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कमिश्नर अजय मिश्रा बोले गुडवर्क पर टीम होगी आगे और बैडवर्क पर मैं दूंगा जवाब

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15 दिन में शुरू हो जाएंगी कमिश्नरी वाली कोर्ट, साइबर क्राइम को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी करेंगे मजबूत
गौरव शशि नारायण (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरी के पहले कमिश्नर आॅफ पुलिस सीपी आईजी अजय मिश्रा ने गाजियाबाद में बुधवार को सुबह करीब 8:30 बजे लखनऊ से पहुंचने के बाद चार्ज संभाल ले लिया। शाम को गाजियाबाद के पहले पुलिस कमिश्नर अजय मिश्रा मीडिया से रूबरू हुए उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नर के रूप में उन्होंने चार्ज ले लिया है। अजय मिश्रा ने बताया है कि अब कमिश्नर ही बनी है तो पुलिस प्रशासन से उपेक्षा बढ़ेगी और वह उसे पूरी तरह से निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि वह अभी लगभग 3 महीने पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस यूपी कैडर में आए हैं और पुलिस मुख्यालय के बाद उनको सीधे गाजियाबाद कमिश्नर के रूप में तैनाती दी गई है। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी वर्तमान में आईजी स्तर के अजय मिश्रा ने कहा है कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को तीन महीने के भीतर पटरी पर लाया जाएगा और जिले में चलने वाली सभी पुलिस कोर्ट को भी 15 दिनों के भीतर संचालित करने पर जोर दिया जाएगा। सीपी अजय मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि निकाय चुनाव को लेकर गाजियाबाद पुलिस पहले ही तैयारी शुरू कर चुकी थी, अब इसे और मजबूती से अधिक दल बल के साथ लागू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा होने की वजह से यहां साइबर क्राइम और अन्य क्राइम का रेट अधिक है, लेकिन साइबर क्राइम को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी को मजबूत किया जाएगा। साथ ही साइबर सेल और साइबर सेल सेंटर इसे हर हाल में मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि वह गाजियाबाद में जाम और अतिक्रमण की समस्या पर जनता और अन्य विभागों के साथ मिलकर काम करेंगे। जिसका असर कुछ महीनों में जनता को खुद महसूस होने लगेगा।

कमिश्नरेट में बढ़ेगी 1000 पुलिसकर्मियों की संख्या
सीपी अभय मिश्रा ने मीडिया को जानकारी दी है कि गाजियाबाद के कमिश्नर घोषणा होने और उनकी तैनाती के बाद जल्द ही शासन स्तर से गाजियाबाद कमिश्नरी के लिए लगभग 1000 पुलिसकर्मियों के पुलिस बल को जिले में तैनाती दी जाएगी। इसमें आईपीएस अधिकारी से लेकर महिला और पुरुष पुलिसकर्मी साथ ही पुलिस अधिकारियों के लिए वाहन और उनके निवास व कार्यालयों की व्यवस्था की जाएगी। सीपी ने बताया है कि पुलिस का लगभग 1000 का फोर्स बढ़ने का सीधा असर कमिश्नरेट सिस्टम गाजियाबाद की कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया है कि वह फुट पेट्रोलिंग से लेकर जनपद में की जाने वाली पुलिसिंग पर ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा है कि जब पब्लिक के ऊपर पुलिस की संख्या बढ़ती है तो इसका असर पुलिसिंग पर स्पष्ट नजर आने लगता है।

सीपी का विजन है क्लियर, गुडवर्क पर क्रेडिट टीम को और बैडवर्क पर वह खुद देंगे जवाब
दैनिक करंट क्राइम से बातचीत करते हुए गाजियाबाद के पहले नवनियुक्त सीपी अजय मिश्रा ने कहा है कि गाजियाबाद जिले में जो भी गुडवर्क होंगे उसमें वह पीछे बैकवर्ड होने पर जवाब देने के लिए आगे रहेंगे। उन्होंने बताया कि बीते लगभग सभी प्रमुख पोस्टिंग के दौरान उनकी सोशल मीडिया से लेकर गूगल पर फोटो और वीडियो कम ही मिलेंगी। वह फोटो और वीडियो से दूर रहते हैं। गुडवर्क पर वह अपनी टीम को आगे रखेंगे और बैडवर्क होने पर वह खुद आगे आकर जवाब देंगे और उनकी जिम्मेदारी रहेगी कि कैसे घटनाओं के खुलासे तत्परता के साथ किए जा सकें। उन्होंने कहा है कि क्राइम कंट्रोल करने के लिए वह पूरी मेहनत के साथ कमिश्नरी सिस्टम में काम करेंगे।

