खिलाफ जबलपुर जिला अदालत में मामला दायर किया था। तन्खा ने कहा कि अदालत ने उनसे जवाब मांगा है और अगली सुनवाई की तारीख 25 फरवरी तय की है।
तन्खा ने कहा कि “मुझे अपने वकील (वाजिद हेडर) से जानकारी मिली है कि 10 करोड़ के मूल्य के नुकसान के हमारे दावे में, जबलपुर कोर्ट ने मुख्यमंत्री और अन्य प्रतिवादी पक्षों को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है। अदालत मामले पर 25 फरवरी को सुनवाई करेगी। तब से, सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को स्थानीय निकाय में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित सीटों पर मतदान प्रक्रिया पर रोक लगाने और सामान्य वर्ग के लिए उन सीटों को फिर से अधिसूचित करने का निर्देश दिया। सरकार ने पंचायत चुनाव रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में तन्खा पर ओबीसी आरक्षण कोटा का विरोध करने का आरोप लगाया है।
यह तब शुरू हुआ, जब तन्खा स्थानीय कांग्रेस नेताओं द्वारा दायर एक याचिका के वकील के रूप में पेश हुए, जिसमें 2014 के रोटेशन और आरक्षण के आधार पर राज्य में पंचायत चुनाव कराने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने राज्य में समुदाय (ओबीसी) को आरक्षण प्रदान करने में बाधा उत्पन्न करने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाए। राज्य विधानसभा के हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र के दौरान ओबीसी मुद्दे पर घंटों बहस हुई थी।

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देश

सावित्रीबाई फुले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने याद किया

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भोपाल। छुआछूत मिटाने, विधवा विवाह कराने और महिलाओं को शिक्षित करने का अभियान चलाने वाली सावित्रीबाई फुले कि आज सोमवार को जयंती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
सावित्री बाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थी। सावित्रीबाई ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह से जिया, जिसका उद्देश्य था विधवा विवाह कराना, छुआछूत मिटाना, महिलाओं की मुक्ति और दलित महिलाओं को शिक्षित बनाना। सावित्रीबाई फुले ने 3 जनवरी 1848 में पुणे में अपने पति के साथ मिलकर विभिन्न जातियों की 9 छात्राओं के साथ महिलाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की । लड़कियों की शिक्षा पर उस समय सामाजिक पाबंदी थी।
सावित्रीबाई फुले उस दौर में न सिर्फ स्वयं पढ़ी अपितु दूसरी लड़कियों के पढ़ने का भी बंदोबस्त किया। दस मार्च 1897 को प्लेग के कारण सावित्रीबाई फुले का निधन हो गया।

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