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उत्तर प्रदेश

शिवपाल सिंह यादव ने अमेठी में 45 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण, 41 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास किया

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लखनऊ। प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा सहकारिता मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव ने आज जनपद अमेठी में 45 करोड़ 15 लाख 97 हजार लागत के 30 कार्यों का लोकार्पण तथा 41 करोड 11 लाख 81 हजार की लागत के 23 कार्यों का शिलान्यास किया। (samajwadi party news समाजवादी पेंशन वितरण कार्यक्रम में आज 6574 लाभार्थियों को परिचय पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने  इस अवसर पर जनपद में डाक बंगला ट्रामा सेन्टर, बाईपास एवं  पुल, आदि के निर्माण की घोषणा की तथा आयोजित जन सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही दवाई, पढ़ाई, सिंचाई तीनों माफ हंै। उत्तर प्रदेश को छोड़कर देश के किसी भी प्रदेश में ऐसी जनहितकारी योजनाएं संचालित नहीं है।
लोक निर्माण मंत्री ने जनपद आगमन के पश्चात सर्वप्रथम जनपद मुख्यालय के सैंठा मार्ग पर 33 करोड़ 62 लाख 42 हजार के रेल उपरगामी सेतु का विधि विधान से उद्घाटन किया। इसके पश्चात उन्होंने रणन्जय इण्टर कालेज के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण
अभियंत्रण विभाग द्वारा 4 करोड़ 10 लाख की लागत से 19 डा0 राममनोहर लोहिया समग्र ग्रामों में निर्मित सी.सी.रोड़ एवं के.सी. ड्रेन तथा 7 करोड़ 43 लाख 55 हजार की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वार निर्मित 10 सम्पर्क मार्गाें का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 7
करोड़़ 28 लाख 69 हजार की लागत से  निर्मित होने वाले 7 सम्पर्क मार्गाें, 69 लाख 27 हजार की लागत के इण्टर कालेज टीकरमाफी, आवास विकास परिषद प्रतापगढ़ द्वारा 23 करोड़ 22 लाख 54 हजार से निर्मित होने वाले विकास भवन, पी.एच.सी.करथुनी, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, जिला क्षय रोग अस्पताल, ब्लाक गौरीगंज में आवासीय/अनावासी भवन क्षेत्राधिकारी
गौरीगंज का कार्यालय एवं आवासीय भवन, रोगी आश्रय स्थल गौरीगंज एवं मुसाफिरखाना तथा महिला थाना का प्रशासनिक एवं आवासीय भवन, के साथ ही आवास विकास फैजाबाद द्वारा 98
लाख 42 हजार की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सैंठा, सी.एण्डडी.एस. अमेठी द्वारा 4 करोड़ 8 लाख 34 हजार से निर्मित होने वाले ए.आर.टी.ओ. कार्यालय यू.पी.पी.सी.एल द्वारा निर्मित 1 करोड़ 96 लाख 86 हजार से निर्मित होने वाले पी.एच.सी. दक्खिनवारा एवं जूठू मवई, पैकफेड द्वारा 2 कोड़ 64 लाख 23 हजार की लागत से निर्मित होने वाले गौरीगंज तहसील के आवासीय भवन तथा यू.पी. स्टेट कन्सट्रक्शन एण्ड डेब्लपमेन्ट कार्पोरेशन द्वारा 23 करोड 46 हजार की लागत से निर्मित होने वाले विधिक माप विज्ञान प्रयोगशाला का शिलान्यास बटन दबाकर किया।
इसके अतिरिक्त लो.नि.वि. मंत्री ने विधायक गौरीगंज की मांग पर गौरीगंज में सिंचाई डाक बंगला, ट्रामा सेन्टर, स्टेडियम,के अतिरिक्त गौरीगंज एवं अमेठी सहित चार बाईपास एवं आधा दर्जन पुलों के निर्माण की घोषणा की। समाजवादी पेंशन वितरण कार्यक्रम में उन्होंने स्वयं 20 लाभार्थियों को परिचय पत्र प्रदान किया।उन्हांेने इस अवसर पर जन सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही दवाई, पढ़ाई, सिचाई तीनों माफ हंै। उत्तर प्रदेश को छोड़कर देश के किसी भी प्रदेश में ऐसी जनहितकारी योजनाएं संचालित नहीं है। हमारी सरकार ने अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए राहत को दुगुना करते हुए 45 सौ की जगह 9 हजार एवं 9 हजार की जगह 18 हजार कर दी है।
  इस अवसर पर लो.नि.वि. मंत्री के साथ प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया, भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह आदि ने शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि देश की अन्य किसी भी प्रदेश की सरकार ने किसानों, गरीबों एवं अल्कियतों के लिए इतनी योजनाएं संचालित नही की।
  इस अवसर पर पूर्व मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, विधायक अभय सिंह एम.एल.सी.अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी, पूर्व एम.एल.सी. शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिला कोआॅपरेटिव बैंक के चेयर मैन धर्मेन्द्र कुमार सिंह(बब्लू), जिला पंचायत अध्यक्षा कमला देवी, सपा जिला अध्यक्ष छोटे लाल, उपाध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण  तथा बड़ी संख्या में जन सामान्य मौजूद रहे।