ट्रैफिक का जाम करता है पूरी सोसाइटी को परेशान
सीपी अजय मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि गाजियाबाद जैसे बड़े शहर में जाम पूरी सोसाइटी को परेशान करने का काम करता है। लोग समय से अपने आॅफिस नहीं पहुंच पाते हैं, तो वहीं स्कूल की छुट्टी के बाद छोटे बच्चे और उनके शिक्षक जाम की वजह से रास्ते में फंसे रहते हैं। उन्होंने बताया कि जाम लगाने वाले जिम्मेदार और लापरवाह लोगों पर जल्दी गाजियाबाद की पुलिस, यातायात पुलिस, नगर निगम और जीडीए अथॉरिटी मिलकर सामूहिक प्रयास करते हुए जाम की समस्या से कुछ हद तक समाधान कराने का प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग के बिना कोई भी पुलिसिंग और व्यवस्था अधूरी है। सीपी अजय मिश्रा ने कहा है कि लोग सीसीटीवी अधिक से अधिक लगवाएं। साथ ही पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ेगी और ऐसे इलाके जहां डार्क स्पॉट हैं, वहां रोशनी की व्यवस्था को भी बढ़ाने का काम किया जाएगा।

जनता से लेकर मीडिया को दूंगा समय
पत्रकारों ने नए सीपी अजय मिश्रा से सवाल पूछा कि वह जनता और मीडिया को कितना समय देंगे, तो उन्होंने जवाब दिया कि जनता और मीडिया के लिए वह हमेशा तैयार हैं और उनका काम इन्ही दोनों लोगों के बीच तालमेल बैठाना और बेहतर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि उनका काम पर फोकस रहेगा और महिला अपराधों को नियंत्रण करने के लिए भी वह पूरी शिद्दत के साथ काम करेंगे। अपराध पर कंट्रोल पाना और कानून व्यवस्था को शासन की मंशा के अनुरूप पालन कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

तीन जोन के तीन एडिशनल कमिश्नर होंगे तैनात
सीपी अजय मिश्रा ने जानकारी दी है कि गाजियाबाद में जल्द ही पुलिस बल मिलने और नई पोस्टिंग होने के बाद यहां अधिकारियों की एक लंबी टीम वर्किंग के लिए रेडी होगी। इसमें जोन 1, 2 और 3 में तीन एडिशनल कमिश्नर स्तर के अधिकारी होंगे। तो वहीं 9 जोनल एसीपी भी मौजूद होंगे। साथ ही लगभग 10 से ज्यादा आईपीएस अधिकारियों और आधा दर्जन से ज्यादा पीपीएस अधिकारियों को भी पोस्ट किया जाएगा।

सुल्तानपुर से लेकर कश्मीर तक रही है अजय मिश्रा की पोस्टिंग
गाजियाबाद के पहले सीपी अजय मिश्रा ने बताया है कि वह सुल्तानपुर, इटावा, महोबा, बागपत, प्रतापगढ़, मैनपुरी, वाराणसी और कानपुर के साथ ही एटीएस में एक साल तक एसएसपी और इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ ही कश्मीर में भी काम कर चुके हैं। खुफिया तंत्र पर काम करने से लेकर पुलिसिंग का लंबा अनुभव उनको पुलिस के साथ ही खुफिया तंत्र में काम करने का रहा है। उन्होंने वर्ष 2014 के चुनाव मैनपुरी में संपन्न कराएं हैं, तो 2017 के चुनाव के दौरान कानपुर जिले में तैनात रहे। उनके पास लंबा अनुभव होने के साथ ही पुलिस का पारिवारिक माहौल रहा है और वह चुनौतियों से पीछे नहीं हटते हैं।

