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राजस्थान

राजस्थान में बायो-मेडिकल अकादमियों की होगी स्थापना

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जयपुर| राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग व राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) के बीच शुक्रवार को झालावाड़ में एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल आधार पर बायो-मेडिकल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। एमओयू पर प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा जे.सी. महांति और आरएसएलडीसी के प्रबंध निदेशक गौरव गोयल ने हस्ताक्षर किए। इन अकादमियों में युवाओं के लिए विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। प्रथम चरण में कोटा और झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ये अकादमियां शुरू होंगी।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015-16 के अपने बजट भाषण में बायो-मेडिकल अकादमियों की स्थापना की घोषणा की थी। एमओयू के अनुसार, इन अकादमियों में युवाओं को डायलिसिस टेक्नीशियन व नर्सेज को प्रशिक्षण देने के लिए कोर्स चलाये जायेंगे, साथ ही रोगियों को उचित शुल्क पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रथम चरण में स्थापित अकादमियों से प्राप्त अनुभव के आधार पर दूसरे चरण में इसी वित्तीय वर्ष में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में भी बायो-मेडिकल अकादमियां शुरू की जाएंगी।
एमओयू के अनुसार, प्रत्येक बायो-मेडिकल अकादमी में 10 डायलिसिस मशीनें उपलब्ध होंगी, जिनसे औसतन 600 डायलिसिस ट्रीटमेंट प्रति माह किए जा सकेंगे। अकादमी में मेडिकल ग्रेड के आरओ सिस्टम, संक्रमण से पीड़ित रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड में दो मशीनें, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा व डायलिसिस नर्सेज और डायलिसिस टेक्नीशियन के लिए ट्रेनिंग स्कूल की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

देश

सीएम गहलोत ने राजस्थान में कृषि भूमि नीलामी रोकने के दिए निर्देश

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जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के अधिकारियों को कृषि भूमि नीलामी रोकने के निर्देश दिए है । गहलोत ने ट्वीट करके बताया कि प्रदेश में रिजर्व बैंक के नियंत्रण में आने वाले व्यवसायिक बैंकों की तरफ से बैंकों का ऋण नही चुकाने पर रोड़ा एक्ट के तहत भूमि की कुर्की और नीलामी की जा रही है । इस रोकने के निर्देश दिए गए है ।गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने सहकारी बैंकों के ऋण माफ किए है । साथ ही केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि व्यवसायिक बैंकों की तरफ से वन टाइम सैटलमेंट करके किसानों का ऋण माफ किया जाए। राज्य सरकार इसमें हिस्सा वहन करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले किसानों की जमीन नीलामी का रोक विधानसभा में पारित किया था। लेकिन अभी तक राज्यपाल की अनुमति नहीं मिलने से यह कानून नहीं बन सका है। मुझे दुख है कि बिल के कानून नहीं बनने से इस तरह की नौबत प्रदेश के किसानों के सामने आई है।

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जयपुर हैरिटेज की महापौर मुनेश गुर्जर ने 40 हूपरों को हरी झण्ड़ी दिखाकर किया रवाना

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जयपुर । नगर निगम जयपुर हैरिटेज की महापौर मुनेश गुर्जर ने बुधवार को विवेक बिहार मेट्रों स्टेशन से सिविल लाईल जोन क्षेत्र के लिए विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद सी.एन.जी. वेस 40 नये हूपरो को हरी झण्ड़ी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर सिविल जोन के विभिन्न वार्ड़ों के पार्षद भी उपस्थित थे।

महापौर मुनेश गुर्जर ने हुपरो को रवाना करने के बाद कहा कि हमारा उद्देश्य शहर में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना है, इसी उद्वेषश्य को लेकर नयी कम्पनी को सफाई का काम दिया है, आगामी 10 दिनों में हैरिटेज क्षेत्र के सभी जोन मे नये हूपर घर घर कचरा उठाना शुरू कर देंगें। उन्होंने कहा कि नये हूपरो पर वार्डों के नाम लिखे जायेगें, जिससे एक हूपर दूसरे वार्डों में नहीं जा सकेगें वही मुख्य सफाई निरीक्षक एवं सफाई निरीक्षक अपने अपने क्षेत्र में चलने वाले हूपरों की प्रभावी मॉनीटिरिंग करेंगे। महापौर ने कहा कि जनता को किसी तरह की परेषानी
नहीं होगी। उन्होंने बताया कि नये हुपर पर सी.एन.जी. जोन से संचालित होगे जिससे शहर पर्यावरण प्रदुषित भी नहीं होगा। इस अवसर पर वार्ड पार्षद दशरथ सिंह शेखावत ने कहा कि बी.वी.जी. कम्पनी द्वारा शहर सफाई व्यवस्था का बिगाड़ दिया उसे सुधारने के लिए नयी कम्पनियों को सफाई व्यवस्था का टेण्डर दिया है।
नगर निगम हैरिटेज बी.वी. जी कम्पनी का अनुबंध समाप्त करने के बाद नयी टेण्डर प्रक्रिया के तहत् नागपुर वेस्ट हैन्डलिंग प्राईवेट लिमिडेट द्वारा सिविल लाईन जोन की सफाई व्यवस्था करने के निर्देष दिये गये थे, इसी प्रक्रिया के तहत् कम्पनी द्वारा 40 नये हुपर जो सी.एन.जी. वेस का आज विभिन्न वार्डों में रवाना किया गया है।

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राजस्थान के अलवर प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय

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जयपुर। राज्य सरकार ने अलवर विमंदित बालिका के प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपे जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से जल्द केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी।

यह निर्णय रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पर वीसी के माध्यम से हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
आपको बता दे कि विपक्षी दलों ने भी मुख्यमंत्री से इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी ।

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