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मेयर सीट जनरल होने के बाद क्या होगी पंजाबियों की बल्ले-बल्ले

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पार्टी में लंबे समय से पंजाबी समाज के जनप्रतिनिधि की उम्मीद
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। गाजियाबाद की राजनीति में पंजाबी और सिख समाज का झुकाव-लगाव हमेशा से भाजपा के साथ रहा है। ये समाज अब दावा करता है कि उनकी संख्या भी अन्य बिरादारियों के समकक्ष है। लिहाजा टिकट दावेदारी भी शुरू हो गई है। यहां पर मेयर चुनाव की बात करें और जनरल सीट होने पर पंजाबियों के लिए स्पेशल क्या होगा तो यहां उसके नेताओं पर निगाह डालनी होगी।
सरदार एसपी सिंह भाजपा का सिख चेहरा है। पॉलिटिक्ली एक्टिव रहते है। यहां पर भाजपा की पंजाबी राजनीति का जिक्र अशोक मोंगा के बिना अधूरा है। महानगर अध्यक्ष रहे है। क्षेत्रीय महामंत्री रहे है। मेयर दावेदारी में जगदीश साधना का नाम भी आता है। यहां बलदेव राज शर्मा भी खामोशी से दावेदारी वाले फ्रेम में आते है। पंजाबी समाज सियासी रूप से एक्टिव है और यह समाज विधानसभा चुनावों में अपनी भागीदारी को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस भी कर चुका है। अब सवाल यही है कि मेयर सीट जब सामान्य हुई है तो इस पंजाबी बिरादरी में चुनावी अरमान भी जाग रहे है। सवाल यही है कि गाजियाबाद की राजनीति में सीट सामान्य होने पर पंजाबी चेहरों के लिए क्या स्पेशल होने जा रहा है। यहां अशोक मोंगा से लेकर जगदीश साधना तक किस चेहरे के नाम पर विचार होने जा रहा है। क्या यहां इस समाज को जनप्रतिनिधि होने वाली उम्मीद की कोई किरण किसी दावेदार में दिखाई देती है।

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त्यागी समाज से ये चेहरे मेयर टिकट के प्रबल दावेदार