शांतिपूर्वक संपन्न कराएंगे निकाय चुनाव : सीपी
अजय मिश्रा ने गाजियाबाद में पहले कमिश्नर का चार्ज लेने के बाद कहां है कि गाजियाबाद में होने वाले निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम तेज कर लिया गया है। जल्द ही गाजियाबाद पुलिस को 1000 नए पुलिसकर्मी मिलेंगे जो काफी मददगार होगा। साथ ही चुनाव के मद्देनजर अन्य जिलों और केंद्रीय फोर्स की भी मांग की जाएगी।

सीपी ने ली पुलिस अधिकारियों संग बैठक, लाइन में हुआ डिनर
सीपी अजय मिश्रा ने बुधवार को गाजियाबाद की पुलिस लाइन में जनपद के सभी सीओ और एसपी स्तर के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। जिसमें परिचय प्राप्त करने से लेकर संवेदनशील इलाकों मामलों और क्राइम कंट्रोल को लेकर शुरूआती चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया है कि इसके बाद सीपी ने यहां पुलिस अधिकारियों संग डिनर किया। जिसमें कुछ औपचारिक बातचीत भी की गई। सूत्र बता रहे हैं कि जल्द ही वह गाजियाबाद की सड़कों से लेकर पुलिस कार्यालय में जन सुनवाई करते हुए नजर आएंगे और कमिश्नरी सिस्टम लागू होने का असर उनके अनुसार जल्द ही जनता और मीडिया को देखने में महसूस होगा।

पुलिस मुख्यालय पर लग गया पुलिस आयुक्त कार्यालय का नया बोर्ड
गाजियाबाद कमिश्नरी में पहले कमिश्नर अजय मिश्रा ने चार्ज बुधवार को लिया और शाम को वह मीडिया से रूबरू हुए। तो रात को उनके पुलिस कार्यालय जो अब पुलिस आयुक्त कार्यालय के नाम से जाना जाएगा उसका नया चमचमाता हुआ बोर्ड लगा दिया गया है। जल्द ही जिले की पुलिस लाइन से लेकर अन्य अधिकारियों के कार्यालय और जनपद के सभी थानों में नए बोर्ड लगाने के साथ ही जिले की सभी माइक मोबाइल और पीआरवी वाहनों पर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरी लिखा जाएगा। साथ ही जहां पर गाजियाबाद पुलिस के बोर्ड लगे हुए थे अब उससे गाजियाबाद कमिश्नरी के रूप में बदला जाएगा।

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इसे ही कहते हैं मोहब्बत का रूल

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कम समय में सबसे मिलकर चले गए आईएएस महेन्द्र सिंह तंवर, जब था टाइट पूरा शेड्यूल
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। कई अधिकारी जिले में आते हैं और चले जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो दिल में बस जाते हैं। वो जब भी जिले में आते हैं तो फिर सब उनसे मिलने आते हैं और वो सबसे मिलकर जाते हैं। ऐसे अधिकारियों में नगरायुक्त पद पर कार्यरत रह चुके आईएएस महेन्द्र सिंह तंवर भी हैं। ये एक ऐसे अधिकारियों में गिने जाते हैं जो अपने व्यवहार और प्यार से सरकार तो क्या विपक्ष के पार्षदों को भी अपना बना चुके हैं। इन दिनों अपने विजन और व्यवहार का जलवा मुख्यमंत्री की नगरी गोरखपुर में बिखेर रहे हैं। वहां गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं।
वह जब शुक्रवार को गाजियाबाद आये तो उन्होंने गाजियाबाद आने से पहले गाजियाबाद के सभी साथियों को फोन किये। ये उनका अंदाज है कि उनके आने की खबर से ही सब उत्साहित थे। वो बता चुके थे कि मैं कल गाजियाबाद आ रहा हूं और यहां पर सभी साथियों से वो मिले भी। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा के पिता की शोकसभा में पहुंचे तो पत्रकार दीपक सिरोही के घर पर भी गये और उनकी माता के निधन पर शोक व्यक्त किया। निवर्तमान मेयर आशा शर्मा ने उन्हें देखा तो कहा कि डीएम बनकर गाजियाबाद आओ। पूर्व राज्यमंत्री व शहर विधायक अतुल गर्ग ने उनकी तारीफ की। कनेक्टिविटी के साथ महेन्द्र सिंह तंवर ने एक बार फिर से रिश्तों को लेकर अपना विजन दिखाया और अपनेपन का एक अहसास कराया।