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। भगवा गढ़ में त्यागी समाज की सियासी हिस्सेदारी को लेकर चर्चा होने लगी है। मेयर टिकट की बात करें तो यहां पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने अपनी दावेदारी को लेकर इंकार कर दिया था। उन्होंने उम्र का हवाला दिया। खुद इंकार किया लेकिन किसी अन्य त्यागी नेता का जिक्र नहीं किया। भाजपा में मेयर दावेदारी की बात करें तो यहां सीनियर पार्षद राजेंद्र त्यागी का नाम इस दावेदारी में आता है। निगम एक्ट के जानकार और पूरा सियासी जीवन भाजपा और नगर निगम के बीच रहा है। पांच बार पार्षद रहे। निगम में खुलासे किए है। ईमानदार छवि और जनता के बीच सक्रिय रहकर राजनीति करते है। मेयर दावेदारी में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वीरेश्वर त्यागी का नाम आता है। लाइफ टाइम भाजपाई है और मुद्दों पर पकड़ रखते है, शानदार वक्ता है। लोकसभा से लेकर विधानसभा तक उनकी दावेदारी रही है। त्यागी समाज से ही एक चेहरा ऐसा है जो साइलेंट है लेकिन पूरी तरह कर्मठ और भाजपा के प्रति समर्पित है। ये चेहरा प्रेम त्यागी का है। भाजपा में विभिन्न पदों पर रहे है और किसान परिवार से आते है। सबसे बड़ी बात ये है कि साधन संपन्न होने के बाद भी बेहद सरल जीवन शैली है और बेहद विनम्र व्यवहार है। ये चेहरा भी त्यागी समाज से मेयर टिकट का दावेदार है।

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मेयर सीट सामान्य होने के बाद इन चेहरों पर खेला जा सकता है दांव

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। मेयर सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है और इस सीट पर यदि इसके जनरल इतिहास को देखे तो यहां तीन बार वैश्य और एक बार ब्राह्मण चेहरे को मौका मिला है। यहां से वैश्य वर्ग स्व. डीसी गर्ग दो बार मेयर रहे। स्व. दमयंती गोयल जनरल महिला सीट पर भाजपा के टिकट पर मेयर निवार्चित हुई। सामान्य महिला वर्ग सीट आरक्षित होने पर आशा शर्मा मेयर चुनी गई और अगले मेयर के चयन तक वो मेयर है। यहां पर वैश्य वर्ग की भागीदारी मजबूत मानी जाती है और वैश्य समाज को शुरू से भाजपा का परंपरागत वोटर माना जाता है। यदि यहां पर वैश्य चेहरों की मेयर दावेदारी की बात करेंगे तो यहां ये चेहरे मेयर पद के लिए सामान्य सीट पर स्पेशल दावेदार हो सकते है।
मयंक गोयल की दावेदारी और उनकी पार्टी के प्रति वफादारी

(करंट क्राइम)। मयंक गोयल भाजपा का वो चेहरा है जो बाल्य काल से संघ संस्कारों से जुड़ा है तो पार्टी के लिए हर प्लेटफार्म पर उन्होंने मेहनत की। पूरा परिवार संघ पृष्ठभूमि से है। उनकी माता स्व. दमयंती गोयल गाजियाबाद की प्रथम महिला मेयर रही है। एक कार्यकर्ता के रूप में मयंक गोयल की पार्टी के प्रति वफादारी और उनकी कार्यशैली में जिम्मेदारी अलग ही दिखाई देती है। मौजूदा समय में संगठन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष है। मेयर पद के लिए दावेदारी में नाम है और इससे पहले वह विधानसभा चुनाव के लिए प्रबल दावेदारी कर चुके है। कोरोना काल में मयंक गोयल विशेष रूप से जरूरतमंद लोगों की मदद की थी। भाजपा कार्यकर्ता के रूप में गैर विवादित चेहरा है वेदप्रकाश गर्ग

(करंट क्राइम)। भाजपा की राजनीति का जिक्र गाजियाबाद में वेद प्रकाश गर्ग खादी वालो के बिना अधूरा है। उनका नाम यहां किसी परिचय की जरूरत नहीं रखता। एक ऐसे भाजपाई जो विपक्षी सरकारों में अपनी जेब में भाजपा कार्यकर्ता वाला विजिटिंग कार्ड रखकर गर्व से अपना भाजपा परिचय देते थे। आज सरकार है तो बेहद विनम्र अंदाज और सौम्य व्यवहार के साथ संगठन के कामों को देखते है। महानगर उपाध्यक्ष रहे है और सहयोग आजीवन निधि का प्रभार है। पीढ़ी दर पीढ़ी ये परिवार भाजपाई है और सबसे बड़ी बात ये है कि वेद प्रकाश गर्ग और उनका परिवार सभी के सुख-दुख में शामिल होता है।
विधानसभा की दावेदारी के बाद मेयर दावेदारी में पवन गोयल