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दो महीने तीन दिन में निर्णायक मोड़ पर पहुंची सुनवाई

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। शनिवार को एक पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। एक दुष्कर्म के आरोपी पर आज फैसला आएगा। साहिबाबाद थानाक्षेत्र में साढे 4 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या की सनसनीखेज वारदात हुई थी। इस मामले में विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट की अदालत ने शुक्रवार को आरोपित को दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई शनिवार को होगी। अभियोजन की तरफ से कुल 15 लोगों की गवाही हुई है। बच्ची के परिजनों ने दोषी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों ने 15 दिसंबर को आरोप पत्र पेश किए थे। मामले में प्रतिदिन सुनवाई चल रही थी, यही कारण है कि घटना के दो माह तीन दिन में यह मामला निर्णायक मोड़ तक जा पहुंचा है।
1 दिसंबर 2022 को घर से लापता हुई थी बच्ची
विशेष लोक अभियोजन संजीव ने बताया है कि साहिबाबाद थानाक्षेत्र की करहैड़ा कॉलोनी में राजमिस्त्री का परिवार के साथ रहता था। 1 दिसंबर 2022 को करीब 2:30 बजे उनकी साढ़े 4 साल की बेटी घर से बाहर खेलते हुए लापता हो गई थी। दूसरे दिन सिटी फॉरेस्ट के जंगल में उसका शव घर के पास ही मिला था। इसके बाद परिजनों ने शव की शिनाख्त की और पुलिस इस पूरे मामले में जांच में जुट गई थी। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अपहरण, हत्या और दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
महिला अधिकारियों की कांप गई थी रूह
साढ़े 4 साल की बच्ची के साथ अपहरण कर दुष्कर्म की सनसनीखेज हत्या ने इस पूरे मामले में तात्कालिक डीसीपी ट्रांस हिंडन दीक्षा शर्मा और एसीपी साहिबाबाद पूनम मिश्रा की रूह का कांप दी थी। पुलिस की महिला अधिकारियों ने शुरू से ही इस मामले में प्रमुखता से साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए और आरोपी को अधिकतम सजा दिलाने के प्रयास किए हैं, जो शनिवार को सुनवाई के बाद सफल हो सकते हैं।

 

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भगवा गढ़ में बन रही है सरकार वालों के व्यापार की कौन सी लिस्ट!

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। सरकार वाले बाजार में भी हैं और अलग अलग व्यापार में भी हैं। बस कारोबार को लेकर वो रडार पर आ गये हैं। सुना है कि सयंम वाले मामले के बाद भगवा कारोबारियों के व्यापार की लिस्ट मांग ली गई है। इस लिस्ट में प्रापर्टी डीलरों से लेकर रेस्टोरेंट कारोबारी हैं तो सरकारी विभागों के ठेकेदारों से लेकर लाईजनिंग वाले नाम भी आ गये हैं।
बताने वाले बता रहे हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी कतई नहीं चाहती कि किसी भी भगवाई के कारोबार को लेकर विपक्ष या मीडिया सरकार के काम काज पर किसी तरह की अंगुली उठा दे। अदंरखाने निर्देश मिले हैं कि धुआं, जुआ, शराब, शबाब से लेकर खराब निर्माण वाला भगवाई मिले तो उसे पार्टी से भगा दें। अब सगंठन में पद देते समय इस बात का शिजरा निकल कर आयेगा। पार्टी कारोबार को लेकर सरकार की फजीहत कराने के मूड में नहीं है। कारोबार वाले सावधान हो जाये क्योंकि लिस्ट का ट्वीस्ट अभी नहीं बल्कि आठ महीने के बाद दिखाई देगा।
कन्फर्म सूत्र बता रहे हैं कि इस लिस्ट का ट्वीस्ट आने वाले समय में दिखाई देगा। क्योंकि बड़ी खबर यह है कि अन्दर खाने कौन सा नेता कौन सा कारोबार कर रहा है यह खबर भी भाजपा वाले ही खुद देकर आएंगे। इस लिस्ट में कई के कारोबार निकलकर सामने आएंगे। फिलहाल लिस्ट को लेकर काम शुरु हो गया है।

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