(करंट क्राइम)। भाजपा के वैश्य चेहरों की बात करें तो यहां पवन गोयल के जिक्र के बिना ये बात अधूरी है। सबसे युवा निगम पार्षद रहे है। जीडीए बोर्ड सदस्य है और एक्टिव राजनीति करते है। भाजपा का पुराना चेहरा है और लाइफ टाइम भाजपाई है। राजनीति के क्षेत्र में संबंधों की एक मजबूत चेन है। विधानसभा चुनाव में प्रबल दावेदार रहे है और मेयर चुनाव में दावेदारी के लिए वैश्य चेहरों में पवन गोयल का भी नाम है। कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल है और वैश्य समाज की भागीदारी में पवन गोयल का नाम मेयर दावेदारी में आता है। एक ऐसा चेहरा जो पार्टी के सभी आयामों और बैठकों में नजर आता है।
सेवा और समर्पण के बेस पर ललित जायसवाल भी मेयर उम्मीदवारी का फेस

(करंट क्राइम)। ललित जायसवाल सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन है और लगातार समाज सेवा में एक्टिव रहते है। भाजपा के ऐसे कार्यकर्ता है जो बेहद खामोशी से लेकिन पूरे समर्पण के साथ काम करते है। ललित जायसवाल वैश्य समाज का सौम्य चेहरा है। राजनीति में जब दावेदारी की बात चलेगी और यहां सौम्यता के साथ योग्यता की बात होगी तो ललित जायसवाल पर्दे के पीछे के बड़े खिलाड़ी है। सामाजिक, साहित्यक, सास्कृतिक गतिविधियों में अव्वल रहते है। हमेशा महानगर को कुछ नया और सकारात्मक देने का उनका प्रयास रहता है। योग दिवस से लेकर मतदाता मेले तक उनका विजन दिखाई देता है। सेवा और समर्पण के बेस पर ललित जायसवाल भी उम्मीदवारी का फेस हो सकते है।
निगम के पुराने खिलाड़ी विजय मोहन को देगी पार्टी यह मौका

(करंट क्राइम)। राजनीति में अगर सिद्धांतों की बात करें तो यहां पूर्व निगम पार्षद, पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय मोहन का नाम आता है। एक ऐसे व्यक्ति जिन्होंने वार्ड महिला आरक्षित होने पर सिबंल वापस किया और चुनाव लड़ने से इंकार किया। पार्टी ने जब उन्हें कोई सरकारी जिम्मेदारी दी तो वापस लौटाई और संगठन में काम करने की इच्छा जताई। भाजपा की भगवा गढ़ राजनीति के पुराने खिलाड़ी है। यदि पार्टी यहां मेयर दावेदारों की बात करती है तो विजय मोहन के नाम को इग्नोर नहीं किया जा सकता। ईमानदार छवि और निगम एक्ट के गहरे जानकार है। वैश्य समाज में मजबूत पकड़ मानी जाती है।
संजीव गुप्ता की मेयर दावेदारी बनती है भगवा गढ़ की सियासत में

(करंट क्राइम)। संजीव गुप्ता वैश्य समाज का वो चेहरा है जो कारोबार से लेकर सियासत और समाज सेवा के हर सरोकार में नजर आता है। विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने दावेदारी की थी। सौम्य अंदाज में राजनीति करते है और कभी भी किसी के विरोध में कोई बात नहीं करते। भाजपा महानगर कोषाध्यक्ष है और मेयर चुनाव में वैश्य समाज से उनकी भी दावेदारी बनती है। तिरंगा यात्रा से लेकर पार्टी के हर आयाम में वो एक्टिव रहते है। वैश्य समाज का एक प्रतिष्ठित चेहरा है और मेयर चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार के लिए इस नाम से भी उम्मीद की जा सकती है।